गुजरात के छह सौ साल पुराने अ‍हमदाबाद शहर को विश्‍व में उस समय एक नई पहचान मिली जब यूनेस्को ने इसे वर्ल्ड हेरिटेज सिटी में शामिल कर लिया। यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज कमिटी के 41वें सेशन में इसे भारत के पहले वैश्विक धरोहर वाले शहर के रूप में मान्यता दी गई है।


606 साल पुराना शहर है अहमदाबादयूनेस्को में भारत की राजदूत व स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कम्बोज ने अपने ट्विटर हैंडल से खुशी जाहिर करते हुए कहा है यह घोषित करते हुए मैं बहुत खुश हूं कि यूनेस्को द्वारा अहमदाबाद को भारत का पहला विश्व धरोहर वाला शहर घोषित किया गया। गुजरात की 606 साल पुरानी सिटी अहमदाबाद अब विश्व धरोहर सिटी के नाम से जानी जाएगी। यूनेस्को की वल्र्ड हैरिटेज समिती द्वरा अहमदाबाद शहर को यह दर्जा दिया गया है। ईरान, फ्रांस जैसे दूसरे कई देशों के शहरों की लिस्ट जारी करते हुए यूनेस्को ने अहमदाबाद के नाम भी ऐलान किया। पूर्व मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने की थी शुरुआत
अहमदाबाद को वर्ल्ड हैरिटेज सिटी का दर्जा दिलाने के लिए वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुरुआत की थी। अहमदाबाद महानगर पालिका की ओर से करीब सात साल पहले 31 मार्च 2011 को यूनेस्को वर्ल्ड हैरिटेज सेंटर में अहमदाबाद को सांस्कृतिक शहरों की श्रेणी में वर्ल्ड हैरिटेज सिटी का दर्जा प्रदान करने के लिए आवेदन किया था। महानगर पालिका की ओर से पेश किए गए आवेदन में कई तकनीकी खामियां होने के चलते कई बार आवेदन को सुधार के लिए वापस लौटाया गया। इसका डोजियर तैयार करने का जिम्मा सेप्ट के पूर्व प्राध्यापक रविन्द्र वसावडा की अध्यक्षता में गठित समिति को सौंपा गया था।Interesting News inextlive from Interesting News Desk

Posted By: Prabha Punj Mishra