शुल्क तय नहीं होने से अभी मरीजों से करीब चार हजार का सामान मंगा की जा रही जांच निजी जांच केंद्रों व अस्पतालों में 12 से 14 हजार रुपये का आता खर्चा बिना भर्ती किए दो घंटे में रिपोर्ट

पटना (ब्यूरो)। इंदिरा गांधी हृदय रोग संस्थान (आईजीआईसी) में अब रक्त धमनियों में ब्लाकेज के लिए भर्ती होकर कोरोनरी एंजियोग्राफी जांच कराने की जरूरत नहीं है। अब यहां महज 15 मिनट में कम्यूटेड टोमाग्राफी (सीटी) कोरोनरी एंजियोग्राफी जांच से कहां, कितना ब्लाकेज है और कितना गंभीर हो सकता की जानकारी मिल सकेगी। दो घंटे में इसकी रिपोर्ट भी दे दी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा तीन माह में इस जांच का शुल्क निश्चित नहीं किया गया है। मशीन का लाभ रोगियों को दिलाने के लिए निदेशक के आदेश पर जांच में आवश्यक कंट्रास्ट डाई व अन्य सामान जिसकी लागत करीब 3500 से 4000 रुपये आती है मंगा कर जांच की जा रही है। निजी अस्पतालों व जांच केंद्रों में इसके लिए 12 से 14 हजार रुपये लिए जाते हैं। संस्थान के निदेशक डा। सुनील कुमार ने बताया कि हर दिन तीन से चार मरीजों की सीटो कोरोनरी एंजियोग्राफी की जा रही है। अबतक 50 से अधिक मरीजों को इस जांच का लाभ मिल चुका है।

युवाओं पर खतरे को देखते हुए यह जांच जरूरी :

आधुनिक जीवनशैली व व्यायाम से परहेज के कारण बड़ी संख्या में युवाओं पर हृदय रोग का खतरा मंडरा रहा है। ऐसे में हृदय रोग की जल्द से जल्द पहचान के लिए सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी या सीटी एंजियोग्राफी नामक को सबसे सटीक माना जाता है। सामान्य एंजियोग्राफी की तरह इसमें रोगियों को न तो भर्ती करना पड़ता है और न ही हाथ या पैर से शरीर में तार डालने की जरूरत होती है। इन दोनों जांच की जरूरत ब्लड टेस्ट, ईसीजी, टीएमटी और ईकोकार्डियोग्राफी जैसी जांच में हृदय की सही स्थिति पता नहीं चलने के बाद की जाती हैं। सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी में 90 प्रतिशत मरीजों की बीमारी की पहचान की जा सकती है। बीमारी की जल्द पहचान का ये सबसे बेहतर तरीका है।

सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी क्या है :
कम्यूटेड टोमाग्राफी (सीटी) कोरोनरी एंजियोग्राफी में कंट्रास्ट डाई, सीटी स्कैनर व कंप्यूटर से हृदय और रक्त वाहिकाओं यानी कोरोनरी धमनियों की छवि बनाई जाती हैं। इससे वसा, कोलेस्ट्राल व कैल्शियम की अधिकता से कितना ब्लाकेज, किस स्थान पर ब्लाकेज और उसकी गंभीरता के साथ धमनियों में संकुचन का पता चलता है। कंट्रास्ट डाई का इंजेक्शन नस में दिया जाता है। कई बार बीटा ब्लाकर व नाइट्रोग्लीसरिन की टैबलेट भी देते हैं।

कब की जाती है सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी :

- सीने में दर्द हो लेकिन ईसीजी सामान्य आए।
- ट्रेडमिल पर व्यायाम या साइकिल चलाते वक्त हृदय में दबाव के स्पष्ट नहीं होने पर।
- असामान्य रूप से सीने में दर्द, हृदय की कार्यक्षमता में कमी के साथ एक्यूट हार्ट फेल्योर ।
- कोरोनारी आर्टरी डिजीज खतरे की आशंका पता करने के लिए।

जांच के पहले ये लोग रखें ध्यान :
गर्भवती या स्तनपान करा रही महिलाएं। मधुमेह, अस्थमा या किडनी के मरीज, कोई दवा ले रहे हैं और यदि किसी दवा या कंट्रास्ट डाई से एलर्जी हो तो जांच के पहले डाक्टर को बताएं। जांच के चार घंटे पहले से चाय-काफी समेत कुछ भी खाने-पीने से परहेज करना चाहिए।

Posted By: Inextlive