बॉलीवुड की मशहूर अदाकारा कानपुर की पूनम ढिल्लो आज किसी परिचय की मोहताज नहीं. उनका नाम लेते ही लोगों के सामने उनके अभिनय और खूबसूरती की छवि उभरकर सामने आ जाती है. 18 अप्रैल 1962 को कानपुर में जन्‍मी पूनम ने मनोरंजन की दुनिया में एक बड़ा मुकाम हासिल किया. एक जमाना ऐसा था कि लोग पूनम की फिल्‍मों का इंतजार करते रहते थे. उन्‍होंने करीब 50 से अधिक फिल्‍मों में अभिनय किया. इसके अलावा 1988 में पूनम ढिल्लों ने फिल्म निर्माता अशोक ठकारिया के साथ विवाह रचा लियालेकिन पूनम के बारे में एक बात ऐसी है जो शायद हर किसी को नहीं पता. पूनम के अंदर भी एक आम लड़की की तरह दो ख्‍वाहिशें ऐसी थीं जो कि वह पूरा करना चाहती थीं लेकिन भाई की सलाह व मना करने पर वह पीछे हट गयीं. आइये जानें बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री की उन दो ख्‍वाहिशें के बारे में...


शायद गॉड को मंजूर नहीं थीं


अभिनेत्री पूनम का सपना अभिनेत्री बनने का नहीं था, उन्होंने ने तो इस क्षेत्र के बारे में सोचा तक नहीं था. पूनम को बचपन से बॉयोलाजी पसंद थी. वह उसमें दिन रात मेहनत करना चाहती थी, क्योंकि पूनम ढिल्लो का सपना डॉक्टर बनने का था. वह डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहती थी, लेकिन उनका यह सपना अधूरा रह गया उनके भाई ने उन्हें मना कर दिया. इसके बाद वह पब्लिक एडमिनिस्ट्रेश की पढ्राई की ओर मन बनाया कि वह यहां अपना करियर बनाकर कुछ अलग कर सकती है. जिससे डॉक्टर बनने के सपने को अधूरा छोड़ पूनम सिविल सर्विस देने की तैयारी में जुट गयीं. वह पूरे ध्यान से इस ओर मेहनत कर रही थीं, लेकिन शायद गॉड को कुछ और ही मंजूर था. पूनम ढिल्लो की ये दोनों ही ख्वाहिशें अधूरी रह गयीं. अपनी दोनों अधूरी ख्वाहिशों के बाद ही पूनम ने मनोरंजन की दुनिया की ओर रुख किया.अभिनय की दुनिया में प्रवेश

पूनम काफी खूबसूरत थी और उन्हें खूबसूरती की प्रंशसा चारों ओर हो रही थी. शायद इसी लिये ही उनकी खूबसूरती और अंदाजों से प्रभावित होकर ही निर्माता-निर्देशक यश्ा चोपड़ा ने उन्हें फिल्मों में काम करने की सलाह दी. इतना ही नहीं यश चोपड़ा ने उन्हें अपनी फिल्म त्रिशूल में काम करने का ऑफर भी दे डाला, लेकिन पूनम ने मना कर दिया. ऐसे में पूनम को फिल्म के ऑफर को मना करने की बात उनके फैमिली फ्रेंड बलवंत गार्गी को पता चली तो उन्होंने पूनम को समझाने का प्रयास किया.बलंवत गार्गी पंजाब यूनिवर्सिटी में ड्रामेस्टिक विभाग के हेड थे. जिससे उन्होंने पूनम और उनके परिजनो समझाया कि हॉलीडेज में तुम इस फिल्म में काम करना. इसके साथ ही कहा कि फिल्मों में काम करना अच्छी बात है. यह तो एक कला है. जिस पर पूनम के परिजनों ने हॉलीडेज में ही फिल्मों में काम करने की परमीशन दी थी. यहां भी क्िलक करें: तस्वीरों में देखें दो अधूरी ख्वाहिशों के साथ जीने वाली अभिनेत्री पूनम ढिल्लो की टॉप 10 फिल्में...टीवी और फिल्मों में सक्रियता

पूनम ने इसके बाद यश चोपड़ा की फिल्म के लिये हामी भर दी. बस यहीं से पूनम के अभिनय की दुनिया में प्रवेश के रास्त खुल गये. पहली फिल्म में ही उन्हें संजीव कुमार शशि कपूर और अमिताभ बच्चन जैसे नामचीन सितारों के साथ काम करने का मौका मिला. यह फिल्म काफी हिट हुयी. इसके बाद उनकी नूरी और सोनी महिवाल जैसी फिल्में काफी हिट रहीं. इसके अलावा महानता, जुदाई, पत्थर के इंसान, कुर्बानी, साया, अमीरी गरीबी जैसी करीब 50 से अधिक फिल्मों में उन्होंने काम किया. इसके अलावा पूनम ने टीवी पर भी काम किया. उन्होंने जीटीवी के किटी पार्टी और जीटीवी अफ्रीका के क्रष्ट द्रष्ट में काम किया. इतना ही नहीं इन्हें द परफेक्ट हासबैंड वाइफ में 2005 में अवार्ड भी मिला है. इन्होंने 2004 में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर ली. इसके अलावा यह एडिटिंग और सोशल वर्क से भी जुड़ीं.

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Posted By: Satyendra Kumar Singh