अब नहीं कटेगा 'नंबर'

2020-01-18T05:45:28Z

- सीबीएसई बोर्ड एग्जाम में ली जाएगी ट्रेटा सॉफ्टवेयर की मदद

- कम मा‌र्क्स और क्वेश्चन को लेकर कम्प्लेन कर सकते हैं स्टूडेंट्स

सीबीएसई बोर्ड एग्जाम को लेकर 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स की धड़कनें भी बढ़ने लगी है, लेकिन एग्जाम में टफ क्वेश्चन से अब घबराने की जरूरत नहीं है। कैंडीडेट्स अपनी समझ के साथ जो भी आंसर लिखेंगे, उसी अनुसार उन्हें नंबर मिलेगा। स्टूडेंट्स की समझ को इग्नोर करके टीचर्स नंबर नहीं काट पाएंगे। दरअसल इस बार सीबीएसई 2020 बोर्ड एग्जाम के मूल्यांकन में एक सॉफ्टवेयर की मदद लेगा। थ्योरी इवैल्यूएशन ट्रेंड एनालिसिस (ट्रेटा) नाम के इस सॉफ्टवेयर से कठिन क्वैश्चंस के आंसर पर नंबर देने में मदद ली जाएगी।

कम्प्लेन सेल भी बनाया

एग्जाम के बाद कई बार बच्चे कठिन सवाल के मिले मा‌र्क्स को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। मगर अब ऐसा नहीं होगा। थ्योरी इवैल्यूएशन ट्रेंड एनालिसिस सॉफ्टवेयर के साथ क्वैश्चन पेपर की कंप्लेन के लिए कंप्लेन सेल भी बनाया गया है। अगर किसी सेंटर पर स्टूडेंट द्वारा क्वैश्चन पेपर को लेकर कोई कंप्लेन होती है तो उसकी जांच सेल द्वारा की जाएगी। बोर्ड के अनुसार 2018 के मैथ और 12वीं के अर्थशास्त्र के दोबारा एग्जाम होने पर उसके मूल्यांकन में ट्रेटा सॉफ्टवेयर की मदद ली गई थी। इससे रिजल्ट बेहतर हुआ था। इसके बाद 2019 में गणित, अर्थशास्त्र के साथ भौतिकी, रसायन शास्त्र, जीव विज्ञान सब्जेक्ट में भी ट्रेटा सॉफ्टवेयर से अंक दिए गए थे।

स्टूडेंट्स को रहती है गलतफहमी

सीबीएसई के अनुसार कई बार स्टूडेंट्स बोर्ड पर सिलेबस के बाहर से क्वैश्चन पूछे जाने का आरोप लगाते हैं। लेकिन वे सवाल टेक्स्ट बुक से ही होते हैं। टेक्स्ट बुक में दिए गए कुछ सवाल की सूची से प्रश्न न होकर चैप्टर के अंदर से होते हैं। जबकि स्टूडेंट रट कर क्वेश्चन तैयार कर लेते हैं लेकिन वे चैप्टर पूरी तरह से समझ कर नहीं पढ़ते हैं। ऐसे सवाल उन्हें कठिन लगते हैं और वे उसे सिलेबस के बाहर का मानते हैं। ट्रेटा के नाम के इस सॉफ्टवेयर को हर मूल्यांकन केंद्र पर इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे आंसर शीट में स्टूडेंट टेक्स्ट बुक की भाषा नहीं बल्कि अपनी भाषा में आंसर देंगे, उसमें आंसर शीट के औसतन अंक इस सॉफ्टवेयर की मदद से दिए जाएंगे।

अंकों की मिलेगी जानकारी

अपनी भाषा और समझ के साथ कॉपी में आंसर लिखने का क्या फर्क पड़ा है, इसकी जानकारी भी स्टूडेंट को बोर्ड देगा। रिजल्ट के बाद सभी स्टूडेंट्स को उनकी आंसर शीट की फोटो कॉपी मिलेगी। जिसमें स्टूडेंट हर क्वैश्चन में कितने अंक मिले, इसे जान पाएंगे। इससे वे अपना आंकलन भी कर पाएंगे।


Posted By: Inextlive

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