अवेयरनेस का कवच पाकर खुद अपनी सुरक्षा कर सकेंगी महिलाएं

2019-07-08T06:00:01Z

-सीएम के आदेश पर महिलाओं को अवेयर करने के लिए शुरू हुआ कवच अभियान

-डीएम और एसएसपी स्वयं कर रहे हैं अभियान की मॉनीटरिंग

बरेली : घर की दहलीज के बाहर निकलकर काम करने वाली महिलाएं, छात्राएं और युवतियां अब खुद ही अपने साथ होने वाले अपराधों का विरोध कर सकेंगी। सीएम के आदेश पर उन्हें अवेयरनेस का कवच दिया जा रहा है। इसके तहत उन्हें उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही कानूनी जानकारी भी दी जा रही है। स्कूल-कॉलेज में भी टीमें छात्राओं को उनके अधिकारों की जानकारी देने के साथ ही सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन की भी जानकारी दे रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर पहली जुलाई से कवच अभियान चलाया जा रहा है। डिस्ट्रिक्ट में अभियान की मॉनीटरिंग का जिम्मा खुद डीएम वीरेंद्र कुमार सिंह और एसएसपी मुनिराज जी संभाल रहे हैं। मंडे से अभियान को और तेज किया जाएगा। महिलाओं और युवतियों को सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग भी दिलाई जाएगी।

डीएम, एसएसपी करेंगे कैंप

डीएम व एसएसपी स्कूलों में कैंप करेंगे। वह छात्राओं के मौलिक अधिकारियों के प्रति जागरूक करना, समेकित बाल संरक्षण योजना, पाक्सो अधिनियम, रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष, पीसीपीएनडीटी कन्या योजना, बाल विवाह, महिला कल्याण विभाग द्वारा महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतू प्रोत्साहन कार्यक्रम समेत महिलाओं के लिए बने कानून की जानकारी देंगे। पुलिस के कंट्रोल नंबर 100 व महिला हेल्पलाइन नंबर 181 व वूमेन पावन लाइन नंबर 1090 व 112 और पैनिक बटन के बारे भी रूबरू कराएगें। इनके अलावा सीडीओ, सीओ, एसडीएम, एसीएम अपने सर्किल में स्कूल, कॉलेज में जाकर छात्राओं को अवेयर करेंगे।

क्या है प्लान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में महिलाओं, युवतियों व बच्चों के साथ बढ़ते अपराधों को देखते हुए उनकी सुरक्षा के लिए ऑप्रेशन कवच नाम से अभियान शुरू किया है। अभियान 1 जुलाई से शुरू हो चुका है। अभियान के तहत पुलिस और महिला कल्याण विभाग की टीम स्कूलों में जाकर छात्राओं को उनके अधिकार बताने के साथ ही, सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन नंबर, उनके अधिकार आदि की जानकारी भी दे रही है, जिससे छात्राएं अपने साथ होने वाले अपराधों का खुलकर विरोध कर सकें और जरूरत पड़ने पर पुलिस और प्रशासन की मदद भी ले सकें।

अभियान की खास बातें

- स्टेट रिसोर्स सेंटर फॉर ह्यूमन एंड चाइल्ड संस्थान के अधीन होगा अभियान

- सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेगा अभियान

- 181 महिला हेल्पलाइन के प्रतिनिधि रहेंगे शामिल

- महिलाओं व युवतियों को सुरक्षा संबंधित दिए जाएंगे टिप्स

- महिलाओं के हित में बनाए गए कानून की दी जाएगी जानकारी

- हर थाने में 1 महिला दरोगा व 2 पुलिस कर्मियों की लगाई जाएगी डयूटी

यह रहेगा फायदा

-छेड़छाड़ की घटनाओं पर लगेगी लगाम

-महिलाओं को कानून की मिलेगी जानकारी

-100 व 1090 हेल्पलाइन नंबर की मिलेगी जानकारी

- महिलाओं को मिलेगी सुरक्षा की गारंटी

- पुलिस अधिकारी देंगे महिलाओं को अपना सीयूजी नंबर

- महिलाओं की तुरंत दर्ज होगी एफआईआर

- कानूनी मदद के लिए अधिवक्ता भी मुहैया कराए जाएंगे।

ये भी जानें

- 1 जुलाई को शुरू हुआ था अभियान

-31 जुलाई तक चलेगा अभियान

- 250 स्कूली छात्राओं को दी जा चुकी है ट्रेनिंग

- 35 स्कूलों में तैनात की चुकी है महिला पुलिस

- 150 महिलाओं को रोज जागरूक करने का टारगेट

- 35 चौराहों को किया गया है फोकस

- 32 स्कूलों के बाहर चलाया जाएगा अभियान

वर्जन

मुख्यमंत्री के आदेश पर प्रदेश में महिलाओं व युवतियों की सुरक्षा जागरूकता के लिए हर थाने में एक महिला दरोगा व दो पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं।

मुनिराज जी एसएसपी बरेली


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