वेस्‍टइंडीज के खिलाफ वनडे टीम का एलान जानें टीम की खूबियां और खामियां

2013-11-13T12:15:00Z

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कुछ ही दिनों पहले खेली गई वनडे सीरीज में भारतीय टीम ने कई इतिहास रचे वो एक ऐसी सीरीज रही जिसने युवा भारतीय बल्लेबाजी क्रम की ताकत को दुनिया के सामने रखा और हर बड़ा स्कोर भी छोटा सा लगने लगा लेकिन ठीक उसके उलट गेंदबाजों ने बेहद निराश किया बल्लेबाजों ने गेंदबाजों के खराब प्रदर्शन को काफी हद तक छुपा तो लिया लेकिन ऐसी गेंदबाजी को कोई नजरअंदाज भी करता तो कैसे शायद तभी जब वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज के लिए टीम चुनी गई तो इस सेलेक्शन में भी चयनकर्ताओं ने गेंदबाजों पर नजरें ज्यादा दौड़ाईं

इशांत और विनय की छुट्टी
वेस्टइंडीज के खिलाफ होने वाली तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया गया जिसमें इशांत शर्मा और विनय कुमार की छुट्टी कर दी गई है. जबकि धवल कुलकर्णी को पहला मौका देने का फैसला किया गया और एक बार फिर हरियाणा के तेज गेंदबाज मोहित शर्मा को नीली जर्सी पहनने का मौका मिलेगा. आखिर क्या हैं इस टीम की खूबियां और कमजोरियां, आइए जानते हैं.

खामियां:
1- टीम का मिडिल ऑर्डर
इस टीम में सबसे बड़ी कमजोरी जो नजर आ रही है वो है टीम का मिडिल ऑर्डर. ऑस्ट्रेलिया सीरीज के दौरान एक बात जो सबसे अहम रही वह यह थी कि जो ऐतिहासिक जीतें हमनें हासिल कीं वह सभी ऊपर के 3-4 बल्लेबाजों की ही देन थी. मध्यक्रम में युवराज सिंह और सुरेश रैना, दोनों हैं तो धाकड़ बल्लेबाज लेकिन फिलहाल इनका बल्ला बिल्कुल फुस्स हुआ सा लगता है. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में युवराज सिंह ने अपने करियर में एक वनडे सीरीज का सबसे खराब प्रदर्शन किया. उन्होंने चार पारियों में महज 19 रन ही बनाए और उनका सर्वाधिक स्कोर 12 रन रहा. इसके अलावा सुरेश रैना भी उनके स्तर के मुताबिक मुताबिक प्रदर्शन करते नजर नहीं आए.
2- अनुभवी गेंदबाज की कमी
टीम की एक दूसरी कमजोरी होगी अनुभवी गेंदबाज की कमी. जहीर खान का टीम से बाहर रहना और अब इशांत शर्मा के खराब फॉर्म के बाद उनको भी बाहर कर देने से गेंदबाजी लाइन अप में कोई ऐसा गेंदबाज बाकी नहीं रह गया जो आगे से लीड कर सके. धवल कुलकर्णी जहां इस सीरीज में डेब्यू करेंगे, वहीं, भुवनेश्वर कुमार, मोहित शर्मा, जयदेव उनादकट और मोहम्मद शमी जैसे तेज गेंदबाजों पर जिम्मेदारी होगी कि वह अपने कप्तान का काम आसान करें, वो भी सिर्फ अपने थोड़े-बहुत हासिल किए हुए अनुभव से.
खूबियां:
1- बल्लेबाजी क्रम के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं
बेशक इस टीम में कुछ छोटी-मोटी खामियां हैं लेकिन इस टीम की खूबियां व ताकत इतनी मजबूत है कि वे कमजोरियों को छुपाने व वेस्टइंडीज को बैकफुट पर ढकेलने का काम बखूबी कर सकती हैं. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने दो बार 350 से ऊपर के विशाल लक्ष्य को हासिल करके दिखा दिया कि उनके बल्लेबाजी क्रम के लिए कुछ भी नामुमकिन नहीं है. ऊपर के तीन बल्लेबाज (शिखर धवन, रोहित शर्मा और विराट कोहली) इन दिनों गजब के फॉर्म में हैं और इन्हें रोकना किसी भी टीम, किसी भी गेंदबाज के बस की बात नजर नहीं आ रही. इसके अलावा अब अंतरराष्ट्रीय टीम में रवींद्र जडेजा की वापसी भी हो जाएगी, जिनको कुछ दिन का आराम दिया गया था.
2- जडेजा की मौजूदगी टीम व कप्तान को ट्रंप कार्ड
जडेजा की मौजूदगी टीम व कप्तान को एक ऐसा ट्रंप कार्ड देता है जो जरूरत के समय हमेशा काम आता नजर आया है. इसके अलावा कोलकाता टेस्ट में अश्विन ने अपना जो ऑलराउंडर रूप दिखाया, वो वेस्टइंडीज के गेंदबाजों व बल्लेबाजों में खौफ पैदा करने के लिए काफी होगा, और फिलहाल वह विश्व ऑलराउंडर रैंकिंग में नंबर वन पर पहुंचने का रुतबा भी हासिल कर चुके हैं. इसके अलावा थोड़ी बहुत जो कसर बाकी रहेगी वो मोहम्मद शमी पूरा कर सकते हैं, जिन्होंने कोलकाता टेस्ट में 9 विकेट लेकर अपने करियर का शानदार आगाज किया. उनके फॉर्म से वेस्टइंडीज वाकिफ है और टीम इंडिया के लिए यह गेंदबाज एक मजबूत कड़ी साबित हो सकता है. उधर, दूसरी तरफ हरियाणा की तरफ से रणजी खेल रहे मोहित शर्मा ने पिछले दो रणजी मैचों में सात विकेट झटके हैं जिसमें लाहिली में खेला गया सचिन तेंदुलकर का आखिरी रणजी मैच का खास विकेट भी शामिल रहा. इसी मैच में धवल कुलकर्णी ने भी 3 विकेट झटके थे.



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