कहां गायब हो गए Footpath?

2013-05-31T11:29:00Z

Jamshedpur सिटी के मार्केट एरिया में व्हीकल्स के लिए पॉपर पार्किंग की जगह नहीं है फुटपाथ तो जैसे गायब ही हो गए हैं सिटी के फुटपाथ पर कब्जा है शॉप ओनर्स का वे अपने सामान दुकान के बाहर लगा कर फुटपाथ का एन्क्रॉचमेंट कर रहे हैं ऐसे में जमशेदपुरआईट्स को प्रॉब्लम होना स्वभाविक है लेकिन इस ओर न तो गवर्नमेंट ऑफिशियल्स का ध्यान है और न ही सिटी दूसरे ऑर्गेनाइजेशन का

Road के किनारे खड़ी रहती हैं vehicles
कालीमाटी रोड टेल्को, गोविन्दपुर, गोलमुरी, बर्मामाइंस से आने वाले लोगों के लिए थोड़ी सुविधाजनक है. इसके अलावा सिटी के दूसरे एरिया से मार्केटिंग के लिए आने वाले लोगों की प्रॉब्लम बढ़ जाती है. हद तो तब हो जाती है जब यहां आने के बाद लोगों को अपनी व्हीकल पार्क करने के लिए कोई जगह ही नहीं मिलती. यही कारण है कि लोग रोड पर ही अपनी व्हीकल खड़ी कर देते हैं. इस कारण रोड से आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी होती है. रोड संकरा हो जाने के कारण व्हीकल्स से चलने वाले लोगों को तो प्रॉब्लम होती ही है, पैदल चलने वाले लोगों को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ती है.

Road पर जाम ही जाम
अगर साकची एरिया की बात करें तो यहां के हर रोड पर जाम देखने को मिल जाएगा. इसका कारण यह है कि कोई भी रोड ऐसा नहीं है जो आपको खाली मिले. चाहे वह कालीमाटी रोड हो, साकची गोलचक्कर से बारीडीह जाने वाली रोड हो, कंचन होटल की ओर जाने वाली रोड हो, आम बगान की ओर जाने वाली रोड हो या फिर साकची गोलचक्कर से टाइटन आई या फिर टाइटन आई की ओर से साकची गोलचक्कर की ओर आने वाली रोड हो. हर रोड पर जाम की सिचुएशन होती है. जानकारी के मुताबिक साकची बसंत टॉकीज के पास जहां पहले फूड प्लाजा था वहां पार्किंग बनाए जाने की बात थी. इसे लेकर कई बार सिंहभूम चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने संबंधित विभाग को लेटर भी लिखा था, चैम्बर ने वहां मल्टी स्टोरी पार्किंग बनाने का सुझाव दिया था. अब यहां मार्केटिंग कॉम्पलेक्स बनाया जा रहा है.

...लेकिन नहीं सुधरी स्थिति
कालीमाटी रोड के साथ ही साकची मार्केट में ट्रैफिक पुलिस व जेएनएसी द्वारा कई बार रोड के किनारे खड़ी व्हीकल को हटाने या वहां के शॉपकीपर्स द्वारा दुकान के सामने रखे सामानों को हटाने के लिए ड्राइव भी चलाया गया, लेकिन इसका कुछ फायदा नहीं हुआ. आज भी सिचुएशन जस की तस है. ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक यहां जनवरी से ही अब तक लगभग 50 बार अभियान चलाया जा चुका है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है.

होती है problem
पब्लिक प्लेस पर दुकान लगाना या कोई न्यूसेंस क्रिएट करना गलत है. इस मामले में 34 पुलिस एक्ट के तहत कम्प्लेन किया जाना चाहिए. ट्रैफिक डीएसपी राकेश मोहन सिन्हा कहते हैैं कि अगर पुलिस कोई कार्रवाई करती है तो पॉलिटिकल लीडर्स विरोध करने लगते हैं.

थर्सडे को आई-नेक्स्ट में पढ़ा कि साकची मार्केट में फुटपाथ पर एन्क्रॉचमेंट है. इसमें जेएनएसी व लोकल पुलिस दोनों की गलती है. ऐसे मामले में 34 पुलिस एक्ट का यूज होना चाहिए. साकची में पार्किंग की प्रॉब्लम दुरुस्त करने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है.
-राकेश मोहन सिन्हा, डीएसपी (ट्रैफिक)


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