चीन का खुफिया सर्विंलांस सिस्‍टम जो हर एक इंसान का चेहरा पहचान कर करेगा उसकी जासूसी!

2018-07-12T16:10:04Z

चीन सरकार का एक खुफिया फेस रिकग्निशन वाला सर्विलांस प्रोजेक्ट अब देश से बाहर निकलकर दूसरे देशों में जाने की तैयारी कर रहा है जिसके दम पर पुलिस और सरकार है एकएक नागरिक के चेहरे को पहचान कर उनकी पूरी निगरानी कर पाएंगे।

कानपुर। चीन सरकार के सपोर्ट से बढ़ाए जा रहे फेस रिक्नीशन वाले एक अनोखे सर्विलांस प्रोजेक्ट को अब देश के बाहर भी ले जाने की तैयारी हो रही है। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक बीजिंग की एक टेक्नोलॉजी फर्म मेगवी ने घोषणा की है कि वह अपने पावरफुल Face++ फेशियल रिकग्निशन प्रोग्राम और तकनीक को चीन के बाहर ले जा रही है और इसके लिए उसने थाईलैंड में एक डिस्ट्रीब्यूटर भी नियुक्त किया है।

Face++ तकनीक की मदद से पकड़े भीड़ में चलते हजारों क्रिमिनल्स
बिजनेस इंसाइडर की रिपोर्ट बताती है कि मेगवी Face++ और फेस रीडिंग टेक्नोलॉजी के मामले में दुनिया की अग्रणी कंपनी है। उसके इस सिस्टम में ऐसी खूबी है कि वह किसी भी व्यक्ति के चेहरे और उसके फेशियल एक्सप्रेशन को देख कर उसे हमेशा के लिए पहचान सकती है। यही नहीं इस टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके पुलिस बिना लोगों को कुछ बताएं उनकी हर जगह निगरानी और जासूसी कर सकते हैं। बता दें कि चाइनीज पुलिस डिपार्टमेंट इस तकनीक और सॉफ्टवेयर का पहले से ही इस्तेमाल कर रहा है और इसकी मदद से चीन की पुलिस ने शहर की भीड़ भरी सड़कों पर मौजूद हजारों लोगों में से तीन हजार वॉन्टेड क्रिमिनल्स को पहचान कर गिरफ्तार भी किया है। यानी कि चीन की कंपनी द्वारा बनाया गया यह बेहद समझदार और शक्तिशाली आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस AI सर्विलांस प्रोग्राम लोगों की जासूसी करने के मामले में दुनिया के तमाम देशों से आगे निकलता दिखाई दे रहा है।

ID कार्ड की जगह चेहरा देखकर मिलेगी एंट्री
बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट के मुताबिक चीन की मेगवी फर्म द्वारा थाईलैंड में अपने डिस्ट्रीब्यूटर को अपॉइंट करने का उसका प्रोजेक्ट करीब 2 बिलियन डॉलर का है। बता दें कि चीन सरकार द्वारा समर्थन प्राप्त यह स्टार्टअप प्रोजेक्ट चीन की शिंघुआ यूनिवर्सिटी के साल 2011 बैच के 3 स्टूडेंट्स द्वारा शुरू किया गया था। उस समय इसका उद्देश्य था तमाम बैंकों में मौजूद लोगो और ग्राहकों के चेहरों को पहचान कर उनसे जुड़ी जानकारियां इकट्ठी करना। अब यह प्रोजेक्ट उससे कहीं आगे बढ़ चुका है फिलहाल तो ऐसा लग रहा है कि आने वाले समय में ID कार्ड का इस्तेमाल खत्म हो सकता है क्योंकि यह कंपनी अपने सिस्टम में एक ऐसी तकनीक को शामिल कर रही है जोकि किसी भी व्यक्ति के चेहरे को पहचान कर उसे बिल्डिंग या किसी भी जगह में दाखिल होने की अनुमति देने या न देने में सक्षम होगी।

फेस रिक्नीशन सर्विलांस स्टार्टअप को 150 बिलियन डॉलर की कंपनी बनाना है लक्ष्य
पैसे बता दें कि चीन की मेगवी नाम की टेक कंपनी थाईलैंड के अलावा दुनिया के कई दूसरे देशों में मौजूद बैंकों के साथ भी अपने इस प्रोजेक्ट को लेकर बात कर रही है, जिनमें मलेशिया भी शामिल है। इसके अलावा यह कंपनी चीन में भी अपने सर्विलांस ऑपरेशन को लगातार बढ़ा रही है इस कंपनी ने पूरे देश में अपने सिस्टम को चलाने के लिए एक सेंट्रल पिलर यानी मुख्यालय बनाया है। जिसका उद्देश्य है AI सर्विलांस इंडस्ट्री के मामले में चीन को दुनिया में नंबर एक बनाना। कंपनी का उद्देश्य है कि साल 2030 तक यह इंडस्ट्री 150 बिलियन डॉलर की हो जाए।

क्या है मेगवी Face++ सर्विलांस सिस्टम?
बता दें कि चीन में डेवलप हुआ Face++ फेस रिकग्निशन Platform दुनिया के 150 देशों में तीन लाख डेवलपर्स द्वारा तमाम डिवाइसेस पर चेहरों की पहचान के लिए इस्तेमाल किया जाता है। यह सिस्टम इतना शक्तिशाली है कि एक ही समय पर तमाम लोगों के चेहरे स्कैन कर हर एक को पहचान सकता है। इसके लिए यह सिस्टम किसी भी व्यक्ति के चेहरे पर 106 अलग-अलग डाटा पॉइंट्स को एनालाइज करता है और फिर स्कैनिंग के आधार पर उस व्यक्ति को एक ID दे देता है ताकि बाद में उसे कभी भी कहीं भी आसानी से पहचान कर डाटा से सिंक किया जा सके।

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