सीबीआई दिलाएगी बेटियों को न्याय

2018-07-27T06:00:44Z

सीएम ने मुय सचिव व गृह विभाग के प्रधान सचिव से कहा, जल्द भेजें गृह मंत्रालय को अनुशंसा

PATNA: विपक्ष की मांग और विधानसभा में भारी हंगामे के बाद आखिरकार सरकार ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह में यौन ¨हसा मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को मुख्य सचिव दीपक कुमार और गृह विभाग के प्रधान सचिव आमीर सुबहानी को निर्देश दिया कि गृह मंत्रालय को पत्र भेजकर इस कांड की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध किया जाए। मुजफ्फरपुर कांड को लेकर विपक्ष ने विधानसभा और विधान परिषद में प्रश्नकाल नहीं चलने दिया। विधानसभा में विपक्ष ने वेल में पहुंचकर नारेबाजी की। विपक्षी सदस्य लगातार समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा की बर्खास्तगी और उनके पति की गिरफ्तारी की मांग करता रहा।

कुछ लोग भ्रम का माहौल बना रहे

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड बेहद घृणित घटना है। पुलिस निष्पक्ष एवं तेजी से जांच कर रही, लेकिन कुछ लोग (विपक्ष) भ्रम का माहौल बना रहे। कोई भ्रम न रहे इसलिए बिहार सरकार ने सीबीआई जांच की अनुशंसा की है। सरकार निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध है। मालूम हो कि बालिका गृह में रहनेवाली 29 लड़कियों से दुष्कर्म की पुष्टि मेडिकल जांच में हो चुकी है। विपक्ष द्वारा दो दिनों से इस प्रकरण की सीबीआई जांच की मांग की जा रही थी। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बुधवार को विपक्ष के नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मुजफरपुर बालिका गृह का दौरा भी किया था।

कोर्ट की निगरानी में हो जांच

विधानमंडल के दोनों सदनों में इस प्रकरण पर जोरदार हंगामा हुआ। विधानसभा में प्रश्नकाल जैसे ही आरंभ हुआ कि राजद के भाई वीरेंद्र अपनी सीट से उठ खड़े हुए और कहा कि सीबीआई जांच की अनुशंसा तो ठीक है पर, उनकी यह भी मांग थी कि हाईकोर्ट के जज की देखरेख में पूरे कांड की तफ्तीश हो। इस पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि यह सरकार के हाथ में नहीं है। वैसे हाईकोर्ट में आज इस प्रकरण पर सुनवाई भी है।

इसके बाद विपक्षी दलों के सदस्य समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा की बर्खास्तगी की मांग करते हुए नारेबाजी करने लगे। पूरा विपक्ष वेल में आ गया। उनकी मांग थी कि समाज कल्याण मंत्री के पति का नाम भी इस प्रकरण में लिया जा रहा है इसलिए उन्हें गिरफ्तार किया जाए। शोर-शराबे के बीच विधानसभा अध्यक्ष ने भोजनावकाश तक सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।


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