सारे देश में हंगामे के बाद केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की बेंच पर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि पोर्न साइट बैन किए जाने के मामले में सरकार ने सिर्फ चाइल्ड पोर्नोग्राफी पर बैन किया गया है सभी पोर्न साइट्स को नहीं।


नहीं कर सकते सारी एडल्ट साइट्स को बैन सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जरनल मुकुल रोहतगी ने स्प्ष्ट किया कि इंटरनेट के इस युग में सरकार के लिए सभी पोर्न साइट्स को बैन करना मुश्किल है। सरकार किसी के बेडरूम में जाकर नहीं बैठ सकती है। सरकार की तरफ से उन्होंने कहा कि पोर्न पर बैन लगाने के लिए समाज औश्र संसद के सभी वर्गों के बीच एक बड़ी बहस की जरूरत है।सारे देश में हुआ था हंगामा


पिछले हफ्ते ही केंद्र की ओर से 850 पोर्न साइट्स पर नैतिकता और शालीनता के आधार पर बैन लगा दिया था। जिसके चलते सरकार के फैसले का सोशल मीडिया में जमकर विरोध हुआ था। साथ ही सरकार के फैसले के खिलाफ बयानों की बौछार शुरू हो गई थी। इस चौतरफा विरोध के बाद सरकार ने साइटों को बैन करने का फैसला वापस ले लिया था। इंटरनेट प्रोवाइडर कंपनियों को निर्देश दिया गया कि सिर्फ चाइल्ड पोर्नोग्राफी साइट्स को बंद किया जाए। अब सरकार ने मान लिया है कि इंटरनेट पर वेबसाइट्स ब्लॉक नहीं कर सकते क्योंकि इससे अभिव्यक्ति की आजादी का हनन होता है। क्या बताई मुश्किलें

इस बारे में आने वाली मुश्किलों का जिक्र करते हुए स्पष्ट किया गया कि साइबर विशेषज्ञों की राय है कि पोर्न साइट्स पर बैन इसलिए नामुमकिन है, क्योंकि इससे जुड़े सभी सर्वरों को ब्लॉक नहीं किया जा सकता। दूसरी बात ये है कि इंटरनेट पर पोर्न कंटेंट दिखाने वाली लाखों वेबसाइट्स हैं। जबकि सरकार की हद में अभी सिर्फ 850 साइट्स हैं अब ऐसे में जिसे पोर्न कंटेंट चाहिए, वो गूगल से सर्च करके इसे हासिल कर ही सकता है।एक कारण ये भी है कि ब्लॉक साइट्स को प्रॉक्सी सर्वरों के जरिए एक्सेस किया जा सकता है यानि ऐसी कई साइट्स हैं, जो वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के जरिए इन साइट्स का एक्सेस देती हैं। इसके अलावा वेबसाइट्स के कंटेंट फिल्टरिंग की कोई स्थायी भी व्यवस्था नहीं है। यानी पोर्न वेबसाइट्स चाहें तो एक मिरर साइट क्रिएट करके या अपने नाम में थोड़ा बहुत फेरबदल करके फिर से काम शुरू करने में समर्थ है। वेबसाइट्स ब्लॉक करके पोर्न को ब्लॉक नहीं किया जा सकता क्योंकि टॉरंट साइट्स की मदद से ये डाउनलोड हो सकती हैं, और बाजार में डीवीडी, सीडी तो उपलब्ध हैं हीं।

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Posted By: Molly Seth