Chaitra Navratri 2020 Day 7 Maa Kalratri Puja : नवरात्रि का प्रथम दिन मां शैलपुत्रि दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी तीसरे दिन मां चंद्रघंटा चौथे दिन माता कूष्माण्डा पांचवें दिन संकंदमाता छठे दिन मां कात्यायनी और सातवें दिन माता कालरात्रि को पूरे विधि- विधान से पूजा जाता है। तो चलिए जानते हैं कि माता कालरात्रि को प्रसन्न करने के लिए किस विधि पूजा करें व पूजन के दौरान कौन सी विशेष आरती करते हैं।

Chaitra Navratri 2020 Day 7 Maa Kalratri Puja : नवरात्रि के सातवें दिन मां दुर्गा के रूप कालरात्रि की पूजा की जाती है। इस दिन माता को गुड़ का नैवेद्य चढ़ाएं तो उत्तम फल मिलेगा। माता के इस रूप को प्रसन्न करने के लिए पूरे विधि- विधान से पूजा करना फलदायी होगा। साथ ही पूजन के दौरान मां कि विशेष आरती करें। यहां जानें माता को भोग में क्या चढ़ाएं व किस आरती से उन्हें प्रसन्न करें।

मां कालरात्रि के पूजन से मिलेगी इन रोगों से मुक्ति

कालरात्रि मां की पूजा करने से शनि ग्रह के विष योग जनित ग्रह दोष दूर होते हैं। मृत्यु तुल्य कष्टों से मुक्ति मिलती है। सभी क्षेत्रों में सफलता मिलेगी। हड्डी संबंधी रोगों, स्वांस, फालिस आदि रोगों से मुक्ति मिलेगी। निराशा, चिंता, भय दूर होगी। बेला व सफेद कमल का फूल मां को अत्यंत प्रिय है, इसे जरूर चढ़ाएं। सातवें दिन माता को गुड़ का नैवेद्य चढ़ाने के बाद ब्राह्यणों को दान देने से आकस्मिक संकटो से रक्षा होती है।

माता कालरात्रि की आरती

कालरात्रि जय- जय- महाकाली।

काल के मुह से बचाने वाली॥

दुष्ट संघारक नाम तुम्हारा।

महाचंडी तेरा अवतार॥

पृथ्वी और आकाश पे सारा।

महाकाली है तेरा पसारा॥

खडग खप्पर रखने वाली।

दुष्टों का लहू चखने वाली॥

कलकत्ता स्थान तुम्हारा।

सब जगह देखूं तेरा नजारा॥

सभी देवता सब नर-नारी।

गावें स्तुति सभी तुम्हारी॥

रक्तदंता और अन्नपूर्णा।

कृपा करे तो कोई भी दुःख ना॥

ना कोई चिंता रहे बीमारी।

ना कोई गम ना संकट भारी॥

उस पर कभी कष्ट ना आवें।

महाकाली मां जिसे बचाबे॥

तू भी भक्त प्रेम से कह।

कालरात्रि मां तेरी जय॥

Posted By: Vandana Sharma