मौसम चक्रवात कमजोर फिर भी तटीय इलाकों में खतरा बरकरार पूर्वोत्तर में भारी बारिश

2018-10-13T07:01:31Z

बंगाल की खाड़ी में चक्रवात फिलहाल कमजोर पड़ गया है लेकिन लो प्रेशर बने रहने के कारण खतरा दोबारा आ सकता है। मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सलाह दी है।

बिहार, बंगाल आैर पूर्वोत्तर के इलाकों में भारी बारिश
कानपुर।
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात के कारण बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा आैर अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की आशंका बनी हुर्इ है। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात तितली आेड़िशा आैर आंध्र प्रदेश के तट पर टकराने के बाद अब कमजोर पड़ गया है। हालांकि अब भी समुद्र में लो प्रेशर बने होने के कारण अगले 12 घंटों के दौरान चक्रवात की आशंका बनी हुर्इ है। भारतीय मौसम विभाग ने पूर्व के तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न उतरने की सलाह दी है। इधर अरब सागर में लुबान चक्रवात के कारण अदन की खाड़ी में हलचल रहने की आशंका है। इसी वजह से केरल आैर तटीय इलाकों में मछुआरों को समुद्र में न उतरने की चेतावनी दी गर्इ है।

आंधी-तूफान आैर बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त
शुक्रवार को अरब सागर आैर बंगाल की खाड़ी में चक्रवात के असर से उत्तराखंड, आेड़िशा, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, झारखंड, अंडमन निकोबार द्वीप समूह, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, असम, मेघालय, छत्तीसगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली आैर तटीय आंध्र प्रदेश में कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश हुर्इ। एक दिन पहले सौराष्ट्र आैर कच्छ स्थित सुरेंद्र नगर देश का सबसे गर्म स्थान रहा, यहां 39.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकाॅर्ड किया गया। देश में न्यूनतम तापमान हरियाणा में हिसार का रहा, यहां 14.4 डिग्री तापमान रिकाॅर्ड किया गया।



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