पाटीपुल घाट से दीदारगंज के बीच 41 घाट पर व्रती देंगे अघ्र्य लाइटों से सजेगा घाट

पटना ब्‍यूरो। लोक आस्था का महापर्व चैती छठ को लेकर पटना के गंगा घाटों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है। घाट पर व्रतियों को कोई समस्या न हो इसके लिए पटना नगर निगम जोर-शोर से तैयारी में जुटा है। पाटीपुल घाट से दीदारगंज के बीच अघ्र्य के लिए 41 घाट तैयार किए जा रहे हैं। इसमें 7 तालाब भी शामिल है। घाटों पर बैरिकेडिंग का काम लगभग पूरा हो गया है। लाइटिंग के लिए बिजली के पोल लगाए जा रहे हैं। पाटीपुल घाट पर तो चेजिंग रूम से लेकर बिजली के पोल तक लग गए हैं। इसके अलावा बांकीपुर अंचल में 12 घाट, अजीमाबाद अंचल में नौ, पटना सिटी अंचल में 12, पाटलिपुत्र अंचल में सात, नूतन राजधानी अंचल में एक गंगा घाट और साल तालाब तैयार किए जा रहे हैं। जहां व्रती भगवान सूर्य को अघ्र्य देंगे। पढि़ए रिपोर्ट

बांकीपुर अंचल के 12 घाटों पर व्रती देंगे अघ्र्य
पटना नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि बांकीपुर अंचल में 12 घाट लगभग तैयार हैं। जहां कमी है उसे दो दिन के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। इसमें काली घाट, पटना कॉलेज घाट, कदम घाट, कृष्णा घाट, गांधी घाट, बरहरवा घाट, लॉ कॉलेज घाट, रानी घाट, रोशन घाट, चौधरी टोला घाट और पथरी घाट शामिल है। इसके अलावा पाटलिपुत्र अंचल में सात गंगा घाटों पर छठ महापर्व का आयोजन होगा। पाटीपुल, दीघा 93, दीघा 83, दीघा 88, एलसीटी घाट, बांसघाट और कलेक्ट्रेट घाटों का चयन किया गया है। इसके अलावा कंकड़बाग के पार्कों व तालाबों में भी अघ्र्य की व्यवस्था वन प्रमंडल की ओर से की गई है।

न हाय-खाय के साथ लेगी व्रत का संकल्प

लोग आस्था का महापर्व साल में दो बार श्रद्धा पूर्वक लोग मनाते हैं। पहला कार्तिक के शुक्ल पक्ष में और दूसरा चैत माह के शुक्ल पक्ष में। छठ पूजा का पर्व चार दिनों का होता है। इस बार 12 अप्रैल से नहाय-खाय के साथ शुरुआत होगी। 13 अप्रैल को खरना व 14 अप्रैल को अस्तचालगामी सूर्य को अघ्र्य देंगे। 15 अप्रैल को उगते सूर्य को अघ्र्य देकर व्रत का समापन व्रती करेंगे। ज्योतिषाचार्य डॉ। विकास नाथ झा कुंवर ने बताया कि रोहिणी नक्षत्र व आयुष्मान योग में नहाय-खाय के साथ चैती छठ का महापर्व शुरू होने से अति पुण्यकारी योग बन रहा है। व्रती स्नान ध्यान के बाद अरवा चावल, चना दाल, कद्दू की सब्जी आदि ग्रहण कर चार दिवसीय इस महापर्व का संकल्प लेंगी।

छठ महापर्व
12 अप्रैल, शुक्रवार : नहाय-खाय
13 अप्रैल, शनिवार : खरना
14 अप्रैल, रविवार : संध्या अर्घ
15 अप्रैल, सोमवार : प्रात: अर्घ

13 को विधि विधान से होगा खरना
ज्योतिषाचार्य डॉ। विकास नाथ झा कुंवर ने बताया कि व्रती 13 अप्रैल को खरना पूजा करेंगे। पूरे दिन निर्जला उपवास कर संध्या के समय घर के बाकी सदस्यों के साथ गुड़ से बनी चावल की खीर का सेवन किया जाता है।


चैती छठ को लेकर घाटों पर तैयारी चल रही है। कई घाटों पर कार्य अंतिम चरण में है। जहां कमी है वहां पर्व की शुरुआत से पहले पूर्ण कर लिया जाएगा।
- राजन सिन्हा, अपर नगर आयुक्त, पटना नगर निगम

Posted By: Inextlive