पाकिस्तान में पूर्व पीएम इमरान खान को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस व समर्थकों में अभी भी संघर्ष जारी है। पुलिस ने समर्थकों पर लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। इस दाैरान दाेनों पक्षाें से लोग घायल हुए। इमरान के अह्वाहन के बाद से मंगलवार से इस्लामाबाद पेशावर और कराची में समर्थक सड़कों पर उतरे हैं।


पाकिस्तान (रायटर) । पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान के आह्वान पर मंगलवार को पाकिस्तान के प्रमुख शहरों इस्लामाबाद, पेशावर और कराची आदि में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। इसके बाद से पाकिस्तान युद्ध का मैदान बना है। यहां पर बीते 15 घंटे से ज्यादा से विरोध-प्रदर्शन जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि पाकिस्तानी पुलिस और इमरान खान के समर्थकों ने लाहौर के पूर्वी शहर में पूर्व प्रधान मंत्री के घर के बाहर मंगलवार को जमकर लड़ाई लड़ी, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने समर्थकों पर लाठीचार्ज किया और आंसूगैस के गोले छोड़े। पुलिस द्वारा आंसूगैस के गोले दागे जाने से इमरान खान के कई समर्थक घायल हो गए। पिछले हफ्ते भी इसी तरह की झड़पें हुई थीं।अन्यथा कानून अपना काम करेगा
इस संबंध में सरकार के प्रवक्ता आमिर मीर ने रॉयटर्स को बताया कि अदालत के आदेश पर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए इस्लामाबाद से एक पुलिस दल पहुंचा था। इस पर पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने अपने समर्थकों को बुला लिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में समर्थक उनके घर के बाहर जमा हो गए। इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं ने हिंसा शुरू कर दी, जिसमें कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए। मीर ने कहा, "अगर इमरान इमरान कोर्ट में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करते हैं, तो यह अच्छा होगा, अन्यथा कानून अपना काम करेगा। मीर ने कहा कि सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अर्धसैनिक बलों को बुलाया है।स्वतंत्रता के लिए लड़ने का आह्वान इमरान खान ने अपने समर्थकों से कानून की सर्वोच्चता के लिए खड़े होने और सच्ची स्वतंत्रता के लिए लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो रिकॉर्डेड बयान में कहा कि पुलिस मुझे गिरफ्तार करने और जेल भेजने के लिए आई है। अगर मुझे कुछ हो जाता है और मुझे जेल भेज दिया जाता है या मुझे मार दिया जाता है, तो आपको यह साबित करना होगा कि आप इमरान खान के बिना भी संघर्ष करेंगे तथा इन चोरों और देश के लिए निर्णय लेने वाले एक व्यक्ति की गुलामी स्वीकार नहीं करेंगे। पीटीआई के फवाद चौधरी ने भी पीटीआई समर्थकों से इमरान के साथ एकजुटता दिखाने के लिए सड़कों पर इकट्ठा होने की अपील की है। पुलिस पर हमला करते दिखे समर्थक


वहीं इस संबंध में पुलिस उप महानिरीक्षक सैयद शहजाद नदीम ने संवाददाताओं से कहा, हम केवल अदालत के आदेश का पालन करने के लिए यहां आए हैं।" उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर पत्थर और ईंटों से पथराव करना शुरू कर दिया और जवाब में पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें चलाईं और कुछ मामलों में उन पर लाठीचार्ज भी किया। लाइव टीवी फुटेज में समर्थकों को गुलेल का इस्तेमाल करते हुए और ईंटों और डंडों से पुलिस पर हमला करते हुए दिखाया गया। खान के सहयोगी फवाद चौधरी ने रॉयटर्स को बताया कि संसद के विश्वास मत में पिछले साल की शुरुआत में अपदस्थ होने के बाद से इमरान कई अदालती मामलों में उलझे हुए हैं।

Posted By: Shweta Mishra