बागमती खतरे के निशान से ऊपर, कई गांव बाढ़ में घिरे

Updated Date: Tue, 30 Jun 2020 09:36 AM (IST)

- खगडि़या, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर में बागमती खतरे के निशान से ऊपर

- तटबंध के नौ बिंदुओं पर कोसी ने बढ़ाया दबाव

BHAGALPUR: पिछले दो दिन से खगडि़या में कोसी-बागमती खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। दोनों नदियों के जलस्तर में और बढ़ोतरी होगी। उत्तर बिहार में भी सोमवार को कई क्षेत्रों में जमकर बारिश हुई। जिससे बागमती, कमला बलान और लखनदेई के जलस्तर में वृद्धि जारी रही। सुपौल में कोसी ने तटबंध के ऊपर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। इस कारण पूर्व बिहार, कोसी और सीमांचल में नदियों के प्रभाव क्षेत्र में रहने वाले लोग भयभीत हैं।

बारिश से उफन रही नदियां

खगडि़या के बलतारा में कोसी खतरे के निशान से 62 और संतोष स्लूस गेट के पास खतरे के निशान से 51 सेमी ऊपर बह रही है। सुपौल में कोसी आक्रामक हो गई है। भारतीय प्रभाग के पश्चिमी तटबंध के नौ बिंदुओं एवं नेपाल प्रभाग के एक बिंदु पर इसने दबाव बना दिया है। कोसी में उफान से सरायगढ़ और किशनपुर प्रखंड क्षेत्र में तटबंध के बीच बसे दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। अररिया जिले के फारबिसगंज अनुमंडल में परमान नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। किशनगंज में कनकई नदी को छोड़ महानंदा, मेंची, डोक, रेतुआ समेत सभी नदियों का जलस्तर घटने लगा है। कनकई नदी में सोमवार को चार सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। गाछपाड़ा के समीप महानंदा का तटबंध क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर तत्काल राहत कार्य शुरू किया गया है। कटिहार जिले में महानंदा अब भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंगा व कोसी के जलस्तर में भी वृद्धि जारी है।

Posted By: Inextlive
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