बैंक अफसरों की मिलीभगत से हुआ 200 करोड़ का गेम

2019-07-18T06:00:01Z

रांची: यूनाइटेड बैंक आफ इंडिया से 200 करोड़ के लिए गए लोन में फर्जीवाड़ा करने वालों में कई बाहरी आरोपियों के साथ ही बैंक के अधिकारियों की भी साठगांठ रही है। इस आरोप के बाद सीबीआई ने अब इस मामले में बैंक के सीवीओ से पूरी रिपोर्ट तलब की है। सरावगी बिल्डर के साथ मिलकर सीए अनीश अग्रवाल और उनकी पत्नी ने बैंक अधिकारियों की मिलीभगत से शेल कंपनियों के नाम पर लोन की निकासी की और बाद में इससे जुड़े खातों को एनपीए करार दे दिया गया।

क्या है मामला

झारखंड में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की अलग-अलग ब्रांच से 200 करोड़ से अधिक की लोन राशि के एनपीए होने की शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने यह कदम उठाया है। सीबीआई दिल्ली की आर्थिक अपराध शाखा ने इस बाबत यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, कोलकाता के चीफ विजिलेंस अफसर के साथ ही रांची स्थित इॅकोनोमिक ऑफिस विंग को भी लेटर भेजा है।

सीबीआई ने कहा, की लूट

सीबीआई को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की कई शाखाओं से यह लोन फर्जी तरीके से शेल कंपनियों के नाम पर निकासी किये जाने की शिकायत मिली है। जिसके बाद सीबीआई की ओर से सीवीओ को भेजे गए लेटर में यह लिखा गया है कि यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के कई बड़े अधिकारियों ने चार्टर्ड एकाउंटेंट अनीश अग्रवाल, उनकी पत्‍‌नी सोनिया अग्रवाल के साथ मिलीभगत कर आम लोगों के पैसे की लूट की है। सीबीआई ने सीवीओ से इस मामले में जरूरी कार्रवाई करने को कहा है।

कंपनियों के नाम भी उजागर

यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की जिन ब्रांचों से विभिन्न कंपनियों के नाम पर 200 करोड़ से अधिक का लोन दिया गया। सीबीआई को मिली शिकायत में यह सामने आया है कि बैंक के पूर्व चीफ मैनेजर, पूर्व एजीएम समेत कई अन्य अधिकारियों ने शेल कंपनियों से जुड़े लोगों को बड़ी राशि लोन के तौर पर जारी कर दी। श्री द्वारिका केदार उद्योग, श्री बद्रीकेदार उद्योग प्राइवेट लिमिटेड, राजेश्वरी आयरन एंड स्टील कंपनी, अनिल कुमार अकेला, गणपति राइस मिल के द्वारा बैंक को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया गया। सीबीआई को बैंक अधिकारियों के नाम, शेल कंपनियों के पूरे खातों के ट्रांजेक्शन और पूरी लोन के एनपीए होने की भी शिकायत मिली है। इस पर सीबीआई ने दिल्ली स्थित आर्थिक अपराधी ईकाई के हेड ऑफिस से अप्रूवल लिया, इसके बाद इस संबंध में बैंक के सीवीओ से जानकारी मांगी। जानकारी के मुताबिक जिन कंपनियों के बारे में सीबीआई को लिखा गया है, उनके खिलाफ सीबीआई पहले से ही कई मामलों में जांच कर रही है।


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