शिवसेना हमेशा राष्ट्र हित के लिए स्टैंड लेती है, CAB का समर्थन करेगी: अरविंद सावंत

2019-12-10T17:06:22Z

नागरिकता संशोधन विधेयक का लोकसभा में समर्थन करने वाली शिवसेना का कहना है कि वह हमेशा राष्ट्र हित के लिए स्टैंड लेती है। वह विधेयक का समर्थन करेगी। यह बिल बुधवार को राज्यसभा में पेश होगा।

नई दिल्ली (एएनआई)।& लोकसभा में शिवसेना द्वारा नागरिकता (संशोधन) विधेयक (CAB) का समर्थन करने के बाद, पार्टी के सांसद अरविंद सावंत ने मंगलवार को कहा कि 'राष्ट्रीय हित' राज्यसभा में भी समर्थन जारी रहेगा। उन्होंने कहा क्या हमारी अलग भूमिका है? शिवसेना हमेशा वह रुख अपनाती है जो राष्ट्र हित के लिए अच्छा है। इस पर किसी का एकाधिकार नहीं है। शिवसेना नेता ने कहा कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र में कांग्रेस के साथ गठबंधन में है। इस मुद्दे पर उसके रुख को प्रभावित नहीं करेगी क्योंकि वे यूपीए के सदस्य नहीं थे।

Arvind Sawant, Shiv Sena on if the party will support CAB (Citizenship Amendment Bill) in Rajya Sabha after supporting it in Lok Sabha: Alag alag bhumika hoti kya humari? Rashtra ki hith ki bhumika lekar Shiv Sena khadi rehti hain, yeh kisi ki monopoly nahi hai. pic.twitter.com/9c3wHW6Uj5

— ANI (@ANI) December 10, 2019


भाजपा द्वारा ठीक से जवाब नहीं दिया गया

अरविंद सावंत का कहना है कि हम अभी तक यूपीए के सदस्य नहीं हैं, हमारा& सीएमपी (कॉमन मिनिमम प्रोग्राम) राज्य के लिए है। जब हम यूपीए का हिस्सा बन जाते हैं तो यह लोगों के कल्याण के लिए होगा। हमारा स्टैंड तब भी यही था जब हम एनडीए का हिस्सा थे। सावंत ने कहा कि जिन लोगों को नागरिकता दी जाएगी उनके पुनर्वास और वोटिंग के अधिकार के बारे में शिवसेना के सवालों का भाजपा द्वारा ठीक से जवाब नहीं दिया गया, लेकिन शरणार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया था। शिवसेना सांसद ने गृह मंत्री के उस बयान पर भी चुटकी ली जिसमें उन्होंने शिवसेना (महाराष्ट्र में) और मुस्लिम लीग (केरल में) संग गठबंधन के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा था।

राज्यसभा में बुधवार को पेश होगा ये बिल &

इस बीच, सूत्रों के अनुसार, नागरिकता (संशोधन) विधेयक, 2019, जो कल लोकसभा द्वारा पारित किया गया था, बुधवार को राज्यसभा में पेश किया जाएगा। इस विधेयक में पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न से भाग रहे हिंदू, ईसाई, सिख, बौद्ध और जोरास्ट्रियन समुदायों के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रयास किया है। लोकसभा में 80 मतों के विरुद्ध 311 मतों के बहुमत से नागरिकता विधेयक पारित किया। यहां 391 सदस्य उपस्थित थे और उन्होंने मतदान किया। राज्यसभा में, केंद्र को 245 सदस्यीय सदन में कम से कम 123 सांसदों के समर्थन की आवश्यकता होती है।

Posted By: Shweta Mishra

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