20 साल में हजारों इंसान बेच डाले अरबपति मानव तस्कर गिरफ्तार

2019-07-20T10:56:34Z

पिछले बीस वर्षो से झारखंड और ओडिशा पुलिस के लिए सिरदर्द बना मानव तस्कर पन्नालाल उर्फ गंझू आखिरकार दबोच ही लिया गया उसपर झारखंड और ओडिशा से हजारों की संख्या में लड़केलड़कियों को देश के विभिन्न शहरों में बेच देने का आरोप है

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RANCHI : पिछले बीस वर्षो से झारखंड और ओडिशा पुलिस के लिए सिरदर्द बना मानव तस्कर पन्नालाल उर्फ गंझू आखिरकार दबोच ही लिया गया. उसपर झारखंड और ओडिशा से हजारों की संख्या में लड़के-लड़कियों को देश के विभिन्न शहरों में बेच देने का आरोप है. इस कुख्यात मानव तस्कर को खूंटी पुलिस ने गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया. पन्ना लाल की गिरफ्तारी पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है. पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी. बताया जाता है कि उसने लोगों को बेच-बेच कर करीब 100 करोड़ की संपत्ति जुटा ली है.

बड़े शहरों में बेचता था लोगों को

पन्ना लाल पर आरोप है कि पिछले दो दशक के दौरान झारखंड और ओडिशा के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में वह लोगों को काम दिलाने के नाम पर दिल्ली, मुंबई, गुड़गांव, फरीदाबाद, नोएडा, गाजियाबाद, चंडीगढ़, जयपुर, लखनऊ, कानपुर, पटना, बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद, गोवा और देश से बाहर भी भेज रहा था. घरेलू काम दिलाने, बंधुआ मजदूरी करवाने, कारखानों में काम कराने से लेकर वेश्यावृत्ति के लिए लड़कियों को बेच देने तक की घटनाओं में पन्नालाल की संलिप्तता उजागर होती रही है. पुलिस के अनुसार वह मानव तस्करी के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से भी जुड़ा है.

पुलिस को देख भाग रहा था पन्नालाल

खूंटी के डीएसपी जयदीप लकड़ा ने शुक्रवार को बताया कि खूंटी टोला स्थित पन्ना लाल के भाई के घर पर किसी काम से पन्नालाल आया हुआ था. पुलिस को पूर्व से ही मुरहू और तोरपा के मानव तस्करी संबंधी दो मामलों में पन्नालाल की तलाश थी. पन्नालाल के खूंटी में होने की सूचना पर छापामारी दल का गठन किया गया और गुप्त रूप से छापेमारी अभियान चला. पुलिस को देख पन्नालाल ने भागने की भी कोशिश की, लेकिन जवानों ने उसे दबोच लिया.

दलालों के नाम-नंबर भी मिले

मौके से पन्नालाल की सफेद रंग की फॉच्र्यूनर कार भी जब्त की गई है. फॉच्र्यूनर की जांच करने में पुलिस को एक पीले रंग की फाइल मिली है, जिसमें 2019 में विभिन्न जगहों से तस्करी किए गए पीडि़त-पीडि़तों से संबंधित लेन-देन का हिसाब है. साथ ही एक ब्लू रंग की डायरी भी मिली है, जिसमें जमीन की खरीद-फरोख्त, बैंक एकाउंट से संबंधित लेखा-जोखा, कई दलालों के नाम और फोन नंबर दर्ज हैं. इसके अलावा एप्पल कंपनी का एक मोबाइल सफेद रंग का, विभिन्न बैंकों के चेक बुक व एटीएम कार्ड, बिरसा भगवान प्लेसमेंट एजेंसी संबंधित मुहर, ज्यूडिशियल स्टांप पेपर, एक ग्रे रंग का बैग, जिस पर विभिन्न रंग का ¨प्रट है बरामद किया गया है.

रांची से दिल्ली तक खरीदी महंगी जमीन

खूंटी के हुटार में 5.12 एकड़, खूंटी टोला में 1.27 एकड़, फूदी में 2.54 एकड़ जमीन है. इसके अलावा रांची के अरगोड़ा में 35 और 79 डिसमिल, अरगोड़ा हाउ¨सग कॉलोनी में 12.37 डिसमिल, दिल्ली के जेजे कॉलोनी में 80 डिसमिल के अलावा अन्य जगहों पर जमीन है.

क्या है आपराधिक इतिहास

पन्नालाल पर एंटी ह्यूमन ट्रैफि¨कग यूनिट खूंटी में 15/14, 4/13, 16/14, 27/14, 24/15, 6/18, 4/15 के तहत मामले दर्ज हैं. इसके अलावा मुरहू में तीन (65/5, 45/3, 13/4) मामले, तोरपा में दो (21/6, 48/6), जगन्नाथपुर थाना में 210/14, कामडारा में 6/15, गुमला में 99/10, टाइटल सूट केस 22/14, सुलतानपुरी थाना दिल्ली कांड संख्या 918/14 मामले दर्ज हैं.


पुलिस की गिरफ्त में भी हंस रहा था पन्नालाल

कहा जाता है पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद अच्छे-अच्छों की हवा निकल जाती है. लेकिन राज्य के सबसे बड़े मानव तस्कर पन्नालाल के चेहरे पर तो उस समय भी शिकस्त के भाव नहीं दिखे, जब वह पुलिस की गिरफ्त में आया. देर रात जब वह भागने के क्रम में पकड़ा गया, तो पुलिस बल के जवानों ने उससे पूछा, बताओ तुम्ही हो न पन्नालाल? तब सहज भाव से उसने स्वीकर करते हुए कहा हां मैं ही पन्नालाल हूं. इसके साथ ही पुलिस के समक्ष मोटी रस्सी से बंधने और पुलिस कस्टडी में होने के बावजूद पन्नालाल ने मुस्कुराते हुए कहा उसके सभी मामले तो लगभग समाप्त हैं. आज एक मामले में कोर्ट में उसकी गवाही भी थी, बावजूद इसके पता नहीं क्यों पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. इसके साथ ही चेहरे पर मुस्कान बिखेरते हुए पन्नालाल ने कहा कि कोई बात नहीं सब ठीक हो जाएगा.


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