दो महीने बाद दुल्हन सहित घर लौटी बारात, अब 14 दिन के होम क्वाॅरंटीन में रह रहे सभी

बिहार में दुल्हा बारात लेकर दुल्हन को ब्याहने गया था। लाॅकडाउन की वजह से बारातियों सहित दुल्हा वहीं फंस गया। अब दो महीने बाद बाराती दुल्हन सहित घर वापस लौट आए।

Updated Date: Fri, 22 May 2020 11:50 AM (IST)

कानपुर (उत्तर प्रदेश)। बिहार के बेगूसराय में दुल्हन के घर में लगभग 60 दिन बिताने के बाद शादी में शामिल हुए 11 सदस्यों की बारात दुल्हन के साथ अपने घर लौट आए। बारात के सभी सदस्य अब गुरुवार के दिन यानि कि 21 मई को चौबेपुर में अपने घर वापस आ गए हैं। उन्हें अब 14 दिन के लिए होम क्वाॅरंटीन में रखा गया है। परिवार के सूत्रों के मुताबिक जिले के चौबेपुर इलाके के हकीम नगर गांव के रहने वाले इम्तियाज की शादी बिहार के बेगूसराय की खुशबू से हुई। ये शादी 21 मार्च को बिहार के बेगूसराय में हुई थी। इसके अगले ही दिन 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लग गया और फिर लाॅकडाउन लागू हो गया। इसलिए बारात दुल्हन के घर पर ही रुक गई और वापस नहीं लौट पाई।

दो महीने बाद दुल्हन सहित घर लौटी बारात

इस पर दुल्हे के पिता महबूब ने कहा, 'हमने कई हेल्पलाइन नंबरों पर फोन मिलाया पर कोई फायदा नहीं हुआ। हालातों की वजह से बारात को दुल्हन के घर पर टिकना पड़ा। दुल्हन के घर वालों पर ये अलग से एक बोझ पड़ गया इसलिए हमने उनके साथ मिल कर अपना कंट्रीब्यूशन दिया, जितना भी कर सकते थे। दो दिन पहले हमने फिर से वरिष्ठ जिला अधिकारियों से संपर्क किया जिन्होंने हमें यात्रा पास दिए और स्थानीय लोगों ने मिनी बस की व्यवस्था की। फिर हम बेगुसराय से 19 मई के दिन रवाना हुए।'

दुल्हन के परिवार को गांव के लोगों की मदद

महबूब ने आगे कहा, 'इस 20 घंटे की यात्रा में हाइवे पर लोगों द्वारा बंट रहे खाने से बारातियों ने पेट भरा और उनका दिया पानी पिया। चैबेपुर के इंस्पेक्टर विनय तिवारी से उनकी मुलाकात हुई और डाॅक्टरोंं की एक टीम ने जांच के लिए हमारे सैंपल लिए। ये बिल्हौर कम्युनिटी हेल्थ सेंटर पर किया गया था ताकि कोरोना वायरस के होने न होने का पता लग सके। हमने उनसे पूछा कि क्या हमें 14 दिन होम क्वाॅरंटीन रहना है। गांव के जो लोग इस शादी का हिस्सा बने थे, उनका कहना है कि वो इस शादी को कभी नहीं भूल पाएंगे।' एक बाराती अस्लम ने कहा, 'जब हम बेगुसराय के लिए बारात ले जा रहे थे तो हमें जरा भी अंदेशा नहीं था कि ये सब होने वाला है। हालांकि हम सभी दुल्हन के परिवार की तरफ से मिलने वाले प्यार और सम्मान को नहीं भूलेंगे। दूसरे गांव वालों ने भी राशन पानी में दुल्हन के परिवार की मदद की थी ताकि हमें समय पर खाना मिल सके।'

Posted By: Vandana Sharma
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