माफिया अतीक अहमद केस सीबीआई ने जुटाए दस्तावेज अफसरों से करेगी पूछताछ

2019-06-15T09:34:13Z

पूर्व सांसद एवं प्रदेश के बड़े माफिया में शुमार अतीक अहमद पर सीबीआई का शिकंजा कसने लगा है। सीबीआई ने माफिया अतीक अहमद द्वारा देवरिया जेल में लखनऊ के कारोबारी को बंधक बनाकर मारपीट करने और जबरन कंपनियों को ट्रांसफर करने के मामले की जांच तेजी से शुरू कर दी है।

- माफिया अतीक पर कसता जा रहा है सीबीआई का शिकंजा
- जेल महकमे से देवरिया कांड में जुटाए गये सुबूत किए तलब

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LUCKNOW : माफिया अतीक अहमद द्वारा देवरिया जेल में लखनऊ के कारोबारी को बंधक बनाकर मारपीट करने और जबरन कंपनियों को ट्रांसफर करने के मामले की जांच सीबीआई ने तेजी से शुरू कर दी है। सीबीआई ने जेल महकमे से वे सारे सुबूत और दस्तावेज जुटाए हैं जो देवरिया जेल कांड की जांच के दौरान एकत्र किए गये थे। सीबीआई के सूत्रों की मानें तो जल्द ही इस मामले के आरोपी जेल अधिकारियों और उस दिन ड्य़ूटी पर तैनात बंदीरक्षकों को भी नोटिस देकर पूछताछ के लिए स्पेशल क्राइम ब्रांच के ऑफिस में तलब किया जाना है। इसके बाद माफिया अतीक अहमद व अन्य आरोपितों से पूछताछ की कवायद की जाएगी।
सीसीटीवी फुटेज की है तलाश
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को इस मामले की तह तक जाने के लिए देवरिया जेल के सीसीटीवी की फुटेज की तलाश है जिसे जेल अधिकारियों द्वारा खुर्द-बुर्द कर दिया गया था। अब सीबीआई की टीम देवरिया जेल के डीवीआर को अपने कब्जे में लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजेगी ताकि उसमें से उस दिन की फुटेज हासिल की जा सके। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शुरू होने की वजह से सीबीआई इस मामले की जांच गहनता से कर रही है। यही वजह है कि एफआईआर दर्ज होने के साथ ही तमाम आरोपितों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है।
पूर्व सांसद अतीक पर सीबीआई का शिकंजा
प्रॉपर्टी डीलर से भी हो सकती है पूछताछ
मामले की जांच के दौरान सीबीआई प्रयागराज के उस प्रॉपर्टी डीलर से भी पूछताछ कर सकती है, जिसे मोहित जायसवाल की तरह अतीक ने देवरिया जेल में बुलाकर डराया-धमकाया था। प्रयागराज के प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद जैद ने पुलिस में शिकायत की थी कि विगत 22 नवंबर, 2018 को अतीक के साढू़ इमरान और उसके पुत्र उसे अगवा कर देवरिया जेल ले गये जहां एक जमीन का बैनामा करने से मना करने पर उसकी और दो साथियों की निर्ममता से पिटाई हुई। एसटीएफ ने इस घटना के दो दिन बाद 24 नवंबर को डीजीपी मुख्यालय और शासन को इसकी रिपोर्ट भी भेजी थी जिसमें मोहम्मद जैद और उसके साथियों की जेल में पिटाई करने और मोबाइल से वीडियो बनाने का जिक्र था। इसके बावजूद बड़े अफसरों ने इस रिपोर्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया था।


Posted By: Shweta Mishra

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