एशेज सीरीज 2019 की शुरुआत 1 अगस्त से हो रही। ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाली इस टेस्ट सीरीज का इतिहास करीब 121 साल पुराना है। इस दौरान कई चर्चित मैच खेले गए मगर 1932 में खेली गई एशेज सीरीज कोई नहीं भूल सकता।


कानपुर। ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड एशेज सीरीज का इतिहास काफी पुराना है। पहली एशेज सीरीज 1882 में खेली गई थी तब से लेकर अब तक 70 एशेज सीरीज खेली जा चुकी हैं। इस दौरान कई रोचक मैच खेले गए, ऐसा ही एक विवादित मैच हुआ था 1932-33 में। पूरी सीरीज में ऐसी खतरनाक गेंदबाजी हुई कि बल्लेबाज घायल हो गए, किसी की पसली टूट गई। यहां तक डाॅन ब्रैडमैन जैसे बल्लेबाज ने घुटने भी टेक दिए और यह सबकुछ हुआ इंग्लिश गेंदबाज हेेराॅल्ड लाॅरवुड की 'बाॅडीलाइन गेंदबाजी' से। हेराॅल्ड ने उस वक्त दुनिया को दिखाया कि 'बाॅडीलाइन' गेंदबाजी क्या होती है जिसके आगे ब्रैडमैन जैसा बल्लेबाज भी बेबस नजर आया।बाॅडीलाइन' गेंदबाजी बनी नया हथियार


दिसंबर 1932 में इंग्लिश टीम पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने ऑस्ट्रेलिया गई थी। उस वक्त इंग्लिश टीम के कप्तान डगलस जार्डिन थे। डगलस यह सीरीज हर हाल में जीतना चाहते थे। ऐसे में वह नए हथियार के साथ मैदान में उतरे, जिसे 'बाॅडीलाइन' के नाम से जाना जाता है। इस सीरीज से पहले एशेज में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज डाॅन ब्रैडमैन ने इंग्लिश गेंदबाजों की खूब धुनाई की थी। उस वक्त ब्रैडमैन ने एक सीरीज में 974 रन ठोंक दिए थे। डगलस चाहते थे कि ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ब्रैडमैन इस प्रदर्शन को न दोहरा पाएं, ऐसे में उन्होंने अपने गेंदबाज हेराॅल्ड लाॅरवुड के साथ ब्रैडमैन को आउट करने की प्लाॅनिंग बनाई। डगलस को पता था हेराॅल्ड काफी तेज गेंदबाज हैं और वह अगर 'बाॅडीलाइन' गेंदबाजी करेंगे तो विपक्षी बल्लेबाज पिच पर टिक नहीं पाएंगे।पुलिस सुरक्षा में हो पाया मैच

पहला टेस्ट दो दिसंबर को शुरु हुआ जिसे इंग्लैंड ने 10 विकेट से जीत लिया। पहले मैच में लाॅरवुड ने अपनी घातक गेंदबाजी से कंगारु बल्लेबाजों को बेदम कर दिया था मगर उनका असली प्रदर्शन तो दूसरे टेस्ट में दिखा जब लाॅरवुड ने ऑस्ट्रेलिया में ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की कमर तोड़ दी। यह मैच एडीलेड ओवल में खेला गया था। ऑस्ट्रेलिया ने टाॅस जीतकर पहले बैटिंग का निर्णय लिया। कंगारु कप्तान बिल वुडफुल अभी कुछ गेंदें ही खेले थे लाॅरवुड की एक गेंद उनके शरीर पर आकर लगी जिसके बाद वह लड़खड़ा कर जमीन पर गिर गए। करीब तीन मिनट तक खेल रुका रहा। मगर बिल ने हिम्मत नहीं हारी और दोबारा खड़े होकर लाॅरवुड का सामना किया। इस पूरे वाक्ये के बाद इंग्लिश कप्तान ने न सिर्फ हेराॅल्ड को शाबाशी दी बल्कि अगली गेंद के लिए 'बाॅडीलाइन' फील्डिंग भी लगा दी। इसके बाद लाॅरवुड लगातार ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों के सामने बाॅडीलाइन गेंदबाजी करते रहे। अपने देश के बल्लेबाजों को परेशान होता देख एडीलेड के दर्शक गुस्से में आ गए। मैदान में हूटिंग शुरु हो गई। लाॅरवुड की सुरक्षा के लिए बाउंड्री लाइन पर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।बल्लेबाज की टूटी पसलियांमैच के दूसरे दिन भी लाॅरवुड ने अपनी घातक गेंदबाजी जारी रखी। हद तो तब हो गई जब लाॅरवुड की एक गेंद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज ओल्डफील्ड के पसलियों पर जाकर लगी। गेंद इतनी तेज थी कि बल्लेबाज की पसलियां टूट गईं थीं। इसके बाद तो मानो ऑस्ट्रेलियाई दर्शक बेकाबू हो गए फिर लाॅरवुड को सुरक्षाकर्मियों ने मैदान से बाहर निकाला। क्रिकेट बाइबिल मानी जाने वाली 'विस्डन' मैग्जीन ने इसे क्रिकेट इतिहास का सबसे डरावना टेस्ट मैच कहा था। लाॅरवुड ने पांच मैचों की इस सीरीज में कुल 33 विकेट चटकाए थे। यही नहीं 20 बल्लेबाजों को तो उन्होंने डक आउट किया। वहीं महान बल्लेबाज डाॅन ब्रैडमैन आठ पारियों में चार बार लाॅरवुड का ही शिकार बने।Ashes 2019 : जब ऑस्ट्रेलिया से खेलने पहुंची दो इंग्लिश टीमें, ऐसे कराया गया मैचक्या होती है बाॅडीलाइन गेंदबाजी

आम तौर पर गेंदबाज विकेट के सामने या बल्लेबाज के ऑफ स्टंप के बाहर गेंद फेंकता है मगर बाॅडीलाइन गेंदबाजी इससे बिल्कुल अलग होती है। इसमें गेंदबाज बल्लेबाज के शरीर को निशाना बनाकर गेंद फेंकता है। इसमें या तो बल्लेबाज को झुकना पड़ता है जिससे चोटिल होने का खतरा रहता है। वहीं अगर वह शाॅट खेलता है तो कैच अाउट होने के पूरे चांस रहते हैं। इंटरनेशनल क्रिकेट में इस गेंद को लीगल माना जाता है और लाॅरवुड ने उस वक्त इसका खूब फायदा उठाया।Ashes 2019 : चार इंच की ट्राॅफी में भरी गई थी राख, इसलिए नाम रखा गया 'एशेज सीरीज'

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari