अंकिता के हौसले को सलाम

2019-02-09T06:00:07Z

- जिला स्कूल छपरा में इंटर की परीक्षा दे रही है अंकिता

- दोनों हाथ से लाचार अंकिता पैर से लिख रही परीक्षा में

CHAPRA/PATNA: दिल में अगर कुछ कर गुजरने की तमन्ना हो तो तमाम बाधाओं के बावजूद इंसान अपनी मंजिल को पा ही लेता है। इस कहावत को सच कर दिखाया है सारण की बेटी अंकिता ने। उसके दोनों हाथ पोलियो ग्रस्त हैं। फलस्वरूप अंकिता अपने दोनों पैरों से ही लिखकर इंटरमीडिएट की परीक्षा दे रही है। हालांकि इस सब के बावजूद कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो शारीरिक रूप से अक्षम होने के बाद भी च्ढ़ इच्छा शक्ति को आधार बनाकर कुछ ऐसा कर गुजरते हैं, जो समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।

हाथों से कुछ कर पाने में विफल

सारण जिले के बनियापुर प्रखंड स्थित हरपुर बाजार निवासी अशोक प्रसाद गुप्ता की 16 वर्षीया पुत्री अंकिता भी अपने मजबूत इरादों के बल पर समाज में एक आदर्श प्रस्तुत कर रही है। शहर के आदर्श परीक्षा केंद्र जिला स्कूल में इंटर की परीक्षा दे रही अंकिता के दोनों हाथ पोलियो ग्रस्त हैं। नाकाम हाथों का अभिशाप लिए अंकिता अपने दोनों पैरों से ही लिखकर परीक्षा दे रही है। पैर से लिखने के बावजूद अंकिता की लिखावट देखकर अच्छे-अच्छे अपने दांतों तले अंगुलियां दबाने को मजबूर हो रहे हैं। परीक्षा केंद्र के सभी छात्राएं बेंच पर बैठ कर परीक्षा दे रही है, तो वहीं दूसरी ओर जमीन पर चादर बिछा कर अपनी उत्तरपुस्तिका पर बिल्कुल शांतचित होकर परीक्षा के कठिन प्रश्नों को हल कर रही है।

बचपन से कंठ में आवाज नहीं

अंकिता के बारे में महिला वीक्षक रूपा कुमारी ने बताया कि परीक्षा के 3 घंटों के दौरान उसके चेहरे का सहज भाव उसके मेधावी होने को परिलक्षित करता है। अंकिता एक बार जब लिखना शुरू करती है तो उसके पैर रुकने का नाम ही नही लेता है। हालांकि अंकिता के सिर्फ हाथ ही नहीं बल्कि भगवान ने उसके कंठ से आवाज भी बचपन से ही छीन ली है। परिवार वाले और उसके बड़े पापा श्याम प्रसाद गुप्ता की तमाम कोशिशों के बावजूद अंकिता का इलाज संभव नहीं हो सका, सब लोग थक हार गए पर इसच्होनहार बच्ची के हौसलों ने दम नही तोड़ा, अंकित का संघर्ष बचपन से ही जारी रहा और उसने कठिन अभ्यास के बाद अपने पैरों को ही लेखनी का आधार बना डाला। उसके हौसले को देख सभी हैरत में होते हैं, लेकिन औरों के लिए अंकिता प्रेरणा भी है।

प्रतिभावान छात्रा अंकिता को सरकार की ओर से मिलने वाली हर संभव सहायता दिलाई जाएगी। आगे भी उसकी बेहतर शिक्षा जारी रहे इसके लिए विभागीय स्तर से प्रयास किया जाएगा। अगर प्रतिभा हो तो शारीरिक अवरोध कभी किसी को रोक नहीं सकती। अन्य छात्र-छात्राओं को भी अंकिता के हौसले से प्रेरणा लेकर शिक्षा के प्रति समर्पण भाव से मेहनत करना चाहिए।

- सुब्रत कुमार सेन, डीएम, सारण


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