सारा मर्डर केस की सीबीआई जांच की सिफारिश

2015-07-25T07:00:42Z

-आसाराम के कुक मर्डर केस की भी सीबीआई जांच की सिफारिश

-सारा मामले में भी परीक्षण के बाद सीबीआई जांच का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा

LUCKNOW: प्रदेश सरकार ने आसाराम के कुक निखिल गुप्ता की हत्या और सारा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की जांच सीबीआई से कराने के लिये केंद्र सरकार को लेटर भेजा है। पिछले कई दिनों से इन दोनों मामलों की जांच सीबीआई से कराये जाने की मांग की जा रही थी।

जांच पर उठाये थे सवाल

बता दें कि निखिल गुप्ता न सिर्फ आसाराम का कुक था बल्कि नारायण साई रेप केस में मुख्य गवाह भी था। मुजफ्फरनगर में बाजार से घर जाते समय उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। पिछले दिनों निखिल के पिता नरेश गुप्ता ने लोकल जांच एजेंसी की इंवेस्टीगेशन पर सवाल उठाये थे जबकि निखिल की मां ने पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराये जाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि घटना के छह माह बाद भी इस मामले में पुलिस कातिल को अरेस्ट नहीं कर सकी। शुक्रवार को प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच की रिकमंडेशन के साथ लेटर सेंट्रल गवर्नमेंट को भेज दिया।

सारा की मां ने की थी गुजारिश

सारा की मौत की जांच भी सीबीआई से कराये जाने की सिफारिश प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से की है। सारा पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि त्रिपाठी की पत्‍‌नी थी। सारा की मौत फिरोजाबाद के सिरसागंज में रोड एक्सीडेंट में होने की बात कही गयी थी जिसमें अमन मणि भी सवार था। लेकिन घटना में अमनमणि को खरोंच तक नहीं आयी। जिसके बाद से ही सारा की मां ने अमन मणि पर हत्या का आरोप लगाना शुरू कर दिया था और फिरोजाबाद में अमनमणि के खिलाफ हत्या का मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। तीन दिन पहले सीमा ने सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात कर पूरे मामले की जांच सीबीआई से कराये जाने की मांग की थी। जिसका भरोसा सीएम ने दिया था। डीजीपी हेड क्वार्टर ने दो दिन पहले सीबीआइ जांच का प्रस्ताव शासन को भेजा था। इस सिलसिले में शासन स्तर पर प्रस्ताव परीक्षण और औपचारिकता पूरी करने के बाद जांच सीबीआई से कराये जाने की सिफारिश केंद्र सरकार को संस्तुति के साथ भेज दिया गया।

मिला डीजीपी आफिस से प्रस्ताव

सोर्सेज की मानें तो डीजीपी हेडक्वार्टर से सीबीआई जांच का प्रस्ताव मंगलवार रात को ही शासन के पास पहुंच गया था। शासन ने प्रस्ताव का परीक्षण किया और जरूरी लिखापढ़ी के बाद केंद्र सरकार के पास भेज दिया।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy  and  Cookie Policy.