चंद्रग्रहण के सूतक काल में 12 घंटे बंद रहेंगे चारधाम के कपाट

2019-07-16T09:57:38Z

ट्यूजडे को आधी रात बाद पड़ने वाले चंद्रग्रहण के सूतक के चलते चारों धाम समेत उत्तराखंड के सभी मंदिरों के कपाट ट्यूजडे शाम 4 25 बजे तक बंद कर दिए जाएंगे

- ट्यूजडे को मध्यरात्रि के बाद 1.31 बजे चंद्रग्रहण का स्पर्श और ब्रह्ममुहूर्त में 4.30 बजे होगा मोक्ष

- हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर आज दोपहर बाद तीन बजे और गंगोत्री धाम में शाम 3.45 बजे होगी गंगा आरती

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DEHRADUN:  ऐसे में भक्त वेडनसडे सुबह 4.40 बजे मंदिरों के शुद्धिकरण के बाद ही भगवान के नित्य दर्शन कर सकेंगे. चंद्रग्रहण को देखते हुए हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर गंगा आरती का आयोजन आज दोपहर बाद तीन बजे होगा. जबकि, गंगोत्री धाम में शाम 3.45 बजे गंगा आरती की जाएगी.

1.31 बजे ग्रहण का स्पर्श
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी हरीश गौड़ ने बताया कि ट्यूजडे को मध्यरात्रि के बाद 1.31 बजे ग्रहण का स्पर्श और ब्रह्ममुहूर्त में 4.30 बजे मोक्ष होगा. यानी चंद्रग्रहण की पूर्ण अवधि दो घंटा 59 मिनट की रहेगी. जबकि, ग्रहण का सूतक नौ घंटे पहले ट्यूजडे शाम 4.30 बजे आरंभ हो जाएगा. इसलिए चारों धाम बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री समेत उत्तराखंड के सभी मंदिरों के कपाट सूतक शुरू होने से पूर्व ग्रहण के मोक्ष तक बंद रखे जाएंगे.

आरती के समय में बदलाव

मंदिरों में सायंकालीन पूजा व आरती भी आज शाम 4.30 बजे से पहले संपन्न कर ली जाएगी. दूसरी ओर, चंद्रग्रहण के सूतक काल को देखते गंगा आरती के समय में भी बदलाव किया गया है. हरिद्वार में हरकी पैड़ी पर होने वाली एक घंटे की प्रसिद्ध गंगा आरती आज दोपहर बाद तीन बजे शुरू होगी. गंगा के मायके गंगोत्री धाम में भी गंगा आरती शाम 3.45 बजे की जाएगी. शाम चार बजे मां गंगा को राजभोग लगाया जाएगा.


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