तम्बू कनात लगाकर खुले में नहीं हो सकती परीक्षा

2018-11-20T06:00:04Z

इलाहाबाद राज्य विवि ने सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाओं के लिए सख्त किए नियम

02 घंटे के भीतर उत्तर पुस्तिकाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संग्रहण केन्द्र पर होंगी जमा

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: इलाहाबाद राज्य विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर या वार्षिक परीक्षाओं के सकुशल संचालन के लिए नियम सख्त कर दिए हैं। विवि द्वारा दिसम्बर माह में सेमेस्टर एग्जाम का आयोजन किया जाना है। उससे पहले कुछ ऐसे खास नियम बनाए गए हैं, जिनकी जानकारी महाविद्यालयों के लिए आवश्यक है।

अलग-अलग होगा शौचालय

राज्य विवि ने साफ कर दिया है कि जहां परीक्षाएं संचालित की जाएंगी। वहां छात्र एवं छात्राओं के लिए अलग अलग शौचालय होना अनिवार्य है। शुद्ध पेयजल की भी व्यवस्था किए जाने की बात अनिवार्य रूप से किए जाने की बात कही गई है। परीक्षा केन्द्रों के लिए सख्ती से यह बात लागू की गई है कि कोई भी परीक्षा तम्बू कनात लगाकर या खुले में नहीं होनी चाहिए। अन्यथा ऐसे महाविद्यालयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि जिस प्रबंध तंत्र के अधीन महाविद्यालयों को परीक्षा केन्द्र बनाया गया है। वहीं के अध्यापकों की कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी।

नहीं होंगे प्रबंध समिति के लोग

- परीक्षा केन्द्र बनने वाले महाविद्यालयों में विद्युत की आबाध आपूर्ति की व्यवस्था होनी चाहिए। यहां वैकल्पिक रूप से जनरेटर भी अनिवार्य है।

- एक ही प्रबंधक के अधीन संचालित कई महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं की परीक्षा उसी के अधीन महाविद्यालयों में नहीं होगी।

- यही नहीं अलग अलग महाविद्यालयों के प्रबंध तंत्र आपस में पारस्परिक आधार पर सहमति बनाकर एक दूसरे के छात्रों के लिए परीक्षा केन्द्र नहीं बना सकते।

- महाविद्यालय के प्राचार्य यदि डिबार नहीं हैं तो उन्हें केन्द्राध्यक्ष बनाया जाएगा। लेकिन यदि डिबार हैं तो वाह्य केन्द्राध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी।

- परीक्षा के दौरान 200 मीटर तक प्रबंध समिति अथवा अन्य व्यक्ति जो परीक्षा कार्य से संबंधित नहीं हैं, उन्हें प्रवेश न दिया जाए।

- परीक्षा समाप्ति के 02 घंटे के भीतर उत्तर पुस्तिकाएं सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में संबंधित जिले में शासकीय महाविद्यालयों के संग्रहण केन्द्र पर जमा कर दी जाएं।

वर्जन

किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर विवि द्वारा सख्त कार्रवाई होगी। वहीं सामूहिक नकल में आरोपित होने पर महाविद्यालय के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई या एफआईआर दर्ज होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होगी।

-डॉ। विनीता यादव, परीक्षा नियंत्रक, इलाहाबाद राज्य विवि


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