बिल्डिंग गिरी तो चली जाएगी हजारों की जान

2019-07-08T06:00:10Z

RANCHI : राजधानी में झमाझम बारिश हो रही है। ऐसे में जर्जर इमारतों के लिए यह बारिश कब काल बन जाए यह कहा नहीं जा सकता। इसके बाद भी सिटी के भीड़ भाड़ वाले इलाकों में जर्जर हाल में खड़ी कई इमारतों पर न तो नगर निगम का ध्यान है और न ही भवन निर्माण विभाग का। इस बीच अगर एक भी जर्जर बिल्डिंग गिरी तो हजारों लोगों की जान पर खतरा आ सकता है। यह लापरवाही तब है जबकि पिछले साल ही निगम की बोर्ड ने बैठक के दौरान जर्जर भवनों को चिन्हित कर उसे जमींदोज करने का आदेश दिया गया था। लेकिन आदेश पर अमल नहीं हुआ। यही वजह है कि ऐसे भवन सीना ताने हादसे के इंतजार में खड़े हैं।

नोटिस के नाम पर खानापूर्ति

नगर निगम सिटी में खतरनाक बन चुके ऐसे जर्जर भवनों को लेकर हर साल नोटिस जारी करने की बात करता है। खानापूर्ति के नाम पर कुछ मालिकों को नोटिस भी जारी किया जाता है। लेकिन उसके बाद निगम के अधिकारी दोबारा पलटकर भी नहीं देखते कि जर्जर भवन की क्या स्थिति है। यहीं वजह है कि बाजार और संकरी गलियों में आज भी कई ऐसी इमारतें खड़ी हैं जो कभी भी गिर सकती हैं।

जर्जर भवन में दुकानें आबाद

अपर बाजार में कई ऐसे भवन हैं जिनके जर्जर होने के बाद उसमें निवास कर रहे लोगों ने दुर्घटना से बचने के लिए अपना अपना घर तो खाली कर दिया। लेकिन ग्राउंड फ्लोर में अब भी कई दुकानें चल रही हैं। इससे भवन मालिक को आमदनी तो हो रही है पर संचालकों की जान खतरे में है। वहीं आसपास से हर समय हजारों लोग गुजरते हैं। बारिश के कारण अगर बिल्डिंग गिरती है तो कितने लोगों की जान जाएगी इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता।

शास्त्री मार्केट की दीवारें कमजोर

अल्बर्ट एक्का चौक में शास्त्री मार्केट काफी पुराना है। जहां पर दर्जनों दुकानें सालों से लगती आ रही हैं। वहीं इस मार्केट में कुछ बैंकों का भी संचालन हो रहा है। कई संस्थान भी इसी भवन में चल रहे हैं। इमारत जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह से उसका हिस्सा भी गिर रहा है। यहां तक कि दीवारों पर पेड़ भी उग आए हैं। पर मार्केट खाली कराने को लेकर किसी ने पहल नहीं की। इस बीच अगर हादसा हो जाए तो न जाने कितने लोगों के जान पर आफत आयेगी, कुछ कहा नहीं जा सकता है।

गिर रहा छज्जा, जान पर आफत

शहीद चौक के पास बड़ी इमारत है। इसमें दुकानें और संस्थान चल रहे हैं। इस बिल्डिंग के कई छज्जे ढह चुके हैं। यह सिलसिला जारी रहता है। जानने वाले लोग तो यहां से जल्दी निकल जाते हैं। पर बेफिक्र वहां से गुजरने वालों के साथ कभी भी अनहोनी हो सकती है। उन्हें तो यह भी पता नहीं कि उनके सिर पर आफत मंडरा रही है।


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