संगम की रेती पर कलाओं का संगम

2019-02-28T06:01:11Z

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी समेत विभिन्न स्कूलों के स्टूडेंट्स ले रहे हैं मूर्तिकला की ट्रेनिंग

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PRAYAGRAJ: मूर्तिकारी की कला अपने आप में अनोखी है। सालों से यह कला और इसकी कलात्मकता लोगों के आकर्षण का केन्द्र बनी हुई है। कुम्भ मेला क्षेत्र के सेक्टर 19 अरैल स्थित संस्कृति विभाग के कलाकुम्भ शिविर में मूर्तिकला वर्कशाप का आयोजन किया जा रहा है। राज्य ललित कला अकादमी की ओर से आयोजित वर्कशॉप में फेमस मूर्तिकार डा। नगीना राम स्टूडेंट्स को मूर्तिकला की बारीकियों का प्रशिक्षण दे रहे है। इसमें टीआरपी स्कूल, नैनी, राधारानी स्कूल, डीपीएस, के साथ ही इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के लगभग डेढ़ सौ स्टूडेंट्स बारीकियों से रूबरू हो रहे है। वर्कशॉप का संयोजन सचिव डॉक्टर यशवंत प्रताप सिंह राठौर कर रहे हैं।

प्रस्तुतियों ने बांधा समां

शहर में बनाए गए विभिन्न सांस्कृतिक मंचों पर कलाकारों की प्रस्तुतियों ने बुधवार को अलग ही रंग बिखेरा। किला चौराहे, अक्षयवट मंच और भारद्वाज मंच के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर मध्यप्रदेश की कलाकार ममता डेहरिया ने लोक नृत्य प्रस्तुत किये। मथुरा के कलाकार दिनेश ने भी लोक नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। केपी इंटर कॉलेज कला-मंच, लेप्रोसी मिशन चौराहे और सरस्वती घाट-नैनी ब्रिज के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर लखनऊ की कलाकार अर्चना शर्मा ने लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। वहीं बांदा की गायिका शोभा अवस्थी ने बुंदेलखंडी लोक गीत गा कर समां बांध दिया। संस्कृति ग्राम चौराहे, अरैल सेक्टर 19 और वल्लभाचार्य मोड़ के निकट स्थित सांस्कृतिक मंचों पर आज मध्यप्रदेश के कलाकार मोहन लाल जैसल ने लोक नृत्य का कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इसके जवाब गाजीपुर के लोक कलाकार आलोक भारती ने भी लोक नृत्य प्रस्तुत करके दिया।


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