2020 वार्षिक राशिफल : नाम के पहले अक्षर के अनुसार जानें अपना लकी नंबर व लकी कलर

यह राशिफल पूर्णतः गोचर ग्रहों पर आधारित है।शास्त्रों में ग्रहों के विभिन्न राशिगत एवं भावगत गोचर के आधार पर जो फल कहे गए हैं उनका इस राशिफल को तैयार करने में अनुसरण किया गया है।व्यक्ति विशेष के लिए घटित गोचररत ग्रहों के फलों के अलावा अन्य तथ्यों से भी प्रभावित होते हैं।इन तथ्यों में प्रमुख है : उनकी विधमान दशा अंतरदशा प्रत्यन्तर दशा वर्ष कुंडली एवं जन्म कुंडली में ग्रहों की स्तिथि आदि।

Updated Date: Thu, 02 Jan 2020 12:18 PM (IST)

अतः प्रस्तुत राशिफल इन सीमाओं को ध्यान में रखते हुए देखा जाना चाहिए।राशिफल ग्रहों की स्तिथियों के आधार पर मात्र पूर्वाकलन और मार्गदर्शन है, भविष्यवाणी नहीं है, इसे उसी दृष्टि से देखना चाहिए।तो चलिए जानते हैं किस राशि पर इन ग्रहों का क्या असर पड़ेगा...मेष राशि: (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ) वर्षारम्भ से 29 मार्च तक तदोपरांत पुनः 30 जून से 19 नवंबर तक गुरु की शुभ दृष्टि मेष राशि पर रहने से मांगलिक कार्यों पर खर्च, धर्म-कर्म में रुचि, विद्या तथा आध्यात्म के छेत्र में सफलता मिलेगी।वर्षारम्भ से 7 फरवरी तक राशि स्वामी मंगल अष्टम होने से धन खर्च, स्वास्थ्य कष्ट, घरेलू उलझने तथा धन का अपव्यय व लाभ में कमी का योग रहेगा।10 सितंबर से 13 नवंबर तक मंगल वक्री रहने से स्वभाव में चिड़चिड़ापन व उत्तेजना रहेगी।
उपाय: हनुमानजी की उपासना करने अत्यंत लाभदायक रहेगा।मंगलवार वाले दिन हनुमान जी पर सिंदूर एवं तेल चढ़ाकर, मीठे पुए बांटें, लाभदायक रहेगा।पांच मुखी, आठ मुखी एवं नौ मुखी रूद्राक्ष धारण करें।क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग- लाल, मेहरून, पीला, गुलाबी।शुभ वार: रविवार, मंगलवार, गुरुवार।शुभ अंक: 1, 2, 3, 4 एवं 7 शुभ देवता- सूर्य, कार्तिकेय, हनुमानजी।शुभ व्रत: मंगलवार, अष्टमी तिथि।


वृष राशि: (ई, उ, ऐ, ओ, वा, वि, वू, वे, वो) वर्ष के आरंभ से 23 जनवरी तक वृष राशि पर शनि की ढैया तथा 7 फरवरी तक मंगल की दृष्टि पड़ने से संघर्ष अधिक रहेगा, विघ्न बाधाओं के साथ मानसिक तनाव भी रहेगा परंतु 3 फरवरी से 28 फरवरी तक राशिस्वामी शुक्र उच्च राशिस्थ होने से धनलाभ व उन्नति के अवसर प्राप्त होंगे।23 सितंबर से वर्ष के अंत तक वृष राशि पर राहु का संचार होने से बनते कार्यों में विलंब होंगे।परेशानी का सामना करना पड़ेगा।उपाय: प्रत्येक शुक्रवार कुंवारी कन्याओं का पूजन करके उन्हें खीर का भोग लगाकर खिलाएं।क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग- क्रीम, हरा, आसमानी, काला।शुभ अंक: 5, 6 एवं 8शुभ देवता: गणेश, मां लक्ष्मी एवं हनुमानजी।शुभ व्रत: शुक्रवार, पंचमी तिथि।मिथुन राशि: (क, की, कु, घ, ड, छ, के, को, ह) वर्ष के आरंभ से 22 सितंबर तक इस राशि पर राहु का संचार तथा 24 जनवरी से वर्ष के अंत तक शनि की ढैया का अशुभ प्रभाव रहने से प्रत्येक कार्य में विलम्ब व विघ्न बाधाएं रहेंगी।24 मई से 1 अगस्त के मध्य बुध स्वराशिस्थ होने से अचानक धन लाभ, मान सम्मान में वृद्धि तथा बिगड़े काम बनेंगे।

उपाय: शनि देव को प्रसन्न करने के लिए शनि मंत्र के जाप।प्रत्येक शनिवार को छाया दान करें एवं शनिवार को हनुमानजी को तेल का चोला चढ़ायें।लाभ होगा।क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग- हरा, सफेद, नीला, हल्का पीला।शुभ अंक- 1, 5, 6 ।शुभ देवता- गणेश, मां दुर्गा, श्री भैरवशुभ व्रत- बुधवार, चतुर्थी तिथि।कर्क राशि: (हि, हु, हे, हो, डा, डी, डु, डे, डो) इस वर्ष 8 फरवरी से 23 मार्च तक मंगल की अष्टम तथा 22 मार्च से 3 मई तक सप्तम दृष्टि पुनः 16 अगस्त से 3 अक्टूबर तक चतुर्थ नीच की दृष्टि रहने से मानसिक तनाव, क्रोध आदि बढ़ेगा।व्यर्थ के विवाद से बचें।30 मार्च से 29 तक गुरु की शुभ उच्च दृष्टि पड़ने से शुभ कार्यों की ओर मानसिकता बढ़ेगी।किसी मंगल कार्य की योजना भी बनेगी।उपाय: 24 जनवरी से लगातार वर्षभर शनिवार व्रत के साथ शनि मंत्रों का जाप करना भी उचित रहेगा।भगवान शिव एवं माता दुर्गा की नित्य उपासना करें।क्या है आपके लिए शुभ शुभ रंग- क्रीम, लाल, पीला एवं कत्थई।शुभ अंक- 1, 2, 5 शुभ देवता- शिव, कार्तिकेय, विष्णु।शुभ व्रत- सोमवार, प्रदोष, पूर्णिमा।
सिंह राशि: (म, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)वर्षारम्भ से 29 मार्च तक तदोपरान्त पुनः 30 जून से 19 नवंबर तक सिंह राशि पर गुरु ग्रह की शुभ नवम दृष्टि पड़ने से शुभ कार्यों की ओर ध्यान आकर्षित होगा।आकस्मिक धन लाभ होगा।दिनांक 28 सितंबर से 22 अक्टूबर तक शुक्र सिंह राशि मे रहने के कारण भौतिक सुखों में वृद्धि होगी।कार्य व्यवसाय में वृद्धि होगी।उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।लाल बैल को गुड़ खिलाएं।सूर्य देव को जल चढ़ाएं।कृपा प्राप्त होगी।क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग- केसरिया, मेहरून, पीला, गुलाबी।शुभ अंक- 1, 3, 5, 9शुभ देवता- सूर्य, राम, हनुमानजी। शुभ व्रत- रविवार, द्वादशी तिथि।कन्या राशि: (टो, पा, पी, पू, ष, ठ, पे, पो) वर्ष के आरंभ से 23 जनवरी तक शनि की ढैया के अशुभ प्रभाव में रहेंगे।व्यापारिक उलझने बढ़ेंगी।गृह क्लेश भी बढ़ना संभव है।दिनांक 30 मार्च से 29 जून तक गुरु की शत्रु दृष्टि पड़ने से कठिन एवं विपरीत परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा परंतु लाभ के योग भी बनेंगे।दिनांक 4 मई से 15 अगस्त तक तदोपरांत पुनः दिनांक 4 अक्टूबर से 23 दिसंबर तक मंगल की दृष्टि रहने से मानसिक तनाव, व्यर्थ की उलझने बढ़ सकतीं हैं।उपाय: प्रत्येक बुद्धवार को गायों को हरा चारा डालें।तोता पालें।बुधवार को मंत्र का नियमित जाप करें।लाभ होगा।
क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग-क्रीम, हरा, नीला, काला।शुभ अंक- 1, 5, 6शुभ देवता- गणेश, विष्णु, हनुमानजी।शुभ व्रत- बुधवार, चतुर्थी तिथि।तुला राशि: (रा, री, रु, रे, रो, ता, ति, तु, ते)दिनांक 24 जनवरी से वर्ष के अन्त तक तुला राशि पर शनि की ढैया के प्रभाव से स्थान परिवर्तन, कार्य परिवर्तन की संभावनाएं बनेंगी यद्यपि इस राशि के लिए शनि राजयोग कारक ग्रह है।मानसिक तनाव भी रह सकता है।दिनांक 18 जून से वर्ष के अंत तक शनि के साथ मंगल की भी सप्तम व अष्टम दृष्टि रहने से तनाव व क्रोध की अधिकता रहेगी।उपाय: शनि दशरथक्रत स्तोत्र का नियमित पाठ करें।क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग- सफेद, हरा, क्रीम, बैगनी।शुभ अंक- 5, 6, 8शुभ देवता- शिव, गणेश, हनुमानजी।शुभ व्रत- शुक्रवार एवं पंचमी तिथि।वृश्चिक राशि: (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)दिनांक 24 जनवरी से इस राशि से शनि साढ़े साती का प्रभाव समाप्त हो जाने से पिछले बिगड़े हुए कार्यों में सुधार होने आरम्भ हो जाएंगे।आर्थिक परेशानियां कम होना चाहिये।दिनांक 10 सितंबर से 13 नवंबर तक मंगल वक्री रहने के साथ दिनांक 23 सितंबर से वर्षान्त तक इस राशि पर केतु के विराजमान रहने के कारण मानसिक तनाव तथा कार्यों में रुकावटें आरम्भ होंगी।उपाय: वर्षभर सुन्दरकाण्ड का पाठ, हनुमान चालीसा, हनुमानाष्टक, बजरंग बाण का पाठ करना श्रेष्ठ रहेगा।क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग- पीला, सफेद, गुलाबी, लाल।शुभ अंक- 1, 2, 3, 9शुभ देवता- शिव , कार्तिकेय, हनुमानजी।शुभ व्रत- मंगलवार, अष्टमी तिथि।धनु राशि: (ये, यो, भा, भी, भू, धा, फ़, ढ, भे)वर्ष के आरम्भ से 28 मार्च तक राशि स्वामी गुरु ग्रह की स्वराशिस्थ धनु राशि मे ही संचार करने से शुभ फल घटित होंगे।धार्मिक प्रवृत्ति बढ़ेगी यद्यपि वर्ष भर शनि साढ़ेसाती का प्रभाव रहने से समस्याएं एवं उलझने आएंगी।दिनांक 29 मार्च से 29 जून तक, पुनः 20 नवंबर से वर्षान्त तक गुरु ग्रह का अपनी नीच राशि मकर मे भ्रमण करने से मानसिक एवं आर्थिक परेशानियों बढ़ेंगी।उपाय: प्रत्येक शनिवार छाया दान करें।हनुमान चालीसा का पाठ करें।हनुमानजी को भी चोला चढ़ायें।क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग- पीला, गुलाबी, केसरिया।शुभ अंक- 1, 2, 3, 9शुभ देवता- सूर्य, विष्णु, हनुमानजीशुभ व्रत- गुरुवार, एकादशी।मकर राशि: (भो, जा, जी, खी, खु, खे, खो, गा, गी)वर्षभर शनि की साढ़े साती का प्रभाव तथा दिनांक 24 जनवरी से वर्ष के अंत तक शनि ग्रह अपनी राशि पर भम्रण करने के कारण विपरीत परिस्थितियों के बाद भी आय के साधन उपलब्ध होंगे।नई योजनाएं शुरू हो सकती है।दिनांक 30 मार्च से 29 जून तक, पुनः 20 नवंबर से वर्ष के अंत तक गुरु ग्रह का मकर राशि पर नीचस्थ होने के कारण साझेदारी के कारोबार में मतभेद संभव हो सकते हैं।उपाय: शनि से संबंधित उपाय करना लाभदायक रहेगा।क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग- नीला, काला, हल्का हरा।शुभ अंक- 5, 6, 8शुभ देवता- गणेश, भैरव, भगवान श्रीकृष्ण।शुभ व्रत- शनिवार, अष्टमी।कुम्भ राशि: (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)दिनांक 24 जनवरी से वर्षान्त तक कुम्भ राशि पर शनि-साढ़ेसाती का प्रभाव होने से परिवार एवं व्यवसाय संबंधित परिश्रम, आय के साधन कम होंगे, खर्च की अधिकता रहेगी।दिनांक 4 मई से 17 जून तक मंगल का कुम्भ राशि पर भ्रमण होने पर एवं दिनांक 11 मई से 28 सितंम्बर तक शनि के वक्री रहने के कारण व्यवसाय एवं घर के संबंध में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।किसी दुर्घटना की भी संभावना बन सकती है।किसी कार्य में जोखिम न लें।उपाय: इस राशि वाले जातकों को शनि संबंधित उपाय करना श्रेष्ठ रहेगा।शनि मंत्र का जाप करें।सात शनिवार शनि मंदिर में शनि कवच का पाठ करें।पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग- काला, नीला, हरा, क्रीम, पीला।शुभ अंक- 5, 6, 8शुभ देवता- विष्णु, गणेशजी, भैरव जी।शुभ व्रत- शनिवार, अष्टमी ।मीन राशि: (दि, दु, थ, झ, ज्ञ, दे, दो, चा, चि) इस राशि का स्वामी बृहस्पति ग्रह वर्षारम्भ से दिनांक 29 मार्च तक, पुनः 30 जून से 19 नवंबर तक स्वराशिस्थ धनु में भ्रमण करने से व्यवसाय में सफलता के साथ आय में वृद्धि होगी।दिनांक 8 फरवरी से 21 मार्च तक इस राशि पर मंगल की दृष्टि होने के कारण कुछ चिन्ताएं बनीं रहेंगी।उपाय: मीन राशि का रत्न शक्ति लॉकेट धारण करना चाहिए।सात मुखी, आठ मुखी, नौ मुखी रूद्राक्ष धारण करना चाहिए।भगवान शिव एवं विष्णुजी की उपासना करनी चाहिए।केले एवं पीपल वृक्ष पर नित्य जल चढ़ाएं।चींटियों को चुग्गा एवं कबूतरों को दाना डालना चाहिए।क्या है आपके लिए शुभशुभ रंग- सफेद, मेहरून, पीला, गुलाबी।शुभ अंक- 1, 2, 3, 9शुभ देवता- शिव, कार्तिकेय, विष्णु।शुभ व्रत- गुरुवार एवं एकादशी।-ज्योतिषाचार्य पं राजीव शर्माबालाजी ज्योतिष संस्थान, बरेलीचीफ वार्डन सिविल डिफेंस, बरेलीCapricorn Annual Horoscope 2020: मकर राशि वाले, आपकी आर्थिक स्थिति के लिए भाग्‍य अच्‍छा है, किसी महिला के आकर्षण में पड़ सकते हैं

Posted By: Vandana Sharma
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