जब मेलाधिकारी को आया गुस्सा दे दी चेतावनी

2019-02-11T06:00:20Z

PRAYAGRAJ: बसंत पंचमी शाही स्नान पर्व के दौरान शाही स्नान को लेकर संत-महात्माओं ने जमकर हंगामा किया। अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा के अन्तर्गत आने वाले नारायण नगर खालसा के दर्जनों संत-महात्मा शाही स्नान के लिए सेक्टर सोलह की छावनी से निकले। उन्हें पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों ने बैरीकेडिंग के आगे नहीं बढ़ने दिया। इसकी बड़ी वजह यह रही कि खालसा को दोपहर 3.30 बजे शाही स्नान के लिए समय निर्धारित किया गया था। ालसा के संत-महात्मा दोपहर दो बजे ही छावनी के बाहर निकल पड़े थे। लेकिन जवानों ने उन्हें रोक दिया। इस पर संतों ने बैरीकेडिंग को तोड़ने का प्रयास किया। स्थिति नियंत्रण के बाहर होने लगी। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने पहले तो संतों को समझाने का प्रयास किया नहीं मानें तो उन्होंने जवानों को दो टूक कहा कि यदि निर्धारित समय से पहले खालसा निकले तो उनके खिलाफ कार्रवाई कीजिए।

एक घंटे तक चलता रहा हंगामा

नारायण नगर खालसा के तीन महामंडलेश्वर और एक दर्जन से अधिक संत-महात्मा दोपहर दो बजे ही छावनी के बाहर आकर खड़े हो गए। इसको देखते हुए पैरा मिलिट्री फोर्स के द्वारा सेक्टर सोलह की छावनी के चौराहे पर बैरीकेडिंग लगा दी गई थी। जैसे ही संत-महात्मा बैरीकेडिंग के पास पहुंचे जवानों ने उनसे अनुरोध किया कि अभी आपका समय नहीं आया है। इसलिए आप अपनी छावनी में वापस चले जाएं। इस पर संत आक्त्रोशित हो उठे और मेला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान बीच-बीच में बैरीकेडिंग को तोड़ने का प्रयास किया गया लेकिन जवानों ने उन्हें शाही स्नान के लिए नहीं जाने दिया।

तय समय पर ही निकले

मेलाधिकारी विजय किरण आनंद की चेतावनी का ही असर रहा कि खालसा के संत-महात्मा बैरीकेडिंग के पास दोपहर 3.30 बजे तक खड़े रहे। हालांकि किसी भी प्रकार के बवाल की आशंका को देखते हुए केन्द्रीय रिजर्व पुलिस की एक टुकड़ी को और तैनात कर दिया गया। प्रशासन की सख्ती की वजह से संत-महात्मा शांत रहे और तय समय के अनुसार संगम पर शाही स्नान के लिए रवाना हुए।


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