सपा विधायक जवाहर पंडित हत्याकांड में करवरिया बंधुओं को आजीवन कैद

Updated Date: Tue, 05 Nov 2019 11:14 AM (IST)

बहुप्रतीक्षित सपा विधायक जवाहर यादव 'पंडित' हत्याकांड का फैसला आखिरकार सोमवार को आ ही गया। इस मामले में तीनों भाइयों के साथ चचेरे भाई को सजा सुनायी गयी है। प्रत्येक को 1.80 लाख रुपये जुर्माना भरना होगा।


प्रयागराज (ब्यूरो)। पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया और उनके चचेरे भाई रामचंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू को कोर्ट ने आजीवन सश्रम कठोर कारावास की सजा सुनाई है। चारों अभियुक्तों पर कोर्ट ने 1.80 लाख रुपये प्रत्येक के हिसाब से जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने फैसले में प्रत्येक सजा की धारा के साथ जुर्माना की राशि मेंशन करते हुए भुगतान न करने पर अतिरिक्त सजा कितनी भुगतनी होगी, यह भी तय कर दिया है। यह फैसला अपर जिला जज बद्री विशाल पांडेय द्वारा शाम चार बजे के बाद सुनाया गया। फैसला जानने के लिए अधिवक्ताओं से लेकर करवरिया ब्रदर्स के समर्थक सुबह से ही उत्सुक रहे।बहस से सजा तक का सफर- सिविल लाइंस में शाम करीब सात बजे 31 अगस्त, 1996 को जवाहर पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
- हाईप्रोफाइल यह मर्डर केस कोर्ट में पहुंचा तो सुनवाई शुरू हुई।- इस हत्याकांड की सुनवाई 23 वर्ष बाद 18 अगस्त को पूरी हुई थी।- अभियोजन की तरफ से 18 तो बचाव पक्ष की ओर से 156 गवाह कोर्ट में पेश किए गए।


- केस में 31 अगस्त को कोर्ट ने मामले के आरोपित पूर्व सांसद कपिल मुनि करवरिया, पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया और रामचंद्र त्रिपाठी उर्फ कल्लू को दोष सिद्ध किया था।- कुल 224 पेज के आदेश आदेश में सजा के लिए 4 नवंबर की डेट फिक्स की गई थी।- 4 नवंबर यानी सोमवार को कोर्ट में सजा के बिन्दु पर दोपहर बार सुनवाई हुई।- सुनवाई के बाद कोर्ट ने चारों आरोपितों को आजीवन कारावास की सुजा सुनाते हुए जुर्माने से दण्डित किया।- अलग-अलग धाराओं में लगाए गए जुर्माने की रकम अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास की सजा भी सुनाई गई है।- सजा के बिन्दु पर दिया गया फैसला कुल तीन पेज का रहा।- इस तरह जवाहर पंडित हत्याकांड में दोष सिद्ध होने से लेकर सजा तक फैसला कुल 227 पेज का रहा।धारावार सजा व जुर्माना- धारा 302/149 आईपीसी प्रत्येक अभियुक्त को आजीवन सश्रम कारावास व एक-एक लाख रुपये का जुर्माना, जुर्माना न अदा करने पर 2-2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास- धारा 307/149 आईपीसी प्रत्येक अभियुक्त को 10-10 वर्ष का कठोर कारावास व 50-50 हजार रुपये का जुर्माना, जुर्माना अदा न करने एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास

- धारा 147 आईपीसी में प्रत्येक अभियुक्त को 2-2 वर्ष का कारावास व 10-10 हजार रुपये का जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर 3-3 माह का अतिरिक्त कारावास- धारा 148 आईपीसी में प्रत्येक को 3-3 वर्ष का कारावास व 20-20 हजार रुपये का जुर्माना, जुर्माना अदा न करने पर 6-6 माह का अतिरिक्त कारावास- धारा 7- क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट में 6-6 माह के कारावास की सजा सुनाई गई है- इस तरह चारों दोष सिद्ध आरोपितों को आजीवन कारावास के साथ कुल सात लाख 20 हजार रुपये के जुर्माने से दण्डित किया गया- फैसले में कोर्ट ने कहा है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और जेल में बिताई गई अवधि को समायोजित किया जाएगापैरवी से हटाए गए थे आरपी सिंहइस चर्चित मर्डर केस के मुकदमे में पूर्व में सीबीसीआईडी के अभियेाजन अधिकारी व विशेष शासकीय अधिवक्ता आरपी सिंह सरकार का पक्ष पेश कर रहे थे। बाद में एक अभियुक्त के विरोध पर आरपी सिंह को शासन ने हटा दिया था।फैसला देखने के लिए तरसे डीजीसी जवाहर पंडित मर्डर केस का फैसला आने के बाद जिला शासकीय अधिवक्ता गुलाबचंद्र अग्रहरि करीब 5 बजे कोर्ट कार्यालय पहुंचे। वह फैसले की प्रति पर एक नजर डालना चाह रहे थे। किन्तु कर्मचारी फैसले की नकल आरोपितों को देने के बाद मूल फाइल लेकर जा चुके थे। टाइम लाइन
- 2.30 बजे दिन में करवरिया बंधु चचेरे भाई के साथ कोर्ट लाए गए- 3 बजे के करीब कोर्ट में सजा के बिन्दु पर सुनवाई शुरू हुई - 4.10 बजे कोर्ट ने दोषसिद्ध चारों आरोपितों को सजा सुनाई- 227 पेज में सुनवाई से लेकर आदेश तक का विवरण प्रस्तुत किया गया- 18 दिनों तक कोर्ट में दोष सिद्ध से लेकर सजा होने तक चली बहस व सुनवाई- 23 वर्ष दो माह 21 दिन का सफर पूरा करने के बाद मुकदमे में आया फैसलाअभियुक्त कब भुगतेंगे अतिरिक्त कारावासकोर्ट ने चारों अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाने के बाद जुर्माना न अदा करने पर अतिरिक्त कारावास का सजा सुनाया है। यह बात जब बाहर खड़े लोगों को पता चली तो वह भौचक रह गए। चर्चा होने लगीं कि जब अभियुक्त आजीवन कारावास की सजा भुगतेंगे। तो जुर्माना न देने पर अतिरिक्त कारावास की सजा वे कब और कैसे काटेंगे।prayagraj@inext.co.in

Posted By: Inextlive Desk
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.