मुकदमे से ही तय होगा करवरिया ब्रदर्स का भविष्य

2019-07-20T06:00:09Z

हाई कोर्ट ने खारिज की राज्य सरकार व उदयभान की याचिका

prayahraj@inext.co.in

करवरिया ब्रदर्स जेल से बाहर कब आएंगे यह जवाहर पंडित हत्याकांड का फैसला आने के बाद ही तय होगा। राज्य सरकार द्वारा जनहित में मुकदमा वापस लिये जाने के आदेश को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के बाद अब हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया है। शुक्रवार को चीफ जस्टिस गोविंद माथुर ने लोअर कोर्ट के फैसले को सही करार देते हुए अपने आदेश में कहा कि इसमें न तो कोई जनहित इनवाल्व है और न ही यह नीतिगत मामला है।

लोअर कोर्ट का फैसला सही

आदेश में कोर्ट ने कहा कि अभियोजक ने जल्दबाजी में बिना विवेक का इस्तेमाल किए मुकदमा वापसी की कार्रवाई कराई है। अपर जिला न्यायाधीश प्रयागराज ने सभी तथ्यों व पत्रावली पर विचार करके आदेश दिया है। सरकार के मुकदमा वापसी के निर्णय में कोई जनहित व नीतिगत मुद्दा नहीं है। कोर्ट के आदेश से जेल में बंद करवरिया बंधु पूर्व सांसद कपिलमुनि करवरिया, पूर्व विधायक उदयभान करवरिया, पूर्व एमएलसी सूरजभान करवरिया व अन्य की दिक्कत बढ़ सकती है।

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1996 में हुई थी जवाहर पंडित की हत्या

सिविल लाइंस में 13 अगस्त 1996 को जवाहर पंडित की हत्या की गई थी। इसमें कपिलमुनि करवरिया, उदयभान करवरिया व सूरजभान करवरिया सहित अन्य के खिलाफ केस चल रहा है। इसी केस में तीनों इन दिनों नैनी जेल में बंद हैं। प्रयागराज की जिला अदालत ने रज्च्य सरकार द्वारा मुकदमा वापस लेने के फैसले को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया था। इसके बाद रज्च्य सरकार व पूर्व विधायक उदयभान करवरिया ने मुकदमा वापसी के लिए हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, लेकिन यहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी।


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