विवेक हत्याकांड ये हैं वो 5 किरदार जिन्होंने कराई यूपी सरकार की फजीहत

2018-10-02T13:40:02Z

गोमतीनगर में शुक्रवार देररात एप्पल कंपनी के एरिया सेल्स मैनेजर विवेक तिवारी की कॉन्सटेबल प्रशांत चौधरी द्वारा गोली मारकर हत्या करने की घटना ने प्रदेश ही नहीं देशभर में सनसनी फैला दी। बावजूद इसके प्रशासन व पुलिस के आलाधिकारियों ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करने के बजाय इसे दबाना शुरू कर दिया।

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LUCKNOW : विवके तिवारी हत्याकांड में प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों ने न सिर्फ परिजनों को जुबान बंद करने के लिये धमकाया बल्कि, घटना की एकमात्र चश्मदीद से सादे कागज पर दस्तखत कर जबरन तहरीर भी लिखा ली। अधिकारियों की इस करतूत से प्रदेश सरकार की जमकर फजीहत हुई। आखिरकार प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य व दिनेश शर्मा, कैबिनेट मंत्री ब्रजेश पाठक व आशुतोष टंडन को डैमेज कंट्रोल के लिये सामने आना पड़ा। आइए आपको बताते हैं उन अफसरों के बारे में जो इस मामले में सरकार के लिये फजीहत का सबब बन गए...

कौशल राज शर्मा
डीएम, लखनऊ
आरोप : परिजनों पर मीडिया में बयानबाजी न करने और बिना देरी किये शव का अंतिम संस्कार करने का दबाव बनाना
विवेक तिवारी की हत्या के बाद परिजन सीएम को बुलाने व आरोपी कॉन्सटेबल्स पर सख्त कार्रवाई के लिये अड़े थे। डीएम शर्मा पुलिस अधिकारियों के साथ उनके घर पहुंचे और परिजनों से बंद कमरे में डेढ़ घंटे तक बातचीत की। जिसके बाद वे बिना किसी से कुछ बात किये निकल गए। उनके जाने के बाद विवेक तिवारी की बड़ी बेटी प्रियांशी(12) ने बताया कि डीएम कौशल राज शर्मा ने उनकी मां से कहा कि ऐसी घटनाएं अक्सर होती रहती हैं। उन्होंने दबाव बनाया कि वे मुआवजा, सरकारी नौकरी और सीएम को बुलाने की मांग न करें और जल्द शव का अंतिम संस्कार करने को राजी हो जाएं।
कलानिधि नैथानी
एसएसपी, लखनऊ
आरोप : घटना के बाद मामले को दबाने में जुट गए। एकमात्र चश्मदीद से अपने सामने जबरन सादे कागज पर दस्तखत कराए
घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे और कार्रवाई करने के बजाय इसे विवेक तिवारी की गलती साबित करने में जुट गए। मामले को दबाने में वे इतने मसरूफ हुए कि उन्होंने न ही उनके मातहतों ने विवेक के घर में घटना की सूचना देने की जरूरत समझी। जब विवेक की पत्नी हॉस्पिटल पहुंची तो भी उन्हें असल घटना के बारे में नहीं बताया गया। इधर, घटना की एकमात्र चश्मदीद सना से एसएसपी नैथानी की मौजूदगी में सादे कागज पर दस्तखत कराए गए और उस पर बेहद कमजोर तहरीर लिखाकर एफआईआर दर्ज कर ली गई।
चक्रेश मिश्र
सीओ, गोमतीनगर
आरोप : परिजनों को सूचना न देना और मामले को पुलिस के पक्ष में मोडऩे की कोशिश करना
घटना के बाद एसएसपी को सूचना दी और फिर वे भी मामले को दबाने में जुट गए। लोहिया हॉस्पिटल में विवेक तिवारी की मौत के बाद भी परिजनों को सूचना देने की जरूरत नहीं समझी। जानकारी होने के बावजूद आरोपी कॉन्सटेबल्स का मेडिकल नहीं करवाया। वहीं, चश्मदीद सना से सादे कागज पर दस्तखत कराने और उसी कागज पर उससे जबरन तहरीर लिखाकर आनन-फानन एफआईआर दर्ज कराने का भी आरोप। एसएसपी के दावे के विपरीत आरोपी कॉन्सटेबल प्रशांत चौधरी को खुला छोड़ देना। जिसके बाद उसने शनिवार शाम थाने में जमकर हंगामा काटा।उस वक्त सीओ मिश्र वहीं मौजूद थे और पूरा हंगामा मूकदर्शक बनकर देखते रहे।
देवी प्रसाद तिवारी
इंस्पेक्टर, गोमतीनगर
आरोप : आरोपियों की भरपूर मदद, चश्मदीद सना को 15 घंटे नजरबंद किया
घटना के बाद आरोपी कॉन्सटेबल्स ने फोन पर सूचना दी। बावजूद इसके उन्होंने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें बचाने में अपना पूरा जोर लगा दिया। चश्मदीद सना को पहले तो पुलिस जीप में बिना महिला कॉन्सटेबल के घुमाया गया और उसके बाद सादे कागज में उससे दस्तखत ले लिये। उसी कागज पर छह लाइन की कमजोर तहरीर लिखाकर उस पर आनन-फानन एफआईआर दर्ज कर ली। परिजनों को सूचना देने की जरूरत नहीं समझी। आरोपी कॉन्सटेबलों को खुला छोड़ दिया। जिसके बाद आरोपी प्रशांत ने अपनी पत्नी के साथ गोमतीनगर थाने में ही चहलकदमी करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जबकि, दोपहर में ही डीजीपी व एसएसपी ने दावा किया था कि आरोपी कॉन्सटेबलों को अरेस्ट कर जेल भेजा जा चुका है।
राखी मलिक
कॉन्सटेबल व आरोपी प्रशांत की पत्नी
आरोप : पति की अरेस्टिंग के बाद उसकी ओर से एफआईआर दर्ज कराने के लिये हंगामा किया
गोमतीनगर थाने में ही तैनात राखी शनिवार शाम आरोपी पति प्रशांत चौधरी को कैसरबाग कोतवाली से लेकर गोमतीनगर थाने पहुंच गई और सीओ व इंस्पेक्टर की मौजूदगी में मृतक विवेक तिवारी के खिलाफ जान से मारने की कोशिश की एफआईआर दर्ज करने की मांग की। काफी देर तक हंगामे के बीच मीडिया के सामने अधिकारियों को भला-बुरा कहा और एसएसपी कलानिधि नैथानी पर कई आरोप भी लगाए। हालांकि, इस दौरान वहां मौजूद अधिकारी चुप्पी साधे उसे देखते रहे। रविवार को एक बार फिर राखी एसएसपी आवास जा पहुंची और एफआईआर दर्ज कराने के लिये हंगामा किया। इस दौरान एसएसपी आवास पर तैनात पुलिसकर्मियों से उसकी नोकझोक भी हुई।

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