नए साल में बिजली मारेगी करंट

2019-01-03T06:00:19Z

RANCHI बिजली के उपभोक्ता हो जाएं सावधान जल्द ही बिजली बिल आपको झटका देगा। नए साल में उपभोक्ताओं को झारखंड बिजली वितरण निगम महंगी बिजली की सौगात देगी। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। जेबीवीएनएल ने नई दरों का टैरिफ तैयार कर विद्युत नियामक आयोग को सौंप दिया है। अब नई टैरिफ को लेकर पब्लिक नोटिस जारी किया जाएगा। फिर, जन सुनवाई आयोजित कर आम लोगों की राय ली जाएगी। इसके उपरांत नियामक आयोग में अंतिम सुनवाई के बाद बढ़ी हुए टैरिफ को लागू करने का फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि नई दरें हर कैटेगरी के उपभोक्ताओं की जेब ढीली करेगी।

शहर हो या गांव, एक दर

बिजली वितरण निगम के प्रस्ताव के मुताबिक, ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं की श्रेणी समाप्त किए जाने की योजना है। ये सामान्य घरेलू उपभोक्ता के स्लैब में शामिल होंगे। अब सारे घरेलू उपभोक्ता एक श्रेणी के तहत आएंगे। फि लहाल ये प्रति यूनिट 4.40 रुपये का भुगतान करते हैं। वहीं शहर के बिजली उपभोक्ता दर में बढ़ोतरी से कम प्रभावित होंगे, फि लहाल इन्हें 5.50 रुपये प्रति यूनिट बिजली दर चुकाना पड़ता है, इसमें अधिकतम पचास पैसे तक की वृद्धि की जा सकती है।

कार्मशियल को भी एक रेट

बिजली वितरण निगम के नए प्रस्ताव के अनुसार, व्यवसाय के लिए इस्तेमाल होने वाली बिजली के अलग-अलग कैटेगरी को समाप्त करने का निर्णय किया है। प्रस्ताव में इसका जिक्र है कि व्यावसायिक बिजली के विभिन्न कनेक्शन एलटीआइएस, एचटीआइएस, कॉमर्शियल की जगह बिजली उपभोक्ता की एक ही श्रेणी रहेगी। सारे व्यावसायिक उपभोक्ता एक समान दर चुकाएंगे, व्यावसायिक इस्तेमाल में आने वाली बिजली की दर अधिकतम सात रुपये प्रति यूनिट हो सकती है।

कितनी बढ़ोतरी हो, आयोग करेगी फैसला

झारखंड बिजली वितरण निगम ने न्यू टैरिफ की दर को लेकर अपना प्रस्ताव विद्युत नियामक आयोग को सौंप दिया है। अब आयोग की ओर से इस दिशा में आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। ऑब्जेक्शन मांगे जाने व जन सुनवाई के बाद ही दर बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला होगा। ऐसे में यह पूरी तरह आयोग पर निर्भर करेगी कि बिजली की नई दर में कितनी परसेंट बढ़ोतरी की जाए।

2789.17 करोड़ रुपये का नुकसान

झारखंड बिजली वितरण निगम ने अपनी टैरिफ पिटीशन में वित्तीय वर्ष 2018-19 में 2789.17 करोड़ रुपये के घाटे अनुमान लगाया है। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग से घाटा पाटने के लिए ही टैरिफ में बढ़ोतरी करने की मांग की है। वितरण निगम द्वारा आयोग को सौंपे गये टैरिफ प्रस्ताव में वित्तीय वर्ष 2018-19 में अनुमानित खर्च ग्रॉस एनुअल रेवेन्यू रिक्वायरमेंट, एआरआर 7577.52 करोड़ का है, जबकि बिजली बेचने पर केवल 4788.36 करोड़ रुपये ही मिलेंगे, यानी 2789.17 करोड़ रुपये का रेवेन्यू गैप होगा। कहा गया कि है कि इसमें केवल बिजली खरीद पर 5740.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे,


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