अस्थमा व एलर्जी का होम्योपैथिक इलाज संभव

2018-04-10T16:40:27Z

Varanasi होम्योपैथी के जनक महात्मा डॉ सैमुएल हेनीमैन की 263वीं जयन्ती के अवसर पर उप्र राज्य आयुष सोसायटी की ओर से सोमवार से विश्व होम्योपैथी सप्ताह का शुभारंभ हुआ इसके साथ ही वैज्ञानिक संगोष्ठी व कार्यशाला आयोजित की गई अंधरापुल स्थित एक होटल में आयोजित कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि मेयर मृदुला जायसवाल ने किया इस मौके पर उन्होंने होम्योपैथी से जुड़े हुए स्वलाभ के अनुभवों को साझा किया साथ होम्योपैथी को मुख्यधारा में लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की

-होम्योपैथी सप्ताह का हुआ शुभारंभ

 

 

कई डिजीज का संभव है इलाज

 

कार्यशाला के मुख्य वक्ता कोलकाता के नेशनल होम्योपैथिक इंस्टिट्यूट के विभागाध्यक्ष डॉ सुभाष सिंह, डॉ एमडी सिंह रहे. डॉ सिंह ने अस्थमा ,एलर्जी और उसका होम्योपैथिक निदान पर व्याख्यान दिया. उन्होने कहा कि इन रोगों का होम्योपैथिक इलाज भी संभव है. मंच संचालन डॉ. अनिल गुप्ता व कार्यक्रम की अध्यक्षता उप्र. होम्योपैथिक मेडिसिन बोर्ड के सदस्य डॉ. बृजेश सिंह ने किया. इस सेमिनार में विंध्याचल मण्डल एवं वाराणसी मण्डल के सातों जनपदों के होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी एवम जिला होम्योपैथिक चिकित्सा अधिकारी एवं अन्य चिकित्सक उपस्थित रहें.

 

ये भी रहे साथ

 

कार्यक्त्रम में डॉ. जेबी सिंह, डॉ. आर पीसिंह, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. प्रदीप राय, डॉ. विनोद राय, डॉ. पीके गुप्ता, डॉ. पंकज, डॉ. अम्बरीष, डॉ. डीपी सिंह, डॉ. आलोक गुप्ता, डॉ. निर्मला पांडेय, गाजीपुर होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ चंद्रा, डॉ. प्रतिमा सिन्हा, डॉ. रचना,डॉ कौशिल्या, डॉ. अनघ, शिव प्रसाद, राजू बाबू एवं कर्मचारियों की उपस्थिति रही.


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