-ईयर 2018 में बर्थ का रजिस्ट्रेशन 11 और डेथ का सिर्फ 2.5 परसेंट रहा, बीते चार सालों में नहीं हुई एक भी नवजात की डेथ

-अफसरों ने अपडेट ही नहीं किए नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर में शहर के आंकड़े, डायरेक्टर ऑफ सेंसेस ऑपरेशन ने लगाई क्लास

KANPUR : जानकर हैरानी होगी कि बर्थ-डेथ रजिस्ट्रेशन मामले में देश में कानपुर सबसे फिसड्डी साबित हुआ है। ऐसा नहीं है कानपुर में बर्थ और डेथ देश में सबसे कम है, लेकिन डिपार्टमेंटल अफसरों ने नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर में इन आंकड़ों को अपडेट ही नहीं किया है। ईयर 2018 में बर्थ का रजिस्ट्रेशन 11 और डेथ का 2.5 परसेंट आंकड़ा ही अपडेट किया गया। इससे साफ पता चलता है कि अफसर किस कदर बेहद इम्पॉर्टेट काम में कैसी लापरवाही कर रहे हैं।

वेडनसडे को कानपुर आए डायरेक्टर ऑफ सेंसेस ऑपरेशन व डायरेक्टर ऑफ सिटीजन रजिस्ट्रेशन नरेंद्र शंकर पांडेय यह हालात देख कर भड़क गए। सीएमओ, डीपीआरओ और डीपीओ को कड़ी फटकार लगाते हुए उन्हें वार्निग दी। इस बाबत डीएम डा। ब्रह्मदेव राम तिवारी, नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी व अन्य अफसरों के साथ कलेक्ट्रेट में मीटिंग भी की।

पहले मकानों की होगी काउंटिंग

कानपुर के लापरवाह हेल्थ डिपार्टमेंट ने ईयर 2012 और 2015 के बाद से अब तक एक भी नवजात की डेथ का आंकड़ा अपडेट नहीं किया है। जबकि हेल्थ डिपार्टमेंट के आंकड़ों के मुताबिक हर साल 1,000 में से 52 इंफेंट चाइल्ड की डेथ होती है। जनगणना यूपी के असिस्टेंट डायरेक्टर डॉ। गौरव पांडेय के मुताबिक मार्च 2021 में जनगणना का काम शुरू होगा। पहले मकानों की गणना की जाएगी। इस गणना के दौरान 31 सवालों के जवाब लिए जाएंगे। एचएलओ एक-एक घर में जाकर यह सर्वे पूरा करेंगे। इस सर्वे में 11,650 कर्मी लगाए जाएंगे। 15 फरवरी से 15 मार्च तक सभी को ट्रेनिंग दी जाएगी।

डिजिटलाइज होगी गणना

मकान और जनगणना के काम को पूरी तरह से डिजिटली किया जाएगा। हालांकि एचएलओ मोबाइल एप और फॉर्म के जरिए दोनों फार्मेट में गणना कर सकेंगे। फाइनल सर्वे में डिजिटल डाटा ही सब्मिट करना होगा। बता दें कि डिजिटल सर्वे करने पर 25,000 रुपए तक उन्हें दिए जाएंगे। डिजिटल सर्वे ट्रायल के तौर पर लखनऊ, महोबा और हाथरस में किया गया था। हाथरस में 100 परसेंट डिजिटल सर्वे में सफलता मिली।

स्लम और कैंट एरिया में विशेष जोर

सोर्सेज के मुताबिक मकान और जनगणना करने में स्लम, कैंट और विशेष एरियाज में खासा जोर दिया जाएगा। इनमें एक-एक व्यक्ति को गणना में शामिल करने का टारगेट किया गया है। सशस्त्र सीमा बलों के जवानों को भी इसमें विशेष रूप से शामिल किया गया है।

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सिटी में लो रजिस्ट्रेशन ऑफ बर्थ

ईयर रूरल अर्बन

2014 24,277 48,494

2015 26,760 47,911

2016 20,617 48,673

2017 22,129 40,981

2018 21,586 37,906

2019 20,205 56,168

(नोट- 2019 के आंकड़ें नवंबर-19 तक के हैं.)

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सिटी में लो रजिस्ट्रेशन ऑफ डेथ

ईयर रूरल अर्बन

2014 2144 29,461

2015 1031 30,737

2016 655 33,066

2017 1089 13,967

2018 973 12,748

2019 959 15,628

(नोट- 2019 के आंकड़ें नवंबर-19 तक के हैं.)

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देश में यूपी सबसे पीछे

बर्थ रजिस्ट्रेशन

ईयर 2014 2015 2016 2017

इंडिया 88.8 88.3 86 84.9

यूपी 68.3 67.4 60.7 61.5

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डेथ रजिस्ट्रेशन

ईयर 2014 2015 2016 2017

इंडिया 74.3 76.6 78.1 79.6

यूपी 46.1 44.2 40.2 38.3

नोट- आंकड़े परसेंटेज में हैं।

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हाउसलिफ्ट सर्वे में कुछ प्रमुख सवाल ये होंगे

-जनगणना मकान नंबर

-मुखिया का नाम

-फैमिली रहने वालों की संख्या

-वाटर सप्लाई का सोर्स

-लाइटिंग का प्रमुख सोर्स

-ट्वॉयलेट

-सीवेज कनेक्शन है या नहीं

-किचन में ईधन का यूज

-टीवी है या नहीं

-इंटरनेट है या नहीं

-लैपटॉप और कंप्यूटर

-टेलीफोन और स्मार्ट फोन

-साइकिल और मोटरसाइकिल

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जनगणना में पूछे जाएंगे ये सवाल

-पूरा नाम

-मुखिया से संबंध

-सेक्स

-डेट ऑफ बर्थ

-मैरिटल स्टेटस

-एजूकेशन

-बिजनेस व जॉब

-परमानेंट एड्रेस

-परमानेंट एड्रेस में कब से निवास

-अंतिम निवास स्थान

-पिता व माता का नाम

-पति व पत्‍‌नी का नाम

-पिता और माता का जन्म स्थान

-आधार नंबर

-वोटर आईडी नंबर

-पैन कार्ड नंबर

-ड्राइविंग लाइसेंस नंबर

-पासपोर्ट नंबर

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Posted By: Inextlive