Nisarga Cyclone: क्लाइमेट चेंज होने से लगातार आ रहे चक्रवाती तूफान, समुद्र की सतह हो रही गर्म

2020-06-02T15:18:46Z

भारत में अम्फान तूफान को गए अभी 15 दिन भी नहीं हुए कि अरब सागर से उठा निसर्ग चक्रवाती तूफान का खतरा मंडराने लगा। निसर्ग तूफान मुंबई को हिट करेगा। लगातार दो तूफान के आने की वजह क्या है इस पर रिसर्चस ने क्लाइमेट चेंज को बड़ा कारक माना है।

नई दिल्ली (आईएएनएस)। चक्रवाती तूफान 'निसर्ग' धीरे-धीरे भारत की तरफ बढ़ रहा है। अभी एक हफ्ते पहले भारत ने अम्फान तूफान का सामना किया था और अब एक नई मुसीबत और आ रही। पिछले दो हफ्तों में लगातार दो तूफान के आने की वजह जलवायु परिवर्तन है। जलवायु विशेषज्ञों की मानें तो अनियोजित शहरी विकास क्लाइमेट के लिए बड़ा खतरा है। साथ ही तटीय इलाकों में मैंग्रोव पेड़ों का जिस तरह से हमने विनाश किया, उसने इन तूफानों को आमंत्रित करने में बड़ी भूमिका निभाई है। इसकी वजह से एक के बाद एक तूफान आ रहे और यह पहले से ज्यादा खतरनाक बन गए हैं।
बुधवार को भूस्खलन होने की आशंका
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को कहा कि अरब सागर में एक गंभीर चक्रवाती तूफान निसर्ग का खतरा बढ़ रहा है। इसकी वजह से बुधवार को मुंबई से 110 किलोमीटर उत्तर में भूस्खलन होने की आशंका है। वैज्ञानिकों ने अरब सागर के ऊपर मानसून के बाद के उष्णकटिबंधीय चक्रवातों की बढ़ती प्रवृत्ति को देखा है। हालांकि, वर्तमान घटनाएँ मानसून पूर्व के मौसम में भी चक्रवाती रुझानों में एक उल्लेखनीय वृद्धि की ओर इशारा करती हैं।निसर्ग और अम्फान जैसे चक्रवात समुद्र की सतह के तापमान में वृद्धि के कारण बनते हैं जो चक्रवातों को अधिक शक्तिशाली बना सकते हैं और बारिश की तीव्रता को बढ़ाते हैं।
क्यों आ रहे चक्रवाती तूफान
यह सिर्फ भारत में नहीं है, दुनिया भर में चक्रवाती तूफानों की इंटेंसिटी बढ़ती जा रही है। यानी कि यह पहले से ज्यादा खतरनाक हो रहे।वैज्ञानिकों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन सबसे मजबूत चक्रवातों को और अधिक शक्तिशाली बनाता रहेगा। कुछ रिसर्चस की मानें तो उत्तरी हिंद महासागर की सीमा से लगे देशों को प्रभावित करने वाले चक्रवातों की ताकत बढ़ रही है क्योंकि ग्रह गर्म हो गया है। क्लाइमेट चेंज की वजह से चक्रवात और बढ़ रहे हैं। समुद्र की सतह गर्म हो चुकी है, जिसकी वजह से इन तूफानों को और ताकत मिल जाती है। ये गर्म सतह इनकी ताकत के साथ-साथ हवा की गति को भी बढ़ा देती है। समुद्र की सतह जितनी गर्म होगी, साइक्लोन की स्पीड उतनी बढ़ती जाएगी। पिछले कुछ दशकों में हमने एक से बढ़कर खतरनाक और विनाशकारी तूफान देखे। इनकी वजह यही है।
समुद्र की गर्म सतह है बड़ी वजह
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मौसम विज्ञान के वैज्ञानिक राॅक्सी मैथ्यू टोल ने बताया, अम्फान और निसर्ग तूफान पर गौर करें तो इसमें एक बात काॅमन है। दोनों तूफानों को ताकत समुद्र की गर्म सतह से मिली। बंगाल की खाड़ी में जहां तापमान 30-33 डिग्री सेल्सियस था, तो वहां अम्फान तूफान आया। वहीं अरब सागर में भी टेंपरेचर 30-32 डिग्री रिकाॅर्ड किया गया है, जिससे निसर्ग तूफान का खतरा पैदा हुआ। मैथ्यू ने आगे बताया, "हम पहले से ही अरब सागर के ऊपर मानसून उष्णकटिबंधीय चक्रवातों में एक उल्लेखनीय वृद्धि देख रहे हैं। क्या हम प्री-मॉनसून के दौरान भी ऐसी प्रवृत्ति की ओर बढ़ रहे हैं? हाल के वर्षों के दौरान हमने अरब सागर के चक्रवातों में भारी वृद्धि देखी है, जो मानसून की शुरुआत के करीब है, लेकिन हम अभी तक यह नहीं समझ पाए हैं कि इसमें कोई जलवायु परिवर्तन तत्व है या नहीं।'

Posted By: Abhishek Kumar Tiwari

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