पहले ही अटेम्प्ट में चौथा स्थान

2017-06-01T07:40:33Z

UPSC 2016 के फाइनल रिजल्ट में इलाहाबादी सौम्या पांडेय को मिली कामयाबी

सौम्या बोली, लगन और मेहनत के बूते पाया मुकाम

UPPCS 2017 का भी दिया है मेंस

ALLAHABAD: वेडनसडे को आये सिविल सर्विसेस 2016 के फाइनल रिजल्ट में इलाहाबाद की रहने वाली सौम्या पांडेय ने देशभर में चौथी पोजीशन सिक्योर किया है। सौम्या की सफलता ने परिवार के साथ इलाहाबादियों का सीना एक बार फिर गर्व से चौड़ा कर दिया है। इलाहाबाद को बरसो बाद ऐसी झन्नाटेदार सफलता हासिल हुई है। इससे पहले वर्ष 2009 के परीक्षा परिणाम में अल्लापुर की ईवा सहाय को तीसरा स्थान प्राप्त हुआ था।

मां ही मोटिवेटर और टीचर

हाशिमपुर रोड पर स्थित सुशीला नर्सिग में अपनी मां डॉ। साधना पांडेय और पिता डॉ। आरके पांडेय के साथ मौजूद सौम्या चौथी रैंक मिलने की जानकारी होने के बाद खुशी से चहकती नजर आई। सौम्या ने दैनिक जागरण आई नेक्स्ट से हुई बातचीत में बताया कि वो एमएनएनआईटी इलाहाबाद की गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इसके अलावा वे हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के एग्जाम में डिस्ट्रिक टॉपर भी रही हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां को दिया और कहा कि वो ही उनकी मोटिवेटर और टीचर रही हैं। सौम्या ने कहा कि उनकी सफलता का पूरा श्रेय उनकी मां को ही जाता है। सिविल सर्विसेस में बरसों बाद इलाहाबाद का डंका बजाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि इलाहाबाद से आईएएस नहीं निकल सकते।

एमएनएनआईटी की गोल्ड मेडलिस्ट, हाईस्कूल और इंटर की डिस्ट्रिक टॉपर

उन्होंने कहा कि परीक्षा की तैयारी के लिये यहां अच्छा माहौल है। अगर लगन हो और मेहनत करने का जज्बा हो तो सफलता पाना आसान है। सौम्या ने बताया कि उन्हें यह सफलता पहले ही प्रयास में हासिल हुई है। 23 साल की सौम्या ने साल 2015 में एमएनएनआईटी से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग किया। उन्होंने आर्मी स्कूल इलाहाबाद से हाईस्कूल में 98 फीसदी तथा एपीएस स्कूल से 12वीं में 97.4 फीसदी अंक हासिल किया था। उन्हें कथक नृत्य में राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार हासिल हुआ है। इसके अलावा उन्हें बास्केटबाल खेलना पसंद है। सौम्या की मां डॉ। साधना स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ हैं। जबकि पिता का एचआईएमटी नाम से कंप्यूटर इंस्टीट्यूट है। वे अपने माता पिता की एकलौती संतान हैं।

इविवि में प्रोफेसर की बेटी थी ईवा

ईवा सहाय करेंट में उत्तराखंड में सीडीओ के पद पर तैनात हैं। उनके पिता इलाहाबाद यूनिवर्सिटी में एंथ्रोपोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर थे। साल 2009 में ईवा की सफलता की जानकारी मिलने के बाद इलाहाबाद में जश्न का माहौल था। इसके बाद यह दूसरा मौका है जब वर्ष 2017 में इलाहाबाद को सिविल सर्विसेस के परीक्षा परिणाम में इतनी बड़ी सफलता मिली है।


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