अब आशा पर हेल्थ प्रमोशन की भी जिम्मेदारी

2018-10-10T06:00:05Z

-हर माह की थीम की जाएगी निर्धारित, हर माह कार्यक्रम के जरिये स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर की दी जाएगी जानकारी

-प्रमोशन डे के लिए हर माह प्रति आशा को अलग से मिलेगा दो सौ रुपये

अब आशा वर्कर लोगों तक सिर्फ सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को नहीं पहुंचाएंगी। शासन ने इनकी जिम्मेदारी बढ़ा दी है। अब तक सामुदायिक स्वास्थ्य प्रेरक के रूप में कार्य करने वाली आशा वर्कर अब हेल्थ प्रमोशन का भी काम करेंगी। स्वास्थ्य विभाग इन्हें हर माह हेल्थ प्रमोशन दिवस आयोजित कराने की जिम्मेदारी देने जा रहा है। खास बात यह है कि इसके लिए हर माह प्रति आशा वर्कर को 200 रुपये की प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। इसको लेकर परिवार कल्याण की महानिदेशक डॉ। नीना गुप्ता ने बनारस समेत प्रदेश के सभी सीएमओ को निर्देश जारी किया है।

ये है मकसद

महानिदेशक के मुताबिक हेल्थ प्रमोशन दिवस के लिए हर माह अलग-अलग थीम निर्धारित होगी। एक से छह माह तक आयोजित होने वाला कार्यक्रम सातवें माह से दोहराया जाएगा। हर माह कार्यक्रम के जरिये स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में समुदाय को बताया जाएगा। हर माह होने वाले कार्यक्रम का मकसद ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण समिति के सदस्यों व स्वयं सहायता समूहों का सहयोग प्राप्त कर इन्हें मजबूत करना भी है।

क्या होगी जिम्मेदारी?

इस कार्यक्रम के जरिए आशा वर्कर खुले में शौच करने से फैलने वाली बीमारियों आदि के बारे में बताने के साथ ही शौचालय के उपयोग के लिए प्रेरित करने का काम करेंगी। इसी क्रम में गांव में सामूहिक साफ-सफाई के लिए विभिन्न गतिविधियां कराई जाएंगी।

गर्भवतियों पर भी फोकस

मातृ स्वास्थ्य दिवस पर गर्भवती महिलाओं का समय पर रजिस्ट्रेशन, प्रसव पूर्व समस्त जांच समय से कराने पर जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव और बच्चे के जन्म से पहले स्तनपान के फायदे बताने का भी काम आशा वर्कर करेंगी। इसके अलावा किशोर-किशोरी दिवस पर किशोरावस्था में होने वाले मनोवैज्ञानिक और व्यवहार सम्बन्धी शारीरिक बदलावों के बारे में बताया जाएगा।

बीमारियों से हो सकेंगे दूर

अधिकारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सुविधाओं को जन जन तक पहुंचाने और स्वास्थ्य विभाग की उपलब्ध सेवाओं के बारे में समुदाय को जागरूक करने में आशा वर्करों की अहम भूमिका होती है। इस तरह के आयोजनों के जरिये लोगों के व्यवहार में परिवर्तन लाकर उन्हें कई तरह की बीमारियों से दूर रखा जा सकता है। आशा वर्कर पूरी ऊर्जा के साथ इस कार्य को करें, इसके लिए प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था की गई है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी राजेश शर्मा ने कहा कि आशा वर्कर द्वारा समुदाय को इन गतिविधियों के लिए प्रेरित करने से स्वास्थ्य सम्बन्धी व्यवहारों में परिवर्तन आएगा।

ये होंगे एक्टिविटी

1-खुले में शौच मुक्त (ओडीएफ)

2- स्वच्छता दिवस,

3-हैण्ड वाशिंग

4-मातृ स्वास्थ्य दिवस

5-किशोर-किशोरी स्वास्थ्य दिवस

6-स्वस्थ जीवन शैली प्रोत्साहन दिवस

वर्जन--

आशा वर्करों को यह जिम्मेदारी देने के लिए परिवार कल्याण निदेशालय से निर्देश मिला है। योजना के तहत प्रति आशा वर्कर को 200 रुपए प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान है।

डॉ। वीबी सिंह, सीएमओ


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