BEd का 'रतजगा

2011-07-15T00:00:00Z

ना proper drinking water ना sitting arrangements कोई footpath पर तो कोई घास पर बैठ कर कर रहा इंतजारServer problem के चलते candidates को करना पड़ रहा 24 घंटे से अधिक इंतजार

ज्योतिबाफुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी बरेली की बीएड काउंसिलिंग कैंडीडेट्स के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं साबित हो रही है. सर्वर की प्राब्लम टीचर बनने के सपने में रोड़ा अटका रही है. जिसके चलते काउंसिलिंग के लिए कैंडीडेट्स को अपनी रात सेंटर के बाहर बने फुटपाथ पर काटनी पड़ रही है. गुरुवार को लखनऊ के पांच सेंटर पर बीएड की काउंसिलिंग सुबह 8 बजे तक चली. इस वजह से टीचर्स के साथ-साथ सबसे ज्यादा परेशानी काउंसिलिंग के लिए आए कैंडीडेट्स को हो रही है.
ना खाना ना पानी बस परेशानी
लखनऊ के पांच सेंटर्स पर चल रही बीएड की काउंसिलिंग पूरी तरह से पटरी से उतर चुकी है. गुरुवार को सुबह 11.30 पर शुरु हुई काउंसिलिंग सुबह तक जारी रही. इसमें कालीचरण डिग्री कॉलेज में सुबह तीन बजे तक, बिजली पासी डिग्री कॉलेज में सुबह 8 बजे तक साथ ही अलीगंज स्थित सुभाष चंद्र बोस डिग्री कॉलेज और नगर निगम डिग्री कॉलेज में देर रात तक काउंसिलिंग चलती रही. इसमें सबसे ज्यादा दिक्कत दूर दराज से आए स्टूडेंट्स को उठानी पड़ रही है. देर रात में ना तो इनको खाना मिल रहा और ना ही पानी. मगर इसकी जगह इनको परेशानी जरूर मिल रही है. स्टूडेंट्स का कहना है कि काउंसिलिंग तो देर रात तक चल रही है लेकिन दूरदराज इलाकों से आए कैंडीडेट्स के लिए सेंटर्स पर कोई इंतजाम नहीं किया गया है. इसकी वजह से कैंडीडेट्स को जमीन पर लेट कर रात काटनी पड़ रही है. इसके साथ ही स्टूडेंट्स का कहना है कि उनसे काउंसिलिंग के नाम पर 500 रुपए फीस ली जा रही है. मगर सुविधा तो दूर की बात है यहां पर उनको एक गिलास पानी पीने के लिए पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं.
4 बजे शुरू हुई काउंसिलिंग
गुरुवार को अगर काउंसिलिंग अगले दिन सुबह खत्म हुई तो शुक्रवार को सुबह शुरु होने वाली काउंसिलिंग देर शाम 4 बजे चालू हुई. टीचर्स का कहना है कि सर्वर में इतनी प्रॉब्लम आ रही है कि एक-एक कैंडीडेट्स की काउंसिलिंग में काफी देर लग रही है. हर थोड़ी देर के बाद सर्वर का लिंक टूट जाता है. जिसकी वजह से काउंसिलिंग लेट हो रही है. गुरुवार को जिन कैंडीडेट्स की काउंसिलिंग नहीं हो पाई थी उनको आज बुलाया गया था जबकि शुक्रवार को जिन बच्चों की काउंसिलिंग होनी थी वह पहले से ही सेंटर पर मौजूद थे. इसकी वजह से सेंटर पर लोड डबल हो गया है. टीचर्स ने बताया कि गुरुवार को काउंसिलिंग में हुई देरी की वजह से कई सेंटर्स पर कैंडीडेट्स और टीचर्स के बीच झड़प भी हुई. सबसे ज्यादा परेशानी बिजली पासी डिग्री कॉलेज में हो रही है. यहां पर तो स्टूडेंट्स और टीचर के बीच मारपीट तक होते होते रह गई. टीचर्स का कहना है कि अब जो काउंसिलिंग शाम को शुरु हुई है. तो उसके खत्म होने में समय लगेगा.
नहीं हो रही है सीटें लॉक
काउंसिलिंग सेंटर पर तैनात टीचर्स बताते हैं कि सर्वर के इतने बुरे हालात है कि अगर किसी बच्चे के डाक्यूमेंट वैरीफाइ हो गए मगर जब उसकी फीस जमा करने की बारी आई तो एनआईसी द्वारा बनाए गए साफ्टवेयर में फीस सबमिशन का कॉलम ही नहीं खुलता है. जिसकी वजह से स्टूडेंट्स को अपनी सीट लॉक करने में घंटों लग जाता है. यहीं नहीं काउंसिलिंग के लिए बीएसएनएल से इंटरनेट कनेक्शन लिया गया है. वही सही काम नहीं कर रहा है. खासकर बिजली पासी डिग्री कॉलेज में तो पांच किलोमीटर दूर से सर्वर आया है. जिसकी वजह से हर थोड़ी देर के बाद लाइन ट्रिप कर जाती है और काउंसिलिंग ठप हो जाती है. इसको लेकर बिजली पासी डिग्री कॉलेज समेत कई कॉलेजों में स्टूडेंट्स ने हंगामा किया. लखनऊ यूनिवर्सिटी के अधिकारियों का कहना है कि यह दिक्कत ज्योतिबाफुले रुहेलखंड यूनिवर्सिटी के मेन सर्वर से आ रही है. इसकी शिकायत वहां के अधिकारियों से कर दी गई है. मगर अव्यवस्था के बारे में कोई भी बोलने को तैयार नहीं है.



This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.