और तीर सीधे बच्‍चे की खोपड़ी में आगे है बच्‍चे की हिम्‍मत और करिश्‍मा डॉक्‍टरों का

2015-09-24T10:51:00Z

क्‍या आप मान सकते हैं कि किसी के सिर में एक पैना तीर घुसे और आरपार निकल जाए और फिर भी वो जिंदा बच जाए। पर ये चमत्‍कार कर दिखाया है महाराष्‍ट्र के कुछ डाक्‍टरों ने जिन्‍होंने एक 11 साल के बच्‍चे के सिर के आरपार घुसा तीर ना सिर्फ निकाल दिया बल्‍कि वो बच्‍चा जीवित और स्‍वस्‍थ भी रहा।

तीरंदाजी अभ्यास की नो एंट्री में की एंट्री
महाराष्ट्र के अहमदनगर का रहने वाला ग्यारह साल का रित्विक अंकुश तारे अपने स्कूल की तीरंदाजी प्रेक्टिस के सत्र में भाग लेने के लिए गया था। यहां वो अनजाने में प्रेक्टिस एरिया के नो एंर्टी जोन में चला गया और दूसरे अभ्यास करने वालों में से किसी का एक नुकीला तीर आया और उसके सिर के आरपार निकल गया। इस हादसे के बाद सभी दहशत में आ गये और तुरंत स्कूल के प्रधानाचार्य को इसकी सूचना दी गयी और वे घटना स्थल पर पहुंचे। 

आपातकालीन आधार पर लिया गया सर्जरी का फैसला
प्रधानाचार्य सहित अहमदनगर के त्रिमूर्ती पवन प्रतिष्ठान शैक्षिक संकुल स्कूल के टीचर फौरन रित्विक को निकट के मानिक हॉस्पिटल लेकर पहुंचे जहां न्यूरोसर्जन डाक्टर जीवन राजपूत ने उसकी जांच की और उसके बाद शिक्षकों की सहमति से आपातकालीन आधार पर बच्चे की न्यूरो सर्जरी करके तीर निकालने का निर्णय किया गया। डाक्टर जीवन ने आपरेशन की जिम्मेदारी ली।    
दोनों तरफ से खोपड़ी को खोल कर निकाला तीर
डाक्टरों ने पहले सिर का सीटी स्कैन किया और तीर की सही स्थिति को पहचाना। इसके बाद रित्विक की खोपड़ी को दोनों ओर से पूरी तरह खोल लिया। तीर सिर के राइट पेरिनल एरिया से होता हुआ लैफ्ट एरिया बाहर निकला हुआ था। डाक्टरों के अनुसार इस स्थिति में वो ब्रेन के लगभग सभी नाजुक महत्वपूर्ण पार्ट के करीब था। डाक्टर जीवन का कहना है कि बड़ी सावधानी से तीर को ना सिर्फ ब्रेन से निकाल लिया गया बल्कि क्षतिग्रस्त हुए टिशूज को एंडोस्कोप की सहायता से अच्छी तरह जोड़ भी दिया गया। आपरेशन करीब तीन घंटे चला। 

बिलकुल ठीक है रित्विक
डाक्टर्स का कहना है कि आपरेशन के बाद रित्विक की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। जिस तरह के सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं उनके आधार डाक्टर का कहना है कि रित्विक को किसी तरह की न्यूरोलॉजिकल परेशानी या याददाश्त खराब होने और व्यक्तित्व संबंधी दिक्कत होने की संभावना नहीं है। जल्दी ही रित्विक को अस्पताल से डिस्चार्ज भी मिल जाएगा। उसके साथ हुए हादसे के बारे में खबर मिलते ही रित्विक के माता पिता फौरन अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बताया कि अस्पताल तक की यात्रा बेशक तनाव भरी थी लेकिन बाद में आपरेशन के सफल होने की खबर और बच्चे की सेहत में सुधार ने उन्हें काफी राहत दी। अब वो ईश्वर से प्रार्थना कर रहे हैं कि भविष्य में कोई पेचिदगी ना आए।

inextlive from Bizarre News Desk


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