नेपाल में दिखा चिनफिंग का तल्ख तेवर, कहा चीन को बांटने वालों की तोड़ देंगे हड्डी-पसली

Updated Date: Mon, 14 Oct 2019 11:42 AM (IST)

नेपाल पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग का तल्ख तेवर देखने को मिला है। उन्होंने नेपाल पर दलाई लामा और समर्थकों पर लगाम लगाने के लिए दबाव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति चीन को बांटने की कोशिश करता है तो उसकी हड्डी पसली तोड़कर रख दी जाएगी।


काठमांडू (पीटीआई)। चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग शनिवार को भारत के बाद नेपाल दौरे पर पहुंचे थे। 23 साल के बाद चीन का कोई राष्ट्रपति नेपाल दौरे पर पहुंचा था। यहां उनका तल्ख तेवर देखने को मिला। नेपाल के बड़े नेताओं के साथ बैठक के दौरान चिनफिंग ने रविवार को चीन को बांटने की कोशिश करने वालों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि चीन को विभाजित करने के किसी भी प्रयास को कुचलकर रख दिया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति चीन को बांटने की कोशिश करता है तो उसकी हड्डी पसली तोड़ दी जाएगी। माना जा रहा है कि इस तरह के बयान से चिनफिंग नेपाल पर दलाई लामा और उनके समर्थकों पर लगाम लगाने के लिए दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। बता दें कि चीन, भारत में रहने वाले तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा को अलगाववादी के तौर पर देखता है और उसका मानना है कि वे हिमालयी क्षेत्र तिब्बत को चीन से अलग करने की कोशिश कर रहे हैं।बाहरी ताकतों का सपना नहीं हो पाएगा पूरा
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने बताया कि रविवार को नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के साथ बैठक के दौरान चिनफिंग ने कहा कि चीन को बांटने की कोशिश करने वालों का समर्थन करने वाली किसी भी बाहरी ताकत के अरमानों को चीनी लोग कभी पूरा नहीं होने देंगे और वह बाहरी ताकतों के लिए एक सपना बनकर रह जाएगा जो कभी पूरा नहीं होगा। बता दें कि तिब्बत के साथ नेपाल की एक लंबी सीमा लगती है। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस वक्त लगभग 20 हजार तिब्बती नेपाल में रह रहे हैं। बताया जाता है कि करीब ढाई हजार तिब्बती नागरिक धर्मशाला में धर्मगुरु दलाई लामा से मिलने के लिए हर साल अवैध रूप से प्रवेश करते हैं।नेपाल को देगा 350 करोड़ की सहायता चीन


चिनफिंग ने शनिवार को नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी के साथ काठमांडू में हुई बातचीत के दौरान घोषणा की कि चीन, नेपाल को उसके विकास कार्यक्रमों तथा जमीनी संपर्क मार्ग से जुड़ा देश बनाने के लिए अगले दो साल में 350 करोड़ रुपये की सहायता देगा। इसके अलावा शी ने काठमांडू को तातापानी ट्रांजिट प्वाइंट से जोड़ने वाले अर्निको राजमार्ग को दुरस्त करने का भी वादा किया। यह राजमार्ग 2015 के भूकंप के बाद से बंद है। इसके अलावा चीन ट्रांस हिमालयन रेलवे की फिजिबिलिटी को लेकर भी शीघ्र अध्ययन शुरू करेगा। इसके अलावा चिनफिंग ने केरंग-काठमांडू टनल मार्ग के निर्माण में मदद का भी भरोसा जताया है।Modi Xi Summit: पीएम मोदी और चिनफिंग ने माना दुनिया में आतंकवाद और कट्टरता की चुनौतियों से निपटना जरुरीप्रचंड को चिनफिंग ने बताया चीनी लोगों का पुराना दोस्त चिनफिंग ने अपनी इस यात्रा के दौरान नेपाल में रविवार को नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एनसीपी) के सह अध्यक्ष पुष्प कमल दहल प्रचंड के साथ भी बातचीत की और दोनों नेताओं ने मुद्दों पर अपनी सहमति व्यक्ति की। इसी दौरान चिनफिंग ने प्रचंड को चीनी लोगों का पुराना दोस्त बताया। शी ने कहा, 'आपने और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने मिलकर नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी बनाने का फैसला किया, जिसने नेपाल की राजनीतिक स्थिरता और आर्थिक विकास के नए दरवाजे खोले हैं।' शी ने कहा कि चीन और नेपाल पहाड़ों और नदियों से बंधे हैं और यह होंठ व दांतों जितने नजदीक हैं।

Posted By: Mukul Kumar
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