अध्यक्ष महामंत्री व उपमंत्री कर रहे उपद्रव

2019-02-02T06:00:28Z

पुलिस को खुली छूट, कहा रजनीकांत ने मानसिक प्रताड़ना से की आत्महत्या

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PRAYAGRAJ: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन ने एक बार फिर कैम्पस में पुलिस बल को प्रवेश की खुली छूट दे दी है। कमिश्नर, डीएम और एसएसपी को पत्र लिखकर सूचित कर दिया गया है। इससे पहले एयू एडमिनिस्ट्रेशन ने छात्रसंघ उपाध्यक्ष अखिलेश यादव की मांग पर 11 जनवरी को कैम्पस में पुलिस के सीधे प्रवेश पर बैन लगा दिया था। इसी के साथ विवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो। आरएस दुबे और डीएसडब्ल्यू प्रो। हर्ष कुमार ने छात्रसंघ अध्यक्ष उदय प्रकाश यादव, महामंत्री शिवम सिंह, उपमंत्री सत्यम सिंह, अतेन्द्र सिंह, संदीप वर्मा आदि के खिलाफ पत्र में कहा है कि ये लोग मानसिक रुप से प्रताडि़त होकर आत्महत्या करने वाले छात्र रजनीकांत यादव की मौत के बाद अशांती व उपद्रव कर रहे हैं। इन्हें रोकने के लिए कैम्पस में पुलिस बल तैनात करने की मांग की गई है।

संरक्षकों की जान बचाने की गुहार

पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को एक अन्य पत्र लिखकर प्रॉक्टर व डीएसडब्ल्यू ने छात्रावास अधीक्षकों और संरक्षकों की जान बचाने की गुहार लगाई है। कहा गया है कि हास्टल में अवैध कब्जे से परेशान छात्र रोजाना आत्महत्या की धमकी दे रहे हैं। जिससे छात्रावास अधीक्षकों और संरक्षकों को फंसने का भय सता रहा है। उधर, छात्रसंघ की अगुवाई में छात्रों ने डीएसडब्ल्यू ऑफिस के समीप क्रमिक अनशन की शुरुआत कर दी है। महामंत्री शिवम सिंह का कहना है कि कुलपति को विवि प्रशासन की लापरवाही से सुसाइड करने वाले छात्र को न्याय दिलाना होगा। शिवम ने विवि प्रशासन को असंवेदनशील बताते हुए कहा कि विवि में छात्र की मौत पर एक श्रद्धांजलि सभा तक का आयोजन नहीं किया गया।

शिकायत पर कार्रवाई तो चुप नहीं बैठेंगे

इलाहाबाद विश्वविद्यालय अध्यापक संघ और इविवि संघटक महाविद्यालय शिक्षक संघ की ओर से कुलपति के समर्थन में विस्तृत पत्र राष्ट्रपति को भेज दिया गया है। शुक्रवार को आटा और ऑक्टा की संयुक्त बैठक ईश्वर शरण पीजी कॉलेज में आयोजित हुई। इसमें तय किया गया कि दिल्ली चलकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलकर बात रखनी चाहिए। ऑक्टा अध्यक्ष डॉ। एसपी सिंह ने कहा कि कुत्सित मानसिकता और अनैतिक लोगों की शिकायतों पर यदि कार्यवाही की जाती है तो हम चुप नहीं बैठेंगे। आक्टा महासचिव डॉ। उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि सरकारों के हस्तक्षेप के कारण विवि की गुणवत्ता पर असर पड़ा है। प्रो। हर्ष कुमार ने कहा कि मठाधीशो के कारण विवि की यह स्थिति आई है। डॉ। अनुपम आनंद ने कहा कि हमें राष्ट्रपति और अन्य मंत्रियों से मिलने तथा सांसदों का घेराव करने के लिए रणनीति बनानी होगी।


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