Chardham Yatra केदारनाथ में ध्यान गुफा की बुकिंग पर फिलहाल ब्रेक

2019-05-21T09:47:05Z

Chardham Yatra के दाैरान पीएम मोदी ने केदारनाथ में जिस गुफा में ध्यान लगाया वह अब दुनियाभर में चर्चाओं में आ चुकी है हालांकि जीएमवीएन कुछ दिनों तक इस गुफा के लिए बुकिंग करने के मूड में नहीं है

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DEHRADUN: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केदारनाथ में जिस गुफा में ध्यान लगाया. वह अब दुनियाभर में चर्चाओं में आ चुकी है. गढ़वाल मंडल विकास निगम के पास लगातार इस गुफा को लेकर क्वेरीज आ रही हैं, लेकिन जीएमवीएन कुछ दिनों तक इस गुफा के लिए बुकिंग करने के मूड में नहीं है. निगम प्रशासन बुकिंग से पहले इस बात का ध्यान रख रहा है कि जो भी यात्री मेडिटेशन के लिए गुफा की बुकिंग कराए, वह पहले से फिजिकल फिट हो. जिससे किसी भी प्रकार की दिक्कत सामने न आए. बताया जा रहा है कि इसके लिए निगम ने बुकिंग रोकी हुई है. हालांकि निगम की वेबसाइट पर गुफा का जिक्र किया जा चुका है, लेकिन फिलहाल बुकिंग नहीं की जा रही हैं.

गुफा की बुकिंग पर चल रहा मंथन
केदारनाथ मंदिर से करीब डेढ़ किमी दूर आजकल एक गुफा दुनियाभर में चर्चाओं में है. यह वही गुफा है, जहां बीती 18 मई को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना ध्यान लगाकर करीब 17 घंटे बिताए. दरअसल, इस गुफा का निर्माण लास्ट इयर 20 अप्रैल को कराया गया था. जिसकी लागत करीब 8 लाख रुपए आई थी. खास बात यह रही कि लास्ट इयर इस गुफा को देखने वालों की संख्या भी कम नहीं रही, लेकिन एक भी यात्री ने मेडिटेशन के लिए बुकिंग नहीं कराई. अब जब पीएम मोदी ने गुफा में 17 घंटे बिताए तो देश के तमाम राज्यों से इस गुफा के लिए सैकड़ों क्वेरीज पहुंच रही हैं. बुकिंग की प्रोसेस तक पूछी जा रही है, लेकिन अब तक जीएमवीएन इस पर स्पष्ट फैसला नहीं ले पाया है.

- केदारनाथ गुफा

- अभी नहीं हुआ कोई नामकरण.

- 20 अप्रैल 2018 को बनकर हुई थी तैयार.

- गुफा के निर्माण में आई 8 लाख रुपए की लागत.

- गुफा की लंबाई 5 मीटर, चौड़ाई 3 मीटर.

फिटनेस पर किया जा रहा विचार
जीएमवीएन के केदारनाथ रीजनल मैनेजर पीएल कवि ने केदारनाथ से बताया कि पीएम के गुफा में मेडिटेशन के बाद लगातार बुकिंग के लिए क्वेरीज आ रही हैं. लेकिन इस पर अब टर्म एंड कंडीशन रखे जाने पर विचार किया जा रहा है. पीएल कवि का कहना है कि गुफा में मेडिटेशन की अनुमति दिए जाने पर मुख्यालय स्तर पर मंथन चल रहा है. गुफा में कोई मेडिटेशन के लिए जाए तो वह फिजिकली फिट हो. जिससे हाई एल्टीट्यूड में आधी रात में भी ध्यान लगाने वाले यात्री को किसी प्रकार की दिक्कत न हो. लो एल्टीट्यूड से हाई एल्टीट्यूड पर पहुंचने वाले यात्री को फिजिकली प्रॉब्लम हो सकती है. उनका यह भी कहना है कि यह वैकेशन प्लेस या पिकनिक स्पॉट न बने, इस पर भी विचार किया जा रहा है. आरएम के मुताबिक फिलहाल गुफा की बुकिंग पर ब्रेक लगाया गया है. जीएमवीएन के अधिकारी कह रहे हैं कि यात्री इस गुफा को पिकनिक स्पॉट के तौर पर न लें.

मिलेंगी फैसिलिटीज

- टेलीफोन.

- दो टाइम खाना.

- चाय.

- गर्म पानी.

- वॉशरूम

- बैड

 

विंडो से सर्व होगा खाना, चार्य व गर्म पानी
केदारनाथ में मौजूद गुफा में एक दरवाजा व एक विंडो है. गुफा में दिन-रात बिजली की फैसिलिटी ध्यान लगाने वाले को मिल पाएगी. एक दिन की बुकिंग के लिए दोपहर 12 बजे से दूसरे दिन 12 बजे चैक आउट होगा. मैक्सीमम तीन से पांच दिनों के लिए एक व्यक्ति को बुकिंग दिए जाने पर विचार किया जा रहा है. जीएमवीएन कर्मी खिड़की से खाना, चाय व गर्म पानी सर्व करेंगे, जिसके बाद मेडिटेशन करने वाला यात्री व व्यक्ति विंडो से बर्तन वापस कर देगा.

बर्फबारी से फोन लाइन डेड
इस बार केदारनाथ धाम में जबरदस्त बर्फबारी के कारण गुफा से लेकर निगम के ऑफिस तक फोन लाइन डैमेज हो चुकी है. जिस कारण मेडिटेशन करने वाला यात्री निगम कर्मचारियों तक अपना आर्डर नहीं भेज पाएगा. फोन लाइन को रिकवर करने की कोशिश की जा रही है.

 

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