अक्षर विहार के सौन्दर्यीकरण को लगी नजर

2018-06-23T06:01:19Z

-एक साल बीता पार्क को संवारने का काम नहीं हो सका पूरा

- नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के हाथों शिलान्यास कराया था नगर निगम

BAREILLY:

अक्षर विहार एक वर्ष बाद भी मॉडर्न पार्क नहीं बन सका। जबकि, बफैलो पूल में तब्दील हो चुके अक्षर विहार के सौन्दर्यीकरण का कार्य वर्ष 2017 जून में ही शुरू किया गया था। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना के आगमन पर अधिकारियों ने आनन-फानन में काम तो शुरू करा दिया था, लेकिन नींव की खोदाई और झाडि़यां काटने के बाद मानों काम पर ग्रहण ही लग गया है। मजदूर कार्य तो कर रहे हैं, लेकिन काम दिख नहीं रहा है। पिछले एक वर्ष में न तो फूड कोर्ट की बिल्डिंग बन सकी और न ही पाथवे और न जॉगिंग ट्रैक का निर्माण ही हाे सका है।

20 फीसदी काम भी पूरा नहीं

2 जुलाई 2017 को एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना से अधिकारियों ने गांधी उद्यान और अक्षर विहार पार्क में सौंदर्यीकरण कार्यो का शिलान्यास करवा दिया। शुरुआत में एक-दो हफ्ते जिस तरह से काम हुआ उसे देख कर ऐसा लगा कि अधिक से अधिक 3 महीने में अक्षर विहार के सौंदर्यीकरण का कार्य पूरा हो जाएगा, लेकिन कुछ ही दिनों में नगर निगम के अधिकारियों के कार्य करने के तेवर ढीले पड़ गए। 5 दिन में काम को शुरू हुए एक वर्ष पूरा हो जाएगा। अभी तक अक्षर विहार पार्क के सौंदर्यीकरण का कार्य 20 फीसदी भी पूरा नहीं हो सका है।

21 वर्ष पहले बनाई गई थी लेक

बीडीए ने 21 वर्ष पहले लेक बनाई थी। उस समय एक करोड़ रुपए से अधिक का खर्च आया था। वर्ष 2008 में तत्कालीन मेयर रही सुप्रिया ऐरन ने अक्षर विहार को संवारने का काम किया था, लेकिन तब से लेकर आज तक पार्क पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। 10 वर्ष बाद सौंदर्यीकरण का कार्य दोबारा शुरू भी हुआ तो वह भी आगे नहीं बढ़ रहा है। नतीजा यह है आज भी अक्षर विहार में हर रोज दर्जनों भैंसे आकर नहा रही हैं, जो पानी में ही मल मूत्र कर गंदगी फैला रही है।

अक्षर विहार एक नजर

- 1997 में बीडीए ने बनाई लेक।

- 1.5 करोड़ रुपए का बजट हुआ खर्च।

- 2008 में में मेयर सुप्रिया ऐरन ने संवारा।

- 2 लाख रुपए लगा था रेनोवेशन बजट

- 50 करोड़ रुपए है लेक की वर्तमान कीमत।

- 1.5 हजार स्क्वॉयर मीटर है क्षेत्रफल।

- 28 जून 2017 में फिर संवारने की कवायद हुई शुरू।

- 1.25 करोड़ रुपए से बनना है मॉडनर्1 पार्क।

यह होने हैं काम

- आउटडोर जिम

- फूड कोर्ट

- स्प्रिंकलर सिस्टम

- प्ले एरिया

- गजेबो, लैंप पोस्ट

- सेग्रेटेड गार्बेज बीन्स

- पाथवे, जॉगिंग ट्रैक

- पब्लिक कन्विनिएंस

फूड कोर्ट, पब्लिक यूटिलिटी के काम पूरा हो चुका है। फिनिशिंग का काम चल रहा है। 15-20 दिन में सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो जाएगा।

सुशील कुमार सक्सेना, एई, लोक निर्माण, नगर निगम


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