सीबीआई ने रेड करके खंगाला अतीक का वर्तमान व 'अतीत'

2019-07-18T06:00:20Z

प्रयागराज में चार और लखनऊ में दो जगह हुई छापेमारी

प्रयागराज से एक को उठा ले जाने की चर्चा, तमाम दस्तावेज जब्त

PRAYAGRAJ/LUCKNOW (17 July): देवरिया जेल में लखनऊ के कारोबारी को बंधक बनाकर मारपीट करने और उसकी कंपनियों को अपने नाम कराने के मामले में सीबीआई ने बुधवार को बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद के प्रयागराज और लखनऊ स्थित छह ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी में तमाम दस्तावेज सीबीआई के हाथ लगे हैं जो इस केस की तह तक पहुंचने में सीबीआई के लिए मददगार बन सकते हैं। प्रयागराज में अतीक के ऑफिस, आवास के साथ ससुराल और दूसरे आरोपी फारुख के घर में सीबीआई ने छापे मारे तो लखनऊ में चार्टर्ड अकाउंटेंट के दफ्तर और अकाउंटेंट के आवास को खंगाला गया। सीबीआई ने अतीक के घर से 10 लाख रुपये कैश के अलावा तमाम संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए है। देर रात तक प्रयागराज स्थित अतीक के ठिकानों पर छापेमारी जारी थी। पुलिस ने एक को पूछताछ के लिए उठा लिया था।

भारी फोर्स के साथ्ा मारे छापे

देवरिया जेल में हुई इस घटना की एफआईआर सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन ब्रांच ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 12 जून को दर्ज की थी। दरअसल लखनऊ के कारोबारी मोहित जायसवाल ने राजधानी की कृष्णानगर कोतवाली में 28 दिसंबर को मुकदमा दर्ज कराया था जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि बीते दो साल से अतीक और उसके गुर्गे उस पर धन उगाही का दबाव बना रहे थे। 26 दिसंबर को अतीक का एक गुर्गा उनको जबरन फाच्र्यूनर गाड़ी से देवरिया जेल ले गया। जेल में पहले से अतीक, उनका पुत्र उमर और 10-12 गुर्गे मौजूद थे। जफरउल्ला उर्फ गुलाम सरवर ने उसे जेल में बुरी तरह मारा-पीटा। इसमें उसे गंभीर चोटें आई। इसके बाद अतीक ने मोहित की कंपनी एमजे इंफ्रा हाउसिंग प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा ग्रीन प्राइवेट लिमिटेड, एमजे इंफ्रा लैंड एलएलपी व एमजे इंफ्रा स्टेट प्राइवेट लिमिटेड को फारुख और जकी के नाम जबरन ट्रांसफर करवा दिया। उसकी फॉच्र्यूनर गाड़ी भी वहीं खड़ी करवा ली। मोहित ने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई जिसके बाद कोर्ट ने 23 अप्रैल को सीबीआई को इसकी जांच करने के आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ही सीबीआई को लोकसभा चुनाव के बाद प्रयागराज की नैनी जेल से गुजरात की अहमदाबाद जेल शिफ्ट किया गया।

अकाउंटेंट ने रची थी साजिश

सीबीआई की टीम ने बुधवार को प्रयागराज के अलावा लखनऊ में अतीक के करीबी चार्टर्ड अकाउंटेंट और अकाउंटेंट के ठिकानों को भी खंगाला और इस मामले से जुड़े कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में लिए। इंदिरानगर स्थित मुंशी पुलिया निवासी अकाउंटेंट पवन कुमार सिंह के आवास को सीबीआई ने खंगाला। सीबीआई की जांच में सामने आया है कि पवन कुमार सिंह ने ही मोहित जायसवाल को फंसाने और उसकी कंपनियों को अतीक के करीबियों के नाम कराने में अहम भूमिका निभाई थी। महानगर स्थित सचिन अग्रवाल एवं गुप्ता चार्टर्ड अकाउंटेंट के दफ्तर पहुंची सीबीआई की टीम ने मोहित जायसवाल की कंपनियों को ट्रांसफर किए जाने के बारे में पूछताछ की और इससे संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए।

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सीबीआई ने दूसरी बार तोड़ा गुरूर

पूर्व सांसद एवं बाहुबली अतीक अहमद का गुरूर दूसरी बार सीबीआई ने तोड़ा है। प्रयागराज स्थित अतीक के ठिकानों पर सीबीआई ने भारी पुलिस बल के साथ छापा मारा तो किसी की भी विरोध करने की हिम्मत नहीं हुई। बता दें कि इसके पहले राजू पाल की हत्या की जांच के समय सीबीआई ने इसी तरह घेराबंदी करके जांच की थी। सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच के एसपी एसके खरे के निर्देशन में सीबीआई की टीमों ने अतीक और उसके सहयोगियों के ठिकानों का चप्पा-चप्पा छाना और हर संदिग्ध वस्तु को अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान किसी को भी आने-जाने की इजाजत नहीं दी गयी।

7

बजे सुबह अतीक के प्रयागराज के ठिकानों पर सीबीआई का छापा

10

बजे लखनऊ स्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट और अकाउंटेंट के यहां छापा

10

लाख रुपये कैश बरामद किए गये अतीक के प्रयागराज स्थित घर से

26

दिसंबर को देवरिया जेल में कारोबारी को बंधक बनाकर मारपीट की

28

दिसंबर को अतीक के खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज

23

अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने अतीक के खिलाफ केस दर्ज करने को कहा

02

जून को अतीक को गुजरात की अहमदाबाद जेल में किया गया ट्रांसफर

चार हिस्सों में बंट गये 40 सदस्य

प्रयागराज में जांच के लिए सीबीआई 40 सदस्यों की टीम के साथ पहुंची थी। इन्हें चार टीमों में बांट दिया गया था। पहली टीम अतीक के घर के भीतर अपना काम कर रही थी। दूसरी टीक चकिया मोड़ पर स्थित अतीक के कार्यालय में थी। कार्यालय में मौजूद कंप्यूटर, सीडी, डीवीडी समेत तमाम दस्तावेज को कब्जे में ले लिया। तीसरी टीम चकिया में ही अतीक के ससुराल में थी। उनके साले जकी अहमद समेत अन्य लोगों से काफी देर तक पूछताछ की। बता दें कि जकी इस देवरिया प्रकरण में नामजद है। सीबीआई जकी को अपने साथ ले गयी है। चौथी टीम बादशाहीमंडी निवासी अतीक के पीए मो। फारूख के यहां थी। अतीक के करीबी जफरउल्ला के यहां भी छापा मारा गया। उसके यहां से भी कुछ दस्तावेज जब्त किये गये हैं।


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