एसटीपी तक पानी पहुंचाने में फेल हैं पंपिंग स्टेशन

2019-07-11T11:00:43Z

-पांच साल से लगातार औसत से कम हो रही है बरसात

-एवरेज से अधिक बारिश होती तो स्थिति क्या होती

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: औसत बारिश में शहर के विभिन्न इलाकों में वॉटर लॉगिंग की समस्या सामने आ रही है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि पंपिंग स्टेशन जलभराव का पानी एसटीपी तक पहुंचा पाने में फेल साबित हो रहे हैं। गौरतलब है कि प्रयागराज में भौगोलिक स्थिति के अनुसार हर साल औसतन 981 मिमी बारिश होनी चाहिए। लेकिन पिछले पांच साल से मानसून की बेरुखी से प्रयागराज में औसत से काफी कम बारिश हो रही है। इसके बाद भी यहां वॉटर लॉगिंग की समस्या बनी हुई है।

कुल छह एसटीपी

शहर में कुल छह एसटीपी हैं। इनकी टोटल क्षमता 254 एमएलडी पानी को ही निस्तारित करने की है। जबकि शहर से पर-डे करीब 400 एमएलडी पानी निकलता है। गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई द्वारा बनाए गए पम्पिंग स्टेशन शहर के घरों से पर-डे निकलने वाले दूषित पानी को एसटीपी तक नहीं पहुंचा पाते हैं। ऐसे में बारिश होने पर इकट्ठा हुआ अतिरिक्त पानी शहरवासियों के लिए मुसीबत बन जाता है।

सीवर कनेक्टिविटी न होना बड़ा इश्यू

पम्पिंग स्टेशन और एसटीपी फेल होने के पीछे भी कई सारी वजहे हैं। असल में गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई द्वारा बनाए गए सीवर लाइन की कनेक्टिविटी आज तक हो ही नहीं सकी है। सैकड़ों मोहल्लों की सीवर लाइनें ब्लॉक हैं। इसकी वजह से बारिश होने पर पानी बहने के बजाय बैक फ्लो मारने लगता है।

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बॉक्स

शहर में औसत वर्षा का आंकड़ा

वर्ष जून जुलाई अगस्त पूरे वर्ष हुई औसत बारिश

2014 38.2 208.1 149.2 749 मिलीमीटर

2015 81.9 160.1 156.6 571 मिलीमीटर

2016 51.7 229.7 398.6 907 मिलीमीटर

2017 40.2 466.7 117.8 689 मिलीमीटर

2018 24.3 244.1 292.9 697 मिलीमीटर

नोट- 981 मिलीमीटर एनुअल औसत बारिश का है मानक।

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शहर में स्थित एसटीपी और उनकी क्षमता

नैनी एसटीपी- 80 एमएलडी

नुमायाडीह एसटीपी-50 एमएलडी

सलोरी एसटीपी-29 एमएलडी

राजापुर एसटीपी-60 एमएलडी

कोडरा एसटीपी-25 एमएलडी

पोंगहट एसटीपी-10 एमएलडी

वर्जन

बारिश के मौसम में एसटीपी और पम्पिंग स्टेशन पूरी क्षमता के साथ चलाए जा रहे हैं। कई जगह सीवर लाइन ब्लॉक होने की वजह से मोहल्लों का पानी पम्पिंग स्टेशन तक नहीं पहुंच पाता है। व्यवस्था में सुधार का प्रयास किया जाएगा।

-पीके अग्रवाल

जीएम, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई

वर्जन

ये बात सही है कि शहर की जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त है। तभी तो हल्की बारिश में पूरे शहर में पानी भर जाता है। करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं, फिर भी अव्यस्था बरकरार है। सभी विभागों को मिल कर ठोस प्लानिंग करनी चाहिए।

-अभिलाषा गुप्ता नंदी

मेयर, नगर निगम प्रयागराज

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