निर्भया कांड पर डॉक्‍यूमेंट्री में महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्‍पणी करने पर बचाव पक्ष के वकीलों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. बचाव पक्ष के वकीलों ने महिलाओं के छोटे कपड़े पहनने से जुड़ी टिप्‍पणी की थी.


वकीलों को नोटिस जारीनिर्भया डाक्यूमेंट्री में महिलाओं के खिलाफ टिप्पणी करने वाले बचाव पक्ष के दो वकीलों को बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है. वकीलों के शीर्ष संगठन ने बचाव पक्ष के अधिवक्ता एमएल शर्मा और एके सिंह को नोटिस जारी कर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर उनसे स्पष्टीकरण मांगा है. उधर, एमएल शर्मा का कहना है कि अभी उन्हें नोटिस प्राप्त मिली है. वकीलों ने किया निर्भया का अपमान
डॉक्यूमेंट्री में बचाव पक्ष के वकील एमएल शर्मा ने विवादास्पद बयान देते हुए निर्भया दुष्कर्म की घटना के लिए लड़की को ही जिम्मेदार ठहराया. डॉक्यूमेंट्री में दिए गए अपने बयान की पुष्टि करते हुए शर्मा ने कहा कि अगर आप मिठाई को सड़क पर रखेंगे, तो कुत्ते उसे खाने के लिए आएंगे ही. निर्भया के माता-पिता ने उसे इतनी देर रात में क्यों भेजा था. वह उसका ब्वॉयफ्रेंड नहीं था. क्या यह निर्भया के माता-पिता की जिम्मेदारी नहीं थी कि वह कहां और किसके साथ जा रही थी. हां, मैंने कहा था कि भारतीय संस्कृति सबसे अच्छी है. हमारी संस्कृति में महिलाओं के लिए कोई जगह नहीं है.पेट्रोल डालकर जला देता


दोषियों के वकील एपी सिंह ने भी एक ऐसा बयान देते हुए कहा कि काफी महत्वपूर्ण है कि अगर लड़कियां रात में बाहर जाना चाहती हैं तो अपने अभिभावकों के साथ जाएं न कि पुरुष मित्रों के साथ. उन्होंने तो यहां तक कहा कि अगर उनकी बहन या बेटी अवांछित गतिविधियों में संलिप्त मिलती तो वह उस पर पेट्रोल डालकर जला देते. हमारे समाज में लड़कियों को रात साढ़े आठ बजे के बाद किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जाती.

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Posted By: Prabha Punj Mishra