प्रदूषण फैलाने वाले अस्पतालों पर लगेगा ताला

2019-11-17T05:45:56Z

-पटना के 219 चिकित्सा संस्थानों को बंद करने का आदेश

PATNA

: राजधानी में अस्पतालों की ओर से बायो डिग्रेडेबल वेस्ट मैनेजमेंट में लापरवाही करने पर 219 अस्पताल और मेडिकल संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने जिले के सिविल सर्जन को 15 दिनों की मोहलत दी है कि बायो डिग्रेडेबल वेस्ट मैनेजमेंट लॉ-2016 का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को बंद कर सूचना दें। इन संस्थानों का बिजली कनेक्शन काटने के लिए साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक को भी पत्र लिखा गया है।

नियम तोड़ने में सरकारी अस्पताल भी आगे

कानून का उल्लंघन करने में राजधानी के सरकारी अस्पताल भी आगे हैं। नियम तोड़ने वाले संस्थानों में 72 सरकारी और निजी अस्पताल और संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा 73 डेंटल क्लीनिक और 74 पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटर का नाम शामिल है। पर्षद के अध्यक्ष डॉ। अशोक कुमार घोष के अनुसार सभी संस्थानों की जांच के बाद जैव चिकित्सा अपशिष्ट निपटारे के लिए ईटीपी लगाने को बीते अप्रैल में समय दिया गया था। सभी संस्थानों को अगस्त तक इंतजाम करना था। दोबारा जांच में प्रदूषण नियंत्रण कानून के उल्लंघन को देखते हुए सिविल सर्जन को सभी संस्थानों को बंद करने का आदेश दिया गया है। अध्यक्ष ने बताया कि जो संस्थान 15 दिनों में बंद नहीं होंगे उनके खिलाफ मुकदमा किया जाएगा।

इन पर गिरी गाज

-राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं अस्पताल

-राजकीय तिब्बी कॉलेज अस्पताल

-बुद्ध बर्न हॉस्पिटल

-एपेक्स हॉस्पिटल

-चाइल्ड हॉस्पिटल कंकड़बाग

-पाटलिपुत्र एडवांस डायग्नोस्टिक

-निदान डायग्नोस्टिक

-डिजिटल डायग्नोस्टिक

-बालाजी डिजिटल इमेज डायग्नोस्टिक

इन जगहों के अस्पताल भी होंगे बंद

-मोकामा

-बाढ़

-खुसरूपुर

-बख्तियारपुर

-मनेर

-पालीगंज

Posted By: Inextlive

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