अयोध्या राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला अा गया है। फैसले के बाद अयोध्या भूमि विवाद मामले के पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा कि हम इस फैसले का सम्मान करते हैं।

अयोध्या (एएनआई)। अयोध्या भूमि विवाद मामले में मुकदमों में से एक इकबाल अंसारी ने शनिवार को कहा कि वह मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से खुश हैं। अंसारी ने कहा, 'मुझे खुशी है कि सुप्रीम कोर्ट ने आखिरकार फैसला सुनाया। मैं अदालत के फैसले का सम्मान करता हूं।'

Iqbal Ansari, one of the litigants in Ayodhya case: I am happy that Supreme Court has finally delivered a verdict, I respect the judgement of the court. #AyodhyaJudgment pic.twitter.com/xNlCsguI2b

— ANI (@ANI) November 9, 2019


मंदिर के निर्माण के लिए आवश्यक व्यवस्था
उच्चतम न्यायालय ने आज केंद्र को सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ उपयुक्त भूमि देने का निर्देश दिया और साथ ही एक ट्रस्ट का गठन करके मंदिर के निर्माण के लिए आवश्यक व्यवस्था की।मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने फैसला सुनाते हुए कहा, 'केंद्र सरकार तीन से चार महीने में एक ट्रस्ट की स्थापना की योजना बनाएगी। वे ट्रस्ट के प्रबंधन और मंदिर के निर्माण के लिए आवश्यक व्यवस्था करेंगे।' उन्होंने कहा कि आंतरिक और बाहरी आंगन का कब्जा ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा।
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प्लॉट सुन्नी वक्फ बोर्ड को सौंपा जाएगा
शीर्ष अदालत ने कहा, 'पांच एकड़ की भूमि का उपयुक्त प्लॉट सुन्नी वक्फ बोर्ड को सौंपा जाएगा।' प्रधान न्यायाधीश गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के एक आदेश के खिलाफ याचिकाओं पर फैसला सुनाया, जिसने पक्षकारों - रामलला विराजमान, सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और निर्मोही अखाड़ा के बीच जगह को बांट दिया।

 

Posted By: Shweta Mishra