दोहरीघाटसहनजवां नई रेल लाइन को हरी झंडी

2019-07-18T06:00:39Z

- पूवरंचल को पीएम नरेंद्र मोदी ने दी सौगात

- 1320 करोड़ में तैयार होगी 80 किमी रेल लाइन, सरकार ने दी मंजूरी

- घट जाएगी गोरखपुर से वाराणसी की दूरी, तैयार होगा ऑप्शनल रास्ता

GORAKHPUR: लंबे इंतजार के बाद आखिरकार सरकार ने सहजनवां- दोहरीघाट लगभग 80 किमी नई रेल लाइन को मंजूरी दे ही दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की मीटिंग में इस नई रेल लाइन के प्रस्ताव पर मुहर लग गई। 1320 करोड़ की लागत से यह रेल लाइन तैयार होगी। इस रेल लाइन से गोरखपुर से वाराणसी की दूरी घट जाएगी। सहजनवां में यह रेल लाइन बाराबंकी-गोरखपुर-छपरा मेन लाइन में मिलेगी। वहीं दोहरीघाट से इंदारा होते हुए मऊ और वाराणसी चली जाएगी। यह रेल लाइन इंदारा से बलिया, छपरा और भटनी को भी जोड़ेगी।

अटकी हुई थी योजना

दरअसल, डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के बाद भी यह रेल लाइन रेट ऑफ रिट‌र्न्स सर्वे में फंसी हुई थी। जबकि, रेल मंत्रालय ने पहले ही इस लाइन के लिए 743.55 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत कर दिया था। हालांकि, आम जन और जन प्रतिनिधि इसकी मंजूरी को लेकर लगातार आवाज उठाते रहे हैं। फिलहाल, प्रधानमंत्री मोदी ने यातायात की दृष्टि से पिछड़े गोरखपुर के दक्षिणांचल को एक शानदार सौगात दे दी है।

सत्तर के दशक से चल रहा सहजनवां-दोहरीघाट का सर्वे

रेल मंत्रालय ने सत्तर के दशक में ही बांसगांव को रेल रूट से जोड़ने के लिए प्रस्ताव बनाया था। दोहरीघाट से इंदारा होते हुए वाराणसी के लिए पहले से ही रेलमार्ग था। ऐसे में सहजनवां और दोहरीघाट को रेलमार्ग से जोड़ने की बात पर आम सहमति भी बन गई। सर्वे के बाद मामला ठंडा पड़ गया। साल 1988- 89 में तत्कालीन रेलमंत्री महावीर प्रसाद ने एकबार फिर इस क्षेत्र को रेलमार्ग से जोड़ने की पहल शुरू की। सर्वे कराया, तीसरी बार बार सहजनवां से वाया कौड़ीराम होकर दोहरीघाट को जोड़ने के लिए सर्वे हुआ। पर, यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला गया। चौथे सर्वे के बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट के बाद भी यह योजना फाइलों से बाहर नहीं निकल पाई।

यहां बनेंगे रेलवे स्टेशन

सहजनवां, पिपरौली, खजनी, उनवल, बांसगांव, उरुवा, गोला बाजार, बड़हलगंज और दोहरीघाट।

इस नई रेल लाइन से गोरखपुर के दक्षिणांचल के विकास को गति मिलेगी। पूर्वोत्तर रेलवे को एक नया वैकल्पिक मार्ग मिलेगा। ट्रेनों का संचलन और प्रभावी ढंग से हो सकेगा।

- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे

खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन का हो चुका है शिलान्यास

केंद्र सरकार की कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के यातायात की दृष्टि से पिछड़े क्षेत्र खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन को भी मंजूरी दे दी है। नई रेल लाइन संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और बहराइच जनपद से होकर गुजरेगी। 240 किमी लंबी यह नई रेल लाइन खलीलाबाद से शुरू होकर मेंहदावल, डुमरियागंज, उतरौला, श्रावस्ती, भिनगा और बहराइच तक बिछाई जाएगी। इस रेल लाइन को पूरा करने के लिए वर्ष 2024-25 तक का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। निर्माण के लिए कैबिनेट ने 4940 करोड़ रुपए का बजट भी प्रस्तावित कर दिया है। दो मार्च 2019 को रेलमंत्री पीयूष गोयल ने खलीलाबाद में इस नई रेल लाइन की नींव रखी थी। बजट में इस रेल लाइन के लिए दस करोड़ रुपए भी आवंटित कर दिए गए हैं।


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